Local & National News in Hindi

UP में रजिस्ट्री का खेल खत्म! अब बिना ‘खतौनी’ में नाम के नहीं बेच पाएंगे जमीन; योगी सरकार का भू-माफियाओं पर सबसे बड़ा प्रहार

0 9

उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अगुवाई में आज मंगलवार को अहम कैबिनेट बैठक में 30 प्रस्तावों को मंजूरी दे दी गई. योगी कैबिनेट ने उस प्रस्ताव को भी अपनी मंजूरी दे दी है जिसके तहत अब किसी भी संपत्ति को बेचने से पहले विक्रेता का नाम खतौनी या अन्य दस्तावेज में मिलान किया जाएगा. यदि दोनों जगह नाम आपस में नहीं मिलते हैं तो इसकी जांच कराई जाएगी. इस नई व्यवस्था के जरिए खरीद-फरोख्त से जुड़े फर्जीवाड़ा पर लगाम लगाई जा सकेगी.

सीएम योगी की अगुवाई वाली बैठक में आज 31 प्रस्तावों पर चर्चा की गई जिनमें से 30 प्रस्तावों को मंजूरी दे दी गई. तो वहीं 3 प्रस्तावों को होल्ड पर रख दिया गया. बैठक में प्रॉपर्टी से जुड़ी रजिस्ट्रेशन प्रोसेस को पारदर्शी बनाने को लेकर अहम फैसला लिया गया. नए बदलाव के तहत अब किसी भी संपत्ति को बेचने से पहले विक्रेता का नाम का खतौनी में मिलान किया जाएगा. यदि खतौनी में नाम अलग मिलता है तो रजिस्ट्रेशन विभाग इसकी जांच करेगा.

रजिस्ट्री से पहले खतौनी की होगी जांच

नए फैसले के तहत खतौनी जांच के बाद ही रजिस्ट्री कराई जा सकेगी. जबकि इससे पहले सिर्फ आधार और वोटर आईडी कार्ड देखकर ही रजिस्ट्री कराई जाती थी. मामला सामने आने पर स्टाम्प एवं पंजीयन विभाग पहले प्रॉपर्टी बेचने वाले की पहचान जानने के लिए खतौनी में नाम की जांच करेगा. फिर स्टाम्प निबंधन विभाग प्रॉपर्टी की मालिकाना हक की जांच करेगा. प्रॉपर्टी की मिल्कियत की जांच किए बगैर अब स्टाम्प एवं पंजीयन विभाग रजिस्ट्रेशन नहीं कर सकेगा.

राज्य की बीजेपी सरकार ने सर्किल रेट पर एक फीसदी शुल्क और विकास शुल्क के 2 फीसदी अतिरिक्त स्टांप शुल्क से जुड़े प्रावधानों में भी बदलाव किया है. पहले यह राशि यूसी जारी होने के बाद निकायों को दी जाती थी, जिसे अब छमाही आधार पर जारी किया जाएगा. सर्किल रेट के आधार पर ही स्टाम्प शुल्क लगेगा. संबंधित नगर निगम सीमा के अंदर 2 फीसदी विकास शुल्क भी अलग से होगा.

हर गांव में चलाई जाएगी छोटी बस

प्रॉपर्टी से जुड़ी रजिस्ट्री के अलावा ग्रामीण परिवहन व्यवस्था को लेकर अहम फैसला लिया गया है, कि मुख्यमंत्री ग्रामीण परिवहन योजना के तहत 59163 गांवों में बस जाए. हर ग्राम सभा में बस जाएगी. अभी तक 12 हजार से अधिक गांवों में बस नहीं जा रही थी. इस योजना के तहत हर गांव में बस जाएगी. इस सेवा में सरकार कोई टैक्स नहीं लेगी. इसमें प्राइवेट बस सर्विस को भी जोड़ने की कोशिश करेंगे. इसमें छोटी बसें होंगी.

Leave A Reply

Your email address will not be published.