Local & National News in Hindi
ब्रेकिंग
‘गैंगस्टरां ते वार’ की शुरुआत के बाद पंजाब में गैंगस्टरों से संबंधित हत्याओं में भारी कमी, गोलीबारी ... मुख्य मंत्री ने हॉलैंड के महान हॉकी खिलाड़ी फ्लोरिस जान बोवेलैंडर से की मुलाकात, पंजाब के खिलाड़ियों... Road Accident: जिस घर से उठनी थी बेटे की बारात, वहां से उठी पिता की अर्थी; शादी के कार्ड बांटने निकल... Indore Viral News: गले में वरमाला और शादी का जोड़ा पहन DM ऑफिस पहुंचा दूल्हा, बोला- 'दुल्हन कैसे लाऊ... Bihar Bridge Collapse: तीन बार गिरे सुल्तानगंज पुल में 'वास्तु दोष'? निर्माण कंपनी अब करवा रही चंडी ... Kolkata Hospital Fire: कोलकाता के आनंदलोक अस्पताल में भीषण आग, खिड़कियां तोड़कर निकाले गए मरीज; पूरे... Kota British Cemetery: कोटा में हटेगा 168 साल पुराना 'विवादित' शिलालेख, भारतीय सैनिकों को बताया था '... Novak Djokovic Virat Kohli Friendship: विराट कोहली के लिए नोवाक जोकोविच का खास प्लान, भारत आकर साथ म... Salman Khan Vamshi Film Update: वामशी की फिल्म में सलमान खान का डबल रोल? हीरो के साथ विलेन बनकर भी म... Crude Oil Supply: भारत के लिए खुशखबरी! इराक और सीरिया का 15 साल से बंद बॉर्डर खुला, क्या अब और सस्ता...

पटना जंक्शन पर दो शव! भाई-बहन ने एक साथ खाया जहर, CCTV में लड़खड़ाते दिखे दोनों, पारिवारिक कलह या प्रेम प्रसंग? क्या है मौत का कारण?

बिहार की राजधानी पटना से एक बेहद दर्दनाक घटना सामने आई है. यहां पटना जंक्शन के पास भाई-बहन जहर खाकर घूमते रहे. फिर उनकी तबीयत बिगड़ गई. सीसीटीवी फुटेज में दोनों लड़खड़ाते दिखे. तत्काल उन्हें पटना के पीएमसीएच हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया, जहां दोनों की मौत हो गई. दोनों की पहचान गोपालगंज जिले के गोपालपुर थाना क्षेत्र के बनकट गांव निवासी दिनेश राय और उसकी बहन गोल्डी राय के रूप में हुई है.

जानकारी के अनुसार, दोनों भाई-बहन ने पटना के गांधी मैदान इलाके के पास किसी जहरीले पदार्थ का सेवन किया था. जहर खाने के बाद उनकी हालत तेजी से बिगड़ने लगी और वे अचेत होकर मैदान में गिर पड़े. इसके बाद किसी तरह वे पटना जंक्शन पहुंचे, जहां उनकी तबीयत और भी खराब हो गई. पटना जंक्शन पर तैनात आरपीएफ और जीआरपी के जवानों ने उन्हें पीएमसीएच में भर्ती कराया. हालांकि इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई.

मां का पहले ही हो चुका है निधन

दिनेश और गोल्डी बचपन से ही कठिन परिस्थितियों में जी रहे थे. दोनों की मां का निधन पहले ही हो चुका था. पिता भी बच्चों की जिम्मेदारी से दूर हो गए थे. ऐसे में उनके चाचा और चाची ने भाई-बहन को अपने घर में शरण देकर पालन-पोषण किया. लेकिन जब दोनों धीरे-धीरे बड़े हुए, तो कथित रूप से उनके व्यवहार और पारिवारिक परिस्थितियों को लेकर तनाव बढ़ता गया. परिवार ने उन पर जिम्मेदारी उठाने से इनकार कर दिया और उन्हें घर से बेदखल कर दिया.

घर से निकाल दिए जाने के बाद दिनेश और गोल्डी राजधानी पटना के कंकड़बाग इलाके में एक किराए के मकान में रह रहे थे. बताया जा रहा है कि आर्थिक तंगी, बेरोजगारी और जीवन में लगातार मिल रही उपेक्षा ने उन्हें मानसिक रूप से बेहद कमजोर कर दिया था. सामाजिक और पारिवारिक सहयोग की कमी ने उनकी परेशानियों को और बढ़ा दिया. इन परिस्थितियों से हताश होकर दोनों ने यह आत्मघाती कदम उठाया होगा, ऐसा प्रारंभिक अनुमान लगाया जा रहा है.

पुलिस घटना की जांच में जुटी

पुलिस ने बताया कि घटना के पीछे वास्तविक कारणों की पुष्टि अभी बाकी है. जीआरपी और आरपीएफ की संयुक्त टीम पूरे मामले की जांच कर रही है. दोनों के किराए के मकान, मोबाइल फोन और उनके संपर्कों की भी छानबीन की जा रही है. पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि कहीं किसी ने उन्हें इस कदम के लिए उकसाया तो नहीं, या यह पूरी तरह से मानसिक तनाव के चलते लिया गया निर्णय था. पुलिस का कहना है कि फिलहाल यह मामला आत्महत्या का प्रतीत होता है, लेकिन सभी तथ्यों को जोड़कर जांच पूरी होने के बाद ही अंतिम रूप से कारणों का खुलासा किया जाएगा.

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.