चारधाम यात्रा पर ‘सख्त’ पहरा! रजिस्ट्रेशन के बिना नहीं मिलेंगे दर्शन, गैर-सनातनी प्रवेश पर रोक; ऐसे होगी पहचान—जानें धामी सरकार का नया फरमान
श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) ने 19 अप्रैल से शुरू होने वाली चार यात्रा के लिए दर्शन को लेकर नई व्यवस्था लागू करने का ऐलान किया है. यात्रा के दौरान मंदिर में केवल सनातन आस्था रखने वाले श्रद्धालुओं को ही प्रवेश दिया जाएगा, जबकि गैर सनातन श्रद्धालुओं का प्रवेश पूरी तरह वर्जित रहेगा. इस व्यवस्था के तहत यात्रा पंजीकरण के जरिए ही यात्रियों की जानकारी जुटाई जाएगी और उसी के आधार पर प्रवेश का निर्णय लिया जाएगा.
बीकेटीसी अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने इस पर विस्तृत जानकारी दी है. उन्होंने कहा कि चारधाम यात्रा के लिए पंजीकरण के दौरान यात्रियों को अपना पूरा विवरण नाम, पता, धर्म और आस्था सहित अन्य जरूरी जानकारी देनी होगी. उन्होंने कहा कि रजिस्ट्रेशन के दौरान ही गैर सनातन पर्यटकों की पहचान की जाएगी. पहचान करने के बाद गैर सनातनी यात्रियों को मंदिर में प्रवेश से पहले ही रोक दिया जाएगा. उन्होंने कहा कि यह निर्णय यात्रा व्यवस्था को अधिक व्यवस्थित और सुरक्षित बनाने के लिए लिया गया है. इसके साथ ही मंदिर परिसर में सुरक्षा और निगरानी भी बढ़ाई जाएगी.
चारधाम श्रद्धालुओं के लिए पंजीकरण अनिवार्य
चार धाम यात्रा शुरू होने पहल समिति की ओर कई अहम निर्णय लिए गए. वहीं यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं को किसी तरह की कोई अव्यवस्था का सामना ना करने पड़े इसके लिए तैयारियों पर जोर दिया जा रहा है. आगामी चारधाम और अन्य तीर्थस्थलों में दर्शन के लिए आने वाले सभी यात्रियों को यात्रा पंजीकरण कराना अनिवार्य होगा. इस प्रक्रिया के जरिए ही यह सुनिश्चित किया जाएगा कि केवल सनातन आस्थावान लोग ही मंदिर परिसर में प्रवेश कर सकें.
सारा अली खान का मामला अलग
वहीं समिति ने सारा अली मामले पर बयान दिया. समिति की तरफ से कहा गया कि सारा अली खान का मामला विशेष है और इसे सामान्य नियमों से अलग रखा गया है. हेमंत द्विवेदी ने कहा कि सारा अली खान सनातन आस्था रखती हैं, उनकी मां भी हिंदू हैं और उन्होंने हमेशा सनातन धर्म के प्रति अपनी आस्था व्यक्त की है. इसलिए उनके लिए हलफनामे की व्यवस्था बनाई गई है.
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