भारतीय किसान संघ का 9 सूत्रीय मांग को लेकर प्रदर्शन, मुख्यमंत्री निवास का घेराव, पुलिस ने बढ़ाई सुरक्षा
रायपुर: बूढ़ातालाब धरना स्थल पर सोमवार को छत्तीसगढ़ भारतीय किसान संघ अपनी 9 सूत्रीय मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं. इसके पहले भी भारतीय किसान संघ ने कई बार तहसील और जिला स्तर पर कलेक्टर के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपा था. बावजूद इसके किसानों की समस्याओं पर गंभीरता से विचार नहीं किया गया. धरना प्रदर्शन के बाद छत्तीसगढ़ भारतीय किसान संघ मुख्यमंत्री निवास का घेराव करने भी निकले.
33 जिलों के किसान पहुंचे: छत्तीसगढ़ भारतीय किसान संघ के प्रदेश मंत्री मुकेश चौधरी ने बताया कि सरकार हमारी मांगों को पर ध्यान नहीं दे रही जिसके चलते आज प्रदेश भर के 33 जिलों के हजारों किसान इस प्रदर्शन में पहुंचे हुए हैं. उन्होंने बताया कि हाफ बिजली बिल योजना फिर से लागू किया जाए. नहर और जल की व्यवस्था अंतिम गांव तक पहुंचे.
इस प्रदर्शन के बाद भी अगर ध्यान नहीं दिया गया तो, आने वाले दिनों में किसान संघ चक्का जाम समेत उग्र प्रदर्शन करेगा– मुकेश चौधरी, प्रदेश महामंत्री छत्तीसगढ़ भारतीय किसान संघ
पुलिस ने बढ़ाई सुरक्षा: छत्तीसगढ़ भारतीय किसान संघ के प्रदेश अध्यक्ष माधो सिंह ने बताया कि छत्तीसगढ़ के सभी किसान अपनी पीड़ा लेकर बूढ़ा तालाब के पास आए हैं. इधर, मुख्यमंत्री निवास के घेराव कार्यक्रम को देखते हुए जगह-जगह पर पुलिस ने बैरिकेडिंग की है. इधर किसानों में भी जोश दिखा, उन्होंने कहा कि, हम मुख्यमंत्री निवास तक जरूर पहुंचेंगे.
छत्तीसगढ़ भारतीय किसान संघ की 9 सूत्रीय मांग
- घरेलू बिजली पर हाफ बिजली बिल योजना लागू की जाए और कृषि पंपों को 24 घंटे बिजली दी जाए.
- पिछले सरकार की धान बोनस की चौथी किश्त की राशि दीपावली के पहले भुगतान किया जाए.
- एग्रीस्टैक की विसंगतियों को दूर किया जाए, धान की राशि 3100 रुपए में बढ़ा हुआ समर्थन मूल्य 186 रुपए जोड़ कर दिया जाए और धान खरीदी 1 नवंबर से 15 फरवरी तक की जाए.
- धान खरीदी में किसानों से 40 किलो 700 ग्राम धान से अधिक नहीं लिया जाना चाहिए. सभी समितियों में यह अनिवार्य रूप से बैनर के माध्यम से प्रदर्शित किया जाए.
- खाद की कालाबाजारी बंद हो इसके लिए सहकारी समितियों में भंडारण सुनिश्चित किया जाए.
- प्रदेश में सिंचाई का रकबा बढ़ाया जाए. नहरों के माध्यम से अपनी अंतिम गांव तक पानी पहुंचे.
- दलहन तिलहन की खेती पर 20 हजार रुपए का अनुदान दिया जाए. रवि में दलहन तिलहन और मक्का सूरजमुखी की खरीदी की जाए.
- कृषक उन्नति योजना में गन्ना फसल को जोड़ा जाए और गन्ने का समर्थन मूल्य 500 रुपए प्रति क्विंटल किया जाए. गन्ना किसानों की बची हुई राशि का शीघ्र भुगतान किया जाए.
- जैविक खेती में जो अनुदान भारत सरकार देती है उसे छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा किसानों को जल्द प्रदान किया जाए.
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