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सिस्टम हारा, इंसानियत जीती: एंबुलेंस नहीं मिली तो बस बनी ‘डिलीवरी रूम’, महिला यात्रियों ने कराया सफल प्रसव

मध्य प्रदेश के छतरपुर से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां एक महिला ने चलती बस में बच्चे को जन्म दिया. एंबुलेंस समय पर न पहुंच पाने के कारण एक गर्भवती महिला की मजबूरन यात्री बस में ही डिलीवरी करानी पड़ी. यह घटना जिले के चंद्रनगर क्षेत्र से जिला अस्पताल छतरपुर लाते समय हुई, जिसने सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं.

जानकारी के मुताबिक चंद्रनगर की रहने वाली गर्भवती महिला को अचानक तेज लेबर पेन शुरू हुआ. परिजन ने डिलीवरी के लिए जननी एक्सप्रेस 108 एंबुलेंस को कॉल की, लेकिन काफी कोशिश के बावजूद एंबुलेंस नहीं मिल सकी. मजबूरी में परिजन महिला को एक यात्री बस में बैठाकर जिला अस्पताल छतरपुर के लिए रवाना हुए. बस कुछ ही दूरी पर पहुंची थी कि महिला को बहुत ज्यादा दर्द होने लगा.

महिला को बस से पहुंचाया जिला अस्पताल

ऐसे में चलती बस में ही महिला की डिलीवरी करानी पड़ी. बस में मौजूद महिला यात्रियों और परिजन की मदद से महिला ने बस के अंदर ही बेटे को जन्म दिया. इस तरह चलती बस में किलकारी गूंज उठी और बस में खुशी का माहौल बन गया. डिलीवरी के तुरंत बाद ड्राइवर ने बस से ही महिला को जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां जच्चा-बच्चा को चिकित्सकीय देखरेख में लिया गया. अब दोनों सुरक्षित बताए जा रहे हैं.

महिला के परिजन ने मामले पर क्या कहा?

महिला के परिजन का कहना है कि हमने कई बार 108 एंबुलेंस को फोन किया, लेकिन कोई मदद नहीं मिली. मजबूरी में बस से अस्पताल ले जा रहे थे, तभी रास्ते में ही डिलीवरी हो गई. अगर समय पर एंबुलेंस मिल जाती तो यह हालात नहीं बनते. यह घटना न सिर्फ प्रशासनिक लापरवाही को उजागर करती है. बल्कि, ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों में गर्भवती महिलाओं को मिलने वाली स्वास्थ्य सुविधाओं की सच्चाई भी सामने रखती है, जहां एक गर्भवती महिला को समय पर एंबुलेंस तक नहीं मिल पाई.

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