Local & National News in Hindi
ब्रेकिंग
‘गैंगस्टरां ते वार’ की शुरुआत के बाद पंजाब में गैंगस्टरों से संबंधित हत्याओं में भारी कमी, गोलीबारी ... मुख्य मंत्री ने हॉलैंड के महान हॉकी खिलाड़ी फ्लोरिस जान बोवेलैंडर से की मुलाकात, पंजाब के खिलाड़ियों... Road Accident: जिस घर से उठनी थी बेटे की बारात, वहां से उठी पिता की अर्थी; शादी के कार्ड बांटने निकल... Indore Viral News: गले में वरमाला और शादी का जोड़ा पहन DM ऑफिस पहुंचा दूल्हा, बोला- 'दुल्हन कैसे लाऊ... Bihar Bridge Collapse: तीन बार गिरे सुल्तानगंज पुल में 'वास्तु दोष'? निर्माण कंपनी अब करवा रही चंडी ... Kolkata Hospital Fire: कोलकाता के आनंदलोक अस्पताल में भीषण आग, खिड़कियां तोड़कर निकाले गए मरीज; पूरे... Kota British Cemetery: कोटा में हटेगा 168 साल पुराना 'विवादित' शिलालेख, भारतीय सैनिकों को बताया था '... Novak Djokovic Virat Kohli Friendship: विराट कोहली के लिए नोवाक जोकोविच का खास प्लान, भारत आकर साथ म... Salman Khan Vamshi Film Update: वामशी की फिल्म में सलमान खान का डबल रोल? हीरो के साथ विलेन बनकर भी म... Crude Oil Supply: भारत के लिए खुशखबरी! इराक और सीरिया का 15 साल से बंद बॉर्डर खुला, क्या अब और सस्ता...

UPI Record: डिजिटल इंडिया का दम! सालभर में हुआ 300 लाख करोड़ रुपये का ट्रांजेक्शन, टूटा पिछला रिकॉर्ड

यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस यानी यूपीआई ने वित्त वर्ष 2026 में एक और बड़ा रिकॉर्ड बना दिया है. पूरे साल में यूपीआई के जरिए 308 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा के ट्रांजैक्शन हुए, जो इसकी तेजी से बढ़ती लोकप्रियता को दिखाता है. मार्च 2026 में ही ट्रांजैक्शन वैल्यू 30 लाख करोड़ रुपये के करीब पहुंच गई. इसका मतलब है कि हर दिन औसतन करीब 1 लाख करोड़ रुपये का लेनदेन यूपीआई के जरिए हो रहा है, जो डिजिटल इंडिया की ताकत को दिखाता है.

मार्च में रिकॉर्ड ट्रांजैक्शन

मार्च 2026 में यूपीआई ने 29.53 लाख करोड़ रुपये के ट्रांजैक्शन किए, जो अब तक का सबसे बड़ा मासिक आंकड़ा माना जा रहा है. इस दौरान 22.6 अरब ट्रांजैक्शन दर्ज किए गए, जो एक नया रिकॉर्ड है. पूरे वित्त वर्ष 2026 की बात करें तो कुल ट्रांजैक्शन 241.6 अरब तक पहुंच गए. यह दिखाता है कि देश में डिजिटल पेमेंट का इस्तेमाल तेजी से बढ़ रहा है. नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया के आंकड़ों के अनुसार, पूरे साल में रोजाना औसतन 84,500 करोड़ रुपये का लेनदेन हुआ, जो डिजिटल पेमेंट सिस्टम की मजबूती को दर्शाता है.

ग्रोथ रेट धीमी, लेकिन विस्तार लगातार जारी

यूपीआई की ग्रोथ जारी है, लेकिन इसकी रफ्तार थोड़ी धीमी हुई है. वित्त वर्ष 2026 में ट्रांजैक्शन वैल्यू में 18.5 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई, जबकि पिछले साल यह 30 प्रतिशत थी. इससे पहले के साल में ग्रोथ 40 प्रतिशत तक रही थी. विशेषज्ञ मानते हैं कि जैसे जैसे यूपीआई ज्यादा लोगों तक पहुंच रहा है, खासकर छोटे शहरों और ग्रामीण इलाकों में, वैसे वैसे ग्रोथ रेट सामान्य हो रहा है. फिर भी कुल वैल्यू और ट्रांजैक्शन की संख्या लगातार बढ़ रही है.

छोटे व्यापारियों से बढ़ी रफ्तार

यूपीआई के विस्तार में छोटे व्यापारियों और दुकानदारों की बड़ी भूमिका रही है. कुल ट्रांजैक्शन में करीब 62 प्रतिशत हिस्सा मर्चेंट पेमेंट का है, लेकिन वैल्यू के मामले में पर्सन टू पर्सन ट्रांजैक्शन अभी भी ज्यादा है. मर्चेंट पेमेंट का बड़ा हिस्सा 500 रुपये से कम के ट्रांजैक्शन का है, जिससे कुल वैल्यू कम रहती है. दूसरी तरफ, पर्सन टू पर्सन ट्रांजैक्शन में बड़ी रकम के लेनदेन ज्यादा होते हैं, जिससे कुल वैल्यू ज्यादा बनती है. यही कारण है कि छोटे शहरों और गांवों में यूपीआई का इस्तेमाल तेजी से बढ़ रहा है.

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.