Chhattisgarh Assembly: विधानसभा में उठा घटिया चावल खरीदी का मुद्दा, विपक्ष ने जिम्मेदारों को सस्पेंड करने की उठाई मांग; सदन में तीखी बहस

रायपुर : छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र के दौरान प्रश्नकाल में कोरबा जिले में अमानक चावल खरीदी का मामला जोरदार तरीके से उठा. कांग्रेस विधायक व्यास कश्यप ने इस मुद्दे को सदन में उठाते हुए सरकार से पूछा कि आखिर कितनी मात्रा में अमानक चावल खरीदा गया और इसकी अनुमानित कीमत क्या है.
विधायक ने जिम्मेदारों पर कार्रवाई की मांग की
कांग्रेस विधायक व्यास कश्यप ने कहा कि यदि अमानक चावल की खरीदी हुई है तो यह गंभीर लापरवाही है, क्योंकि इसका सीधा असर सार्वजनिक वितरण प्रणाली के माध्यम से आम जनता को मिलने वाले खाद्यान्न की गुणवत्ता पर पड़ सकता है. उन्होंने यह भी पूछा कि इस मामले में किन अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की गई है और उनके खिलाफ अब तक क्या कार्रवाई की गई है.
8 हजार क्विंटल अमानक चावल की खरीदी
इस पर जवाब देते हुए खाद्य मंत्री दयालदास बघेल ने सदन को बताया कि जांच में कोरबा जिले में 8 हजार क्विंटल से अधिक अमानक चावल खरीदे जाने की बात सामने आई है. इस चावल की अनुमानित कीमत करीब 3 करोड़ 34 लाख रुपये आंकी गई है. मंत्री ने बताया कि मामले को गंभीरता से लेते हुए विभाग ने कार्रवाई की है और अधिकारी प्रमोद जांगड़े को निलंबित कर दिया गया है. इसके अलावा विभागीय स्तर पर अन्य कर्मचारियों की भी जिम्मेदारी तय की जा रही है.
नेता प्रतिपक्ष ने कार्रवाई का दिन पूछा
इस दौरान नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत ने मंत्री से पूछा कि संबंधित अधिकारी को कब निलंबित किया गया और जांच की वर्तमान स्थिति क्या है. उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में पारदर्शिता जरूरी है, ताकि जनता को भरोसा मिल सके कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है.क्या प्रशासन ने संबंधित अधिकारी को छुट्टी वाले दिन रविवार को निलंबित किया.इसका जवाब जरुर दें.
मंत्री ने जांच का दिया आश्वासन
मंत्री ने बताया कि इस मामले की जांच के लिए भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण यानी FSSAI से भी जांच कराई गई है. इसके साथ ही विभाग ने अलग से एक जांच दल का गठन किया है, जो पूरे मामले की विस्तृत जांच कर रहा है.मंत्री के अनुसार अब तक दो कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की गई है, जबकि दस अन्य कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। विभागीय स्तर पर जांच जारी है और दोषियों के खिलाफ आगे भी कार्रवाई की जाएगी.
विपक्ष ने जवाब पर जताई असंतुष्टि, सदन का किया बहिर्गमन
हालांकि मंत्री के जवाब से विपक्ष पूरी तरह संतुष्ट नहीं हुआ. कांग्रेस विधायकों ने आरोप लगाया कि इस मामले में असली दोषियों को बचाने की कोशिश की जा रही है. उच्चस्तरीय जांच की मांग को लेकर विपक्षी विधायकों ने सदन में नारेबाजी की और विरोध स्वरूप सदन से बहिर्गमन कर दिया.






