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बड़ी खबर: हरियाणा कैडर के IPS वाई पूरन कुमार ने किया सुसाइड, पुलिस महकमे में मचा बवाल

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हरियाणा में एक आईपीएस अधिकारी ने सुसाइड कर लिया है. आईपीएस वाई पूरन कुमार ने चंडीगढ़ के सेक्टर-11 में स्थित अपने मकान नंबर-116 में खुद को गोली मार ली, जिससे उनकी जान चली गई. आईपीएस वाई पूरन कुमार के सुसाइड की सूचना मिलते ही हरियाणा पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया. आनन-फानन में पुलिस के आला अधिकारी मौके पर पहुंच गए और जांच-पड़ताल में जुट गए. वहीं आईपीएस वाई पूरन कुमार की IAS पत्नी अमनीत पी कुमार जापान दौरे पर हैं. वह सीएम नायब सिंह सैनी के साथ गए प्रतिनिधिमंडल का हिस्सा हैं.

जानकारी के अनुसार, आईपीएस वाई पूरन कुमार ADGP पुलिस ट्रेनिंग कॉलेज सुनारिया, रोहतक में तैनात थे. मंगलवार दोपहर को उनका शव चंडीगढ़ के सेक्टर11 में स्थित उनके निजी आवास पर पाया गया. घटना की सूचना मिलते ही चंडीगढ़ पुलिस की फॉरेंसिक टीम और CFSL टीम वाई पूरन कुमार के निवास स्थान पर पहुंची और जांच-पड़ताल शुरू कर दी. वाई पूरन सिंह 2001 बैच के आईपीएस अधिकारी थे. उनकी पत्नी अमनीत पी कुमार भी हरियाणा कैडर की आईएएस अधिकारी हैं. इस समय अमनीत पी कुमार विदेश सहयोग विभाग की आयुक्त एवं सचिव हैं.

घर के बेसमेंट में खुद को गोली मारी

मंगलवार को घर पर वाई पूरन कुमार और उनकी बेटी दो लोग ही थे. दोपहर के समय वाई पूरन कुमार अपनी सर्विस रिवॉल्वर लेकर घर में बने बेसमेंट में गए और वहीं पर खुद को गोली मार ली. गोली की आवाज सुनकर बेटी जब बेसमेंट में पहुंची तो नजारा देख दंग रह गई. पिता वाई पूरन कुमार का शव खून से लथपथ पड़ा हुआ था. बेटी चीखते-चिल्लाते हुए बाहर आई तो पड़ोसी मौके पर पहुंचे. पड़ोसियों ने घटना की जानकारी पुलिस को दी, जिसके बाद पुलिस टीम मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में ले लिया.

वहीं अभी तक आईपीएस वाई पूरन कुमार के सुसाइड की असली वजहों का पता नहीं चल पाया है. बेटी कुछ बोल पाने की हालत में नहीं है. उसका रो-रोकर बुरा हाल है. पत्नी अमनीत पी कुमार को भी जानकारी दे दी गई है.

वाई पूरन कुमार का विवादों से भी पुराना नाता

आईपीएस वाई पूरन कुमार का विवादों से पुराना नाता रहा है. कभी प्रमोशन को लेकर, कभी मनपसंद गाड़ी न मिलने को लेकर तो कभी आवास की शिकायत को लेकर वह चर्चा में रहे हैं. एक बार तो उन्होंने कई आईपीएस अधिकारियों पर आरोप लगा दिया था कि वह एक से अधिक आवास कब्जा किए हुए हैं. उन्होने ‘एक अधिकारी-एक आवास’ की नीति को लागू करने पर जोर दिया था.

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