Local & National News in Hindi
ब्रेकिंग
‘गैंगस्टरां ते वार’ की शुरुआत के बाद पंजाब में गैंगस्टरों से संबंधित हत्याओं में भारी कमी, गोलीबारी ... मुख्य मंत्री ने हॉलैंड के महान हॉकी खिलाड़ी फ्लोरिस जान बोवेलैंडर से की मुलाकात, पंजाब के खिलाड़ियों... Road Accident: जिस घर से उठनी थी बेटे की बारात, वहां से उठी पिता की अर्थी; शादी के कार्ड बांटने निकल... Indore Viral News: गले में वरमाला और शादी का जोड़ा पहन DM ऑफिस पहुंचा दूल्हा, बोला- 'दुल्हन कैसे लाऊ... Bihar Bridge Collapse: तीन बार गिरे सुल्तानगंज पुल में 'वास्तु दोष'? निर्माण कंपनी अब करवा रही चंडी ... Kolkata Hospital Fire: कोलकाता के आनंदलोक अस्पताल में भीषण आग, खिड़कियां तोड़कर निकाले गए मरीज; पूरे... Kota British Cemetery: कोटा में हटेगा 168 साल पुराना 'विवादित' शिलालेख, भारतीय सैनिकों को बताया था '... Novak Djokovic Virat Kohli Friendship: विराट कोहली के लिए नोवाक जोकोविच का खास प्लान, भारत आकर साथ म... Salman Khan Vamshi Film Update: वामशी की फिल्म में सलमान खान का डबल रोल? हीरो के साथ विलेन बनकर भी म... Crude Oil Supply: भारत के लिए खुशखबरी! इराक और सीरिया का 15 साल से बंद बॉर्डर खुला, क्या अब और सस्ता...

मातोश्री से शिव सेना भवन तक एक ही गूंज, उद्धव-राज के साथ आने से क्या मुंबई में फिर चलेगा ‘ब्रांड ठाकरे’?

महाराष्ट्र में बीएमसी सहित 29 नगर निगमों में 15 जनवरी को चुनाव हैं. इस चुनाव में पहली बार शिवसेना (यूबीटी) के नेता उद्धव ठाकरे और एमएनसी पार्टी के प्रमुख राज ठाकरे एक साथ आए हैं. दोनों चचेरे भाई पहली एक साथ चुनावी मैदान में हैं और रविवार को दोनों ही भाइयों ने बीएमसी चुनाव के लिए मेनिफेस्टो भी जारी कर मुंबई के विकास का वादा किया है, लेकिन बीएमसी चुनाव में ‘ब्रांड ठाकरे’ की साख दांव पर है.

इस बीएमसी चुनाव के नतीजे तय कर देंगे कि मुंबई में ब्रांड ठाकरे का सिक्का अब भी चलता है या फिर नहीं. चुनाव आयोग द्वारा जारी किए गए लिस्ट के मुताबिक, मुंबई में कल 87 ऐसी सीटें हैं, जहां पर शिंदे सेना और ठाकरे बंधुओं में सीधी लड़ाई है. इनमें ज्यादातर मराठी बहुल इलाके हैं.

इसमें शिवसेना (UBT) और शिंदे सेना के बीच 69 सीटों पर सीधी टक्कर है. एमएनएस और शिंदे सेना के बीच 18 सीटों पर टक्कर है. इसके अलावा शिवसेना (यूबीटी) और बीजेपी की 97 सीटों पर टक्कर है.

मुंबई चुनाव में मराठी अस्मिता का मुद्दा

पिछले लोकसभा और विधानसभा चुनाव में मुंबई में शिंदे सेना के मुकाबले शिवसेना यूबीटी का प्रदर्शन काफी अच्छा था. अब ठाकरे बंधुओं के साथ आने से शिवसेना (यूबीटी) की ताकत और बढ़ गई है.

ब्रैंड ठाकरे के मराठी मानुस और मराठी अस्मिता के मुद्दे को काउंटर करने के लिए शिंदे सेना और बीजेपी की तरफ से लगातार हिंदुत्व के पिच पर पूरा चुनाव प्रचार किया जा रहा है.

रविवार को मुंबई में शिवसेना भवन में एक जॉइंट प्रेस कॉन्फ्रेंस में उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे ने बीएमसी चुनाव के लिए चुनावी घोषणा पत्र जारी किया. शिवसेना भवन में राज ठाकरे लगभग दो दशक बाद लौटे थे. मैनिफेस्टो के कवर पर शिवसेना के फाउंडर बालासाहेब ठाकरे के साथ ठाकरे के चचेरे भाइयों को जगह दी गई है.

इस अवसर पर उद्धव ठाकरे ने कहा कि “मुंबई का मेयर एक मराठी होगा.” राज ठाकरे ने भी इसी तरह की बात कही. उन्होंने कहा कि मुंबई और महाराष्ट्र के दूसरे शहरों का मेयर मराठी होना चाहिए और मराठी भाषा का सम्मान किया जाना चाहिए.

मुंबई चुनाव में ‘ठाकरे ब्रांड’ की साख पर लगा दांव

शिवसेना (UBT)-MNS गठबंधन ने कई सिविक सुधारों का वादा किया, जिसमें सस्ते घर और हेल्थकेयर, पब्लिक ट्रांसपोर्ट और एजुकेशन में मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर शामिल हैं. मैनिफेस्टो के तहत, घरेलू मदद के तौर पर काम करने वाली महिलाओं और कोली महिलाओं को प्रस्तावित स्वाभिमान निधि स्कीम के तहत 1,500 रुपये महीने का भत्ता मिलेगा.

गठबंधन ने मिनिमम बस किराया 10 रुपये से घटाकर 5 रुपये करने, और बसें और रूट जोड़ने, 700 स्क्वायर फीट तक के घरों पर प्रॉपर्टी टैक्स खत्म करने और रीडेवलप्ड बिल्डिंग्स में हर फ्लैट पर एक पार्किंग स्पेस पक्का करने का भी वादा किया.

पिछले विधानसभा चुनाव में उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे को झटका लगा था और अब निगम चुनाव में दोनों ही भाइयों की साख दांव पर लगी है. इस चुनाव के परिणाम उनकी सियासत के लिए काफी अहम मानी जा रही है.

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.