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पॉल्यूशन से जंग: दिल्ली को मिलेगी कृत्रिम बारिश की संजीवनी! मेरठ पहुंचा क्लाउड सीडिंग का विशेष विमान

दिल्ली के लोगों को जल्द ही प्रदूषण से राहत मिलने वाली है. दिल्ली सरकार अगले दो से तीन दिनों में क्लाउड सीडिंग कराने की तैयारी कर रही है. इस बहुप्रतीक्षित पहल को लेकर एक बड़ा अपडेट भी सामने आया है. क्लाउड सीडिंग के लिए विशेष एयरक्राफ्ट कानपुर से मेरठ के लिए रवाना हो चुका है. बादल होने की स्थिति में कल से लेकर अगले तीन दिन में कभी भी क्लाउड सीडिंग कराई जा सकती है. क्लाउड सीडिंग को गोपनीय रूप से किया जाएगा. बारिश होने के बाद इसकी जानकारी साझा की जाएगी.

राष्ट्रीय राजधानी और इसके आसपास के इलाकों में प्रदूषण की भयावह स्थिति से निपटने के लिए तैयारियां तेज कर दी गई हैं. जानकारी के मुताबिक, आने वाले दो से तीन दिनों में लोगों को जहरीली हवा से राहत मिलने की उम्मीद है. दरअसल, सरकार जल्द ही क्लाउड सीडिंग कराने जा रही है. इसके लिए विशेष एयरक्राफ्ट कानपुर से मेरठ के लिए रवाना हो चुका है.

क्लाउड सिडिंग का प्रोसेस

क्लाउड सीडिंग के लिए पाइरोटेक्निकनामक विशेष तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा. विशेष विमान के दोनों विंड्स के निचले हिस्से पर पाइरोटेक्निक फ्लेयर्स के 8 से 10 पॉकेट रखी गई हैं. इन्हीं पॉकेट के द्वारा क्लाउड सीडिंग की आगे की प्रक्रिया को पूरा किया जाएगा. जानकारी के अनुसार, इन पॉकेट में रखे केमिकल्स को बादलों के नीचे ब्लास्ट किया जाएगा, जिसके बाद कृत्रिम बारिश होगी.

100 किलोमीटर तक दिखेगा असर

हालांकि इसके बारे में पहले से कोई जानकारी नहीं दी जाएगी. क्लाउड सीडिंग की प्रक्रिया सफल होने के बाद इससे जुड़ी जानकारियों को साझा किया जाएगा. दरअसल, बादलों की अनुकूल स्थिति को देखते हुए, कल से लेकर अगले तीन दिनों (72 घंटों) में कभी भी क्लाउड सीडिंग की जा सकती है. क्लाउड सीडिंग का असर 100 किलोमीटर की रेंज में देखने को मिल सकता है, जिससे ये माना जा रहा है कि दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण से राहत मिल सकती है.

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