छत्तीसगढ़

Crime News: कैफे में युवतियों से छेड़छाड़ और भाइयों पर जानलेवा हमला, अपहरण की धमकी देने वाले मनचलों पर FIR; पुलिस तलाश में जुटी

रायपुर। राजधानी के रेलवे स्टेशन स्थित कैफे लाइट में शुक्रवार की रात जन्मदिन मनाने पहुंचीं युवतियों के साथ तीन बदमाशों ने छेड़छाड़ की। विरोध करने पर आरोपितों ने युवतियों के भाइयों पर कुर्सियों से हमला कर दिया। घटना का वीडियो इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित होने के बाद जीआरपी ने दोनों पक्षों की शिकायत पर एफआइआर दर्ज की है।

पीड़ित पक्ष के अनुसार शुक्रवार रात करीब 12 बजे वे परिवार के साथ केक काटने के बाद खाना खाने कैफे पहुंचे थे। तभी वहां मौजूद नशे में धुत तीन बदमाशों ने युवतियों पर आपत्तिजनक कमेंट किए और फ्लाइंग किस कर अश्लील हरकतें करने लगे।

कैफे की कुर्सियां उठाकर मारना शुरू कर दिया

आरोपित उनके टेबल के पास आकर बैठने लगे और उनके अपहरण तक की बात कह डाली। जब युवती के भाइयों ने आरोपितों को मना किया, तो बदमाशों ने कॉलर पकड़कर मारपीट शुरू कर दी। देखते ही देखते आरोपितों ने कैफे की कुर्सियां उठाकर मारना शुरू कर दिया।

आरपीएफ ने युवतियों को कार तक सुरक्षित छोड़ा

घटना के बाद युवतियां आरपीएफ के पास पहुंची, लेकिन तब तक आरोपित फरार हो चुके थे। आरपीएफ ने युवतियों को कार तक सुरक्षित छोड़ा। शनिवार शाम को मारपीट का वीडियो इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित होने के बाद मामला गरमाया, जिसके बाद रविवार को दोनों पक्ष जीआरपी थाना पहुंचे।

बहनों पर गंदे कमेंट किए, मना करने पर कुर्सियों से पीटा

शुक्रवार को मेरी बहन का जन्मदिन था। घर पर केक काटने के बाद हम सभी भाई बहन रेलवे परिसर स्थित कैफे लाइट में खाना खाने गए थे। रात करीब 12 बजे हमने वहां पहुंचकर ऑर्डर दिया। जैसे ही हम बैठे, वहां मौजूद तीन बदमाशों ने मेरी बहनों की तरफ देखकर फ्लाइंग किस किया और भद्दे कमेंट्स करने लगे।

खुशी के माहौल में हम विवाद नहीं चाहते थे, इसलिए उन्हें नजरअंदाज किया। इसके बाद आरोपित हमारे ठीक पीछे वाली टेबल पर आकर बैठ गए और अश्लील बातें करने लगे। उन्होंने यहां तक कह दिया कि इन्हें उठाकर ले चलते हैं। जब मैंने विरोध किया, तो उन्होंने मेरा कॉलर पकड़ लिया और मारपीट शुरू कर दी।

वे नशे में इतने धुत थे कि कुर्सियां उठा-उठाकर हमें मारने लगे। रात करीब 1:30 बजे हम आरपीएफ थाने पहुंचे। ड्यूटी पर तैनात कर्मियों ने हमारा बयान लिया और आरोपितों की तलाश की, लेकिन तब तक वे फरार हो चुके थे। बाद में आरपीएफ के जवानों ने हमें कार तक सुरक्षित छोड़ दिया। जैसा पीड़ितों ने नईदुनिया को बताया।

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