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अर्ली मेनोपॉज और हाई ब्लड प्रेशर का क्या है कनेक्शन? एक्सपर्ट से जानें एस्ट्रोजन हार्मोन का असर और बचाव

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भारत में आज भी महिलाओं के स्वास्थ्य और मेनोपॉज (रजोनिवृत्ति) से जुड़ी कई गलतफहमियों व मिथकों पर आसानी से भरोसा कर लिया जाता है।

इससे जुड़ा एक बड़ा मिथक यह भी है कि क्या कम उम्र में मेनोपॉज हो जाने से हाई बीपी (High Blood Pressure) की गंभीर समस्या हो सकती है। चिकित्सकों के अनुसार, मेनोपॉज कोई बीमारी नहीं है बल्कि यह महिलाओं के जीवन का एक प्राकृतिक पड़ाव है। लेकिन यदि यह समय से पहले हो जाए, तो सेहत का विशेष ख्याल रखने की सख्त सलाह दी जाती है। 40 वर्ष की आयु से पहले मेनोपॉज होने की स्थिति को मेडिकल भाषा में ‘प्रीमेच्योर मेनोपॉज’ (Premature Menopause) कहा जाता है।

🌸 क्या होता है मेनोपॉज (What is Menopause)? जानें प्राकृतिक जैविक चरण की प्रक्रिया

सामान्यतः 45 से 55 वर्ष की आयु के बीच महिलाओं में मेनोपॉज की स्थिति आती है।

यह एक स्वाभाविक और प्राकृतिक जैविक चरण है, जिसमें मासिक धर्म (Periods) हमेशा के लिए बंद हो जाते हैं। इसके साथ ही प्राकृतिक रूप से गर्भधारण (Pregnancy) करने की क्षमता भी समाप्त हो जाती है। यदि किसी महिला को बिना किसी अन्य स्वास्थ्य समस्या के लगातार 12 महीनों तक पीरियड्स नहीं आते हैं, तो उसे मेनोपॉज माना जाता है। भारत में इसकी औसत आयु (Average Age) लगभग 51 वर्ष मानी गई है।

❤️ अर्ली मेनोपॉज से बढ़ता है हाई बीपी का खतरा, डॉ. मानिनी पटेल ने बताई मुख्य वजह

अपोलो स्पेक्ट्रा हॉस्पिटल जयपुर की ऑब्सटेट्रिक्स एंड गायनेकोलॉजी की सीनियर कंसल्टेंट डॉ. मानिनी पटेल का कहना है कि यदि किसी महिला में सामान्य उम्र (45-55 वर्ष) से पहले मेनोपॉज हो जाता है, तो आगे चलकर हाई ब्लड प्रेशर और हृदय रोगों (Heart Diseases) का जोखिम काफी बढ़ सकता है।

इसकी सबसे मुख्य वजह शरीर में एस्ट्रोजन हार्मोन (Estrogen Hormone) का स्तर अचानक कम होना है। यह हार्मोन हमारी रक्त धमनियों (Blood Vessels) को लचीला बनाए रखने और दिल को स्वस्थ रखने में सबसे अहम भूमिका निभाता है। जब इसका स्तर गिरने लगता है, तो धमनियां सख्त होने लगती हैं और ब्लड प्रेशर बढ़ने की संभावना अधिक हो जाती है। इसके अलावा मेनोपॉज के बाद वजन बढ़ना, पेट के आसपास फैट जमा होना, शारीरिक निष्क्रियता, तनाव, नींद की कमी और अनहेल्दी लाइफस्टाइल भी इस खतरे को और बढ़ा देते हैं।

🩺 हाई बीपी और दिल की बीमारियों से बचने के लिए रखें इन जरूरी बातों का ध्यान

डॉक्टरों के अनुसार, प्रीमेच्योर या अर्ली मेनोपॉज का सामना कर रही महिलाओं को अपनी लाइफस्टाइल पर विशेष ध्यान देना चाहिए:

  • नियमित स्वास्थ्य जांच: समय-समय पर ब्लड प्रेशर, ब्लड शुगर और लिपिड प्रोफाइल (कोलेस्ट्रॉल) की जांच कराते रहें।

  • संतुलित आहार: अपनी दैनिक खुराक में कैल्शियम, फाइबर और पौष्टिक तत्वों से भरपूर बैलेंस्ड डाइट लें।

  • नियमित व्यायाम: रोजाना कम से कम 30 मिनट वॉक, योग या हल्की एक्सरसाइज जरूर करें।

  • बुरी आदतों से दूरी: धूम्रपान (Smoking) और अल्कोहल का सेवन करने से बचें।

  • तनाव प्रबंधन: मानसिक तनाव को नियंत्रित रखने के लिए ध्यान (Meditation) और पर्याप्त नींद लें।

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