Local & National News in Hindi

मुझे दिखता है काला साया, मुझे बचाओ!’ 4 बच्चों की हत्यारी पूनम की गुहार; बोली- “मैंने सिर्फ विधि को मारा, बाकी के लिए जिम्मेदार रूहें

6

हरियाणा के पानीपत की साइको किलर पूनम…जिसने अपने बेटे के साथ-साथ 4 बच्चों की हत्या कर दी थी. इन मौतों को पहले परिजन हादसा मानते रहे, लेकिन जब पूनम ने विधि की हत्या की तो उसका पर्दाफाश हो गया और उसे गिरफ्तार कर लिया गया था. उसने पूछताछ में कबूल किया कि उसने 4 बच्चों की हत्या की और सभी को एक ही तरीके से डुबोकर मारा.

अब पूनम जेल में बंद है. सोनीपत पुलिस उसे साइकेट्रिस्ट के पास लेकर गई, जहां उससे कुछ सवाल किए गए. ये पता लगाने के लिए क्या वह वाकई में एक मनोरोगी है. इस दौरान डॉक्टर ने उससे कई सवाल किए, लेकिन उसने किसी भी सवाल का जवाब ठीक से नहीं दिया. इस दौरान उसने कहा कि मुझे काला साया दिखाई देता है, जब उससे पूछा गया कि ये काला साया एक बार ही दिखाई दिया तो उसने कहा कि नहीं मुझे बार-बार काला साया नजर आता है.

पुलिस पर पूनम ने लगाए आरोप!

इसके अलावा डॉक्टर ने जब उससे सवाल किए तो जवाब देते हुए वह बार-बार रोने लगती, लेकिन उसकी आंखों से आंसू एक नहीं निकला. इस दौरान उसने ये भी कहा उसे पुलिस से बचा लिया जाए. उसने कहा, मुझे कुछ याद नहीं है. पुलिस वाले मुझे पीटते हैं, मुझे जान से मार देंगे, मुझे बचा लो.” गिड़गिड़ाते हुए उसने ये बात कई बार कही और लगातार पुलिस पर आरोप लगाती रही.

डॉक्टर ने पूनम से सवाल-जवाब के बाद कहा कि ये कोई साइको नहीं है. वह जवाब देते हुए बार-बार रो रही थी, लेकिन उसकी आंख से आंसू नहीं आ रहे थे, वह पूरी तरह से स्वस्थ है. वह शातिर तरीके से जवाब दे रही है और नाटक कर रही है. पूछताछ के दौरान उसके बिहेवियर से वह किसी मनोरोग से पीड़ित नहीं लगी. साइकेट्रिस्ट ने कहा कि वह नाटक करके पुलिस को गुमराह करने की कोशिश कर रही है.

हर बार बयान बदलकर दिया जवाब

जब पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया था तो उसने माना था कि उसने चार बच्चों की हत्या की. पूनम से 50 सवाल किए गए, लेकिन उसने हर बार बयान बदलकर जवाब दिए. अब उसने चार बच्चों की हत्या करने की बात से भी इनकार किया और कहा कि उसने सिर्फ विधि की हत्या की थी. एडवोकेट संदीप शर्मा उर्फ स्वीटी ने कहा कि अगर किसी शख्स के मानसिक रूप से अस्वस्थ होने की बात कोर्ट में साबित हो जाती है तो न्यायाधीश पहले उसके इलाज की व्यवस्था करने के निर्देश देते हैं. इलाज पूरा होने और व्यक्ति के स्वस्थ होने के बाद ही आगे की कानूनी कार्रवाई और सजा की प्रक्रिया शुरू की जाती है, लेकिन अगर यह साबित हो जाए कि आरोपी मानसिक रूप से पूरी तरह स्वस्थ है तो मामले की सुनवाई सामान्य मामलों की तरह होती है.

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.