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मुजाहिद आर्मी का खतरनाक मंसूबा: 5 आतंकियों ने रची थी बड़ी साजिश, अब 8 दिन की पुलिस रिमांड में होंगे बड़े खुलासे

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उत्तर प्रदेश आतंकवाद निरोधक दस्ता (यूपीएटीएस) ने सोमवार को मुजाहिद आर्मी बनाने और देश में शरीयत कानून लागू करने की साजिश रचने वाले पांच आतंकियों को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया. जिसके बाद एटीएस/एनआईए कोर्ट लखनऊ ने सभी आरोपियों को 8 दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया है.

एटीएस ने 29 सितंबर को केस दर्ज कर सबसे पहले चार आरोपियों को गिरफ्तार किया था. इनमें अकमल रजा पुत्र मो. शराफत अली निवासी- कंकरकोला, हलियापुर, जिला सुल्तानपुर, सफील सलमानी उर्फ अली रजवी पुत्र मीर मोहम्मद, निवासी-राबट्सगंज सोनभद्र, मो. तौसीफ पुत्र इसरार अहमद निवासी-63ए, सुजातगंज, नई बस्ती, घाटमपुर, कानपुर और कासिम अली पुत्र बब्बू शाह निवासी सराय कदीम, थाना-खजुरिया, रामपुर शामिल हैं.

मुजाहिदीन आर्मी बनाने की योजना का आरोप

इसके बाद 30 सितंबर को इस आतंकी मॉड्यूल के सरगना मोहम्मद रजा को केरल के मल्लपुरम से गिरफ्तार किया गया था. वह मूल रूप से फतेहपुर का रहने वाला है. आरोपियों पर हिंसात्मक जिहाद के जरिए लोकतांत्रिक सरकार को गिराने, शरीयत कानून लागू करने, हथियार जुटाने और मुजाहिदीन आर्मी बनाने की योजना का आरोप है.

कोर्ट से मिली 8 दिन की रिमांड

वहीं एटीएस को कोर्ट से 8 दिन की रिमांड मिली है. इस दौरान इनसे पूछताछ कर नेटवर्क, फंडिंग और हथियारों के स्रोतों का खुलासा करने की तैयारी है. यह गिरफ्तारी प्रदेश में आतंकी साजिश के बड़े खुलासे के रूप में देखी जा रही है.

सुबूतों के आधार पर पूछताछ करेगी एटीएस

एटीएस ने इनको 10 दिन की रिमांड पर देने के लिए अदालत में अर्जी दाखिल की थी. अब एटीएस उनके मोबाइल की फोरेंसिक जांच में मिले सुबूतों के आधार पर उनका आमना-सामना कराकर पूछताछ करेगी ताकि हिंदू धर्मगुरुओं की हत्या की साजिश से संबंधित नए तथ्य जुटाए जा सकें. साथ ही, उनके बैंक खातों का विश्लेषण कर फंडिंग करने वालों के बारे में पता लगाया जाएगा.

वहीं उनके वॉट्सएप के कोर ग्रुप मशवरा से जुड़े अन्य सदस्यों के बारे में भी पता लगाया जाएगा, जिसके बाद उन्हें भी गिरफ्तार कर पूछताछ की जाएगी. एटीएस उनसे हथियारों को जुटाने के बारे में भी पूछेगी और जिन जगहों पर उन्हें छिपाया गया है, वहां ले जाकर छानबीन करेगी.

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