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धनतेरस पर सोने की रिकॉर्ड बिक्री! इस बार भारतीयों ने क्यों खरीदा इतना Gold? वजह जान आप भी हो जाएंगे दंग

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इस बार धनतेरस पर सोने और चांदी की रिकॉर्ड बिक्री दर्ज की गई है. सोना- चांदी की रिकॉर्ड कीमतों के बीच आशंका जताई जा रही थी कि इस बार की बिक्री सुस्त रहेगी, लेकिन ठीक उल्टा हुआ. वॉल्यूम के हिसाब से बिक्री लगभग पिछले साल के बराबर रही, पर कीमतों में भारी उछाल के कारण वैल्यू के मामले में यह 25% से भी ज्यादा की बढ़ोतरी रही. सोने की कीमतों में 65% की तेजी और चांदी में 81% के उछाल के बावजूद लोगों का उत्साह कम नहीं हुआ. यह मात्र खरीदारी नहीं, बल्कि यह एक स्ट्रैटेजिक इन्वेस्टमेंट का संकेत हैं.

इस बार सोने के सिक्कों की रही डिमांड

एक्सपर्ट्स का कहना है कि इस साल ग्राहक मुख्य रूप से सोने और चांदी के सिक्कों की तरफ अपना रुख किए. इसके पीछे की वजह बड़ी साफ है. लोगों को लगता है कि कीमतों में यह उछाल आगे भी जारी रहेगा, इसलिए वे अभी खरीद कर मुनाफा कमाना चाहते हैं. दूसरा बड़ा कारण है कि ज्वैलरी पर लगने वाला मोटा मेकिंग चार्ज है. मुंबई के जवेरी बाजार से लेकर देश के कई हिस्सों में सिक्के खरीदने के लिए लंबी कतारें देखी गईं.

बाजार में इस धनतेरस पर सबसे ज्यादा मांग 24-कैरेट के 10 ग्राम सोने के सिक्कों की रही. इनकी कीमत लगभग ₹1.40 लाख प्रति सिक्का थी. धनतेरस को शुभ मानकर कीमती चीजें खरीदने की परंपरा है और इस साल लोगों ने इसे निवेश के अवसर के रूप में भुनाया. वहीं, ज्वैलरी की बात करें तो हल्के-फुल्के डिज़ाइन्स की डिमांड ज़्यादा रही. 22 और 18 कैरेट के हल्के आइटम बिके, जबकि युवा ग्राहकों ने थोड़े कम दाम वाले 9 और 14 कैरेट के विकल्प भी खूब पसंद किए.

धनतेरस पर बिक गया 60,000 करोड़ का सोना-चांदी

दरअसल, कई ग्राहकों ने पहले यह सोचकर अपनी खरीदारी टाल दी थी कि शायद कीमतें गिरेंगी. लेकिन जब कीमतों में कोई सुधार नहीं हुआ और सभी आर्थिक संकेतक नए रिकॉर्ड हाई की तरफ इशारा कर रहे हैं, तो लोगों का धैर्य टूट गया. कामा ज्वैलरी के मैनेजिंग डायरेक्टर, कॉलिन शाह का कहना है कि अब लोग गोल्ड खरीदने के लिए बाहर निकल आए हैं क्योंकि उन्हें समझ आ गया है कि कीमतें अब शायद नीचे नहीं आएंगी.

बता दें कि धनतेरस 2025 के दिन देशभर में जबरदस्त खरीदारी देखने को मिली. अनुमान है कि भारतीय ग्राहकों ने करीब एक लाख करोड़ रुपये खर्च किए. व्यापार संगठन ‘कैट’ के मुताबिक, सिर्फ सोना और चांदी की बिक्री ही 60,000 करोड़ रुपये के आसपास रही, जो पिछले साल के मुकाबले 25% ज्यादा है. इस बार सोने की कीमत 60% बढ़कर 1,30,000 रुपये प्रति 10 ग्राम के पार पहुंच गई, लेकिन इसके बावजूद खरीदार भारी संख्या में सर्राफा बाजारों में उमड़ पड़े.

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