Balod Water Crisis Alert: भीषण गर्मी को लेकर अलर्ट पर बालोद नगर पालिका, जलापूर्ति के लिए विशेष प्लान तैयार; अवैध पंप जब्ती का अभियान शुरू
बालोद: मार्च का महीना अभी आधा ही बीता है और सूर्यदेव के तल्ख तेवरों ने लोगों को हलाकान करना शुरू कर दिया है. आने वाली भीषण गर्मी में शहरवासियों को बूंद-बूंद पानी के लिए न तरसना पड़े, इसके लिए बालोद नगर पालिका ने अपनी कमर कस ली है. पालिका प्रशासन ने खराब पड़े टैंकरों की मरम्मत पूरी कर ली है, वहीं अब अवैध रूप से टुल्लू पंप लगाकर पानी खींचने वालों पर सर्जिकल स्ट्राइक की तैयारी है.
वार्ड 14 और 15 की प्यास बुझाएगी नई टंकी
मुख्य नगर पालिका अधिकारी (CMO) मोबिन अली ने बताया कि शहर के वार्ड क्रमांक 14 और 15 में हर साल पानी की भारी समस्या खड़ी होती है. इसे देखते हुए कुंदरू पारा में नवनिर्मित पानी टंकी को आम जनता के लिए खोलने का निर्णय लिया गया है. वर्तमान में इस टंकी की टेस्टिंग प्रक्रिया शुरू कर दी गई है. इस नई व्यवस्था से शहर के प्रमुख दो से तीन इलाकों में भीषण गर्मी के दौरान भी शुद्ध पेयजल की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित की जा सकेगी.
टुल्लू पंप पर सीधी कार्रवाई: कटेगा कनेक्शन, लगेगा जुर्माना
पेयजल व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए पालिका अब सख्त रुख अख्तियार कर रही है. सीएमओ मोबिन अली ने मीडिया से चर्चा करते हुए स्पष्ट किया कि टुल्लू पंप का उपयोग करने वालों के खिलाफ विशेष टीम गठित कर दी गई है.
नुकसान: एक घर में टुल्लू पंप चलने से आसपास के कम से कम 10 घरों में पानी का दबाव (प्रेशर) कम हो जाता है.
कार्रवाई: छापामार कार्रवाई के दौरान टुल्लू पंप पाए जाने पर न केवल मशीन जब्त की जाएगी, बल्कि नल कनेक्शन काटने के साथ-साथ भारी जुर्माना भी वसूला जाएगा. पालिका ने जनता से अपील की है कि वे खुद ही टुल्लू पंप हटा लें
हमने पेयजल आपूर्ति की सभी व्यवस्थाएं सुनिश्चित कर ली हैं. टैंकरों को दुरुस्त कर लिया गया है और नई टंकी भी जल्द शुरू होगी. टुल्लू पंप चलाने वालों के खिलाफ हम जल्द ही मैदान में उतरेंगे- मोबिन अली, सीएमओ, नगर पालिका बालोद
डैम पर निर्भरता कम, वैकल्पिक स्रोत एक्टिव
अक्सर देखा जाता है कि गर्मी बढ़ने पर जलाशयों का जलस्तर कम हो जाता है, क्योंकि उसी जलाशय से सिंचाई और उद्योगों को भी पानी दिया जाता है. इस बार बालोद नगर पालिका ने केवल डैम के भरोसे न रहने का फैसला किया है.प्रशासन ने शहर के विभिन्न हिस्सों में स्थित भूमिगत जल स्रोतों (बोरवेल और अन्य) की मरम्मत करवाकर उन्हें एक्टिव कर दिया है, ताकि आपात स्थिति में शहर की जल आपूर्ति प्रभावित न हो.
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