Local & National News in Hindi
ब्रेकिंग
‘गैंगस्टरां ते वार’ की शुरुआत के बाद पंजाब में गैंगस्टरों से संबंधित हत्याओं में भारी कमी, गोलीबारी ... मुख्य मंत्री ने हॉलैंड के महान हॉकी खिलाड़ी फ्लोरिस जान बोवेलैंडर से की मुलाकात, पंजाब के खिलाड़ियों... Road Accident: जिस घर से उठनी थी बेटे की बारात, वहां से उठी पिता की अर्थी; शादी के कार्ड बांटने निकल... Indore Viral News: गले में वरमाला और शादी का जोड़ा पहन DM ऑफिस पहुंचा दूल्हा, बोला- 'दुल्हन कैसे लाऊ... Bihar Bridge Collapse: तीन बार गिरे सुल्तानगंज पुल में 'वास्तु दोष'? निर्माण कंपनी अब करवा रही चंडी ... Kolkata Hospital Fire: कोलकाता के आनंदलोक अस्पताल में भीषण आग, खिड़कियां तोड़कर निकाले गए मरीज; पूरे... Kota British Cemetery: कोटा में हटेगा 168 साल पुराना 'विवादित' शिलालेख, भारतीय सैनिकों को बताया था '... Novak Djokovic Virat Kohli Friendship: विराट कोहली के लिए नोवाक जोकोविच का खास प्लान, भारत आकर साथ म... Salman Khan Vamshi Film Update: वामशी की फिल्म में सलमान खान का डबल रोल? हीरो के साथ विलेन बनकर भी म... Crude Oil Supply: भारत के लिए खुशखबरी! इराक और सीरिया का 15 साल से बंद बॉर्डर खुला, क्या अब और सस्ता...

आजादी के ‘अमृत काल’ में ये कैसी मजबूरी? सूरजपुर में 1KM पैदल चलकर डबरी का गंदा पानी पीने को मजबूर ग्रामीण

0

सूरजपुर: आजादी के अमृत काल में भी जिले के भैयाथान में गुलामी के जमाने के हालात हैं. यहां खेत में बने गड्ढे में जमा पानी पीने को ग्रामीण मजबूर है. स्थानीय भाषा में इसे ढोरी या डबरी कहते हैं जहां भरे पानी को पीकर न जाने कितनी बीमारियों को ये लोग दावत दे रहे हैं. लेकिन इनका कहना है कि आखिर करें तो करें क्या? जीएं या मरें पानी तो पीना ही है.

ऐसा पानी जिसे पीना तो दूर, छूने से भी लगे डर

भैयाथान विकासखंड के ग्राम पंचायत केवटाली के जुडहा पारा और बरपारा में रहने वाले ग्रामीण खेत में बने डबरी का गंदा पानी पी रहे हैं. ऐसा पानी पीने को ग्रामीण मजबूर हैं जिसे आप छूना तक पसंद नहीं करेंगे. ग्रामीणों का कहना है कि करीब 10-15 साल से पेयजल की कोई सुविधा ही मुहैया नहीं कराई गई.

डेढ़ किलोमीटर चलने की मजबूरी

ग्रामीणों को दिन हो या रात एक डेढ़ किलोमीटर दूर चलने के बाद भी गंदा पानी ही नसीब होता है. ग्रामीणों ने आपबीती सुनाते हुए कहा कि इस पानी को पीने से बच्चे में बीमारी फैलती रहती है और हमेशा हॉस्पिटल ले जाना पड़ता है. इसका असर हमारी आर्थिक स्थिति पर भी पड़ता है. और तो और ये डबरी जंगल के पास रहने के कारण जंगली जानवरों का खतरा भी बना रहता है.

बच्चे पानी को देखकर बोलते हैं कि इसे कैसे पीएं, लेकिन क्या करें मजबूरी है पानी नहीं पीएंगे तो कैसे रहेंगे, अब जीएं या मरें ये पानी पीने की ही मजबूरी है– सुमित्रा, ग्रामीण

आंदोलन की तैयारी

यहां के स्थानीय जन-प्रतिनिधि भी शासन प्रशासन की व्यवस्था पर ही सवाल खड़े कर रहे. उनका यहां तक कहना है कि जनप्रतिनिधियों और बाकी कई मदों की मिलने वाली राशि का आवंटन तक हमें नहीं हुआ है. अब जनप्रतिनिधि भी ग्रामीणों के साथ मिलकर आंदोलन की तैयारी में है. वहीं मामले में प्रशासनिक अधिकारी इस मामले में बचते नजर आए.

Leave A Reply

Your email address will not be published.