Local & National News in Hindi
ब्रेकिंग
‘गैंगस्टरां ते वार’ की शुरुआत के बाद पंजाब में गैंगस्टरों से संबंधित हत्याओं में भारी कमी, गोलीबारी ... मुख्य मंत्री ने हॉलैंड के महान हॉकी खिलाड़ी फ्लोरिस जान बोवेलैंडर से की मुलाकात, पंजाब के खिलाड़ियों... Road Accident: जिस घर से उठनी थी बेटे की बारात, वहां से उठी पिता की अर्थी; शादी के कार्ड बांटने निकल... Indore Viral News: गले में वरमाला और शादी का जोड़ा पहन DM ऑफिस पहुंचा दूल्हा, बोला- 'दुल्हन कैसे लाऊ... Bihar Bridge Collapse: तीन बार गिरे सुल्तानगंज पुल में 'वास्तु दोष'? निर्माण कंपनी अब करवा रही चंडी ... Kolkata Hospital Fire: कोलकाता के आनंदलोक अस्पताल में भीषण आग, खिड़कियां तोड़कर निकाले गए मरीज; पूरे... Kota British Cemetery: कोटा में हटेगा 168 साल पुराना 'विवादित' शिलालेख, भारतीय सैनिकों को बताया था '... Novak Djokovic Virat Kohli Friendship: विराट कोहली के लिए नोवाक जोकोविच का खास प्लान, भारत आकर साथ म... Salman Khan Vamshi Film Update: वामशी की फिल्म में सलमान खान का डबल रोल? हीरो के साथ विलेन बनकर भी म... Crude Oil Supply: भारत के लिए खुशखबरी! इराक और सीरिया का 15 साल से बंद बॉर्डर खुला, क्या अब और सस्ता...

Kota British Cemetery: कोटा में हटेगा 168 साल पुराना ‘विवादित’ शिलालेख, भारतीय सैनिकों को बताया था ‘खून का प्यासा और बदमाश’

राजस्थान के कोटा में नयापुरा स्थित ब्रिटिश कब्रिस्तान में मेजर चार्ल्स बर्टन की कब्र पर लगे विवादित शिलालेख को हटाने की सिफारिश कर दी है. शिलालेख पर लिखे शब्दों को पहले भी कई बार हटाने की मांग की जा चुकी है. दरअसल, 168 साल पुराना ब्रिटिश कब्रिस्तान में विवादित शिलालेख लगा है, जिसमें लिखा है कि भारतीय सिपाही खून के प्यासे और बदमाश, बदला लेंगे.

कोटा प्रशासन ने आखिरकार नयापुरा स्थित ब्रिटिश कब्रिस्तान में मेजर चार्ल्स बर्टन की कब्र पर लगे विवादित शिलालेख को हटाने की सिफारिश कर दी है. कोटा उपखंड अधिकारी (एसडीएम) ने कलेक्टर को इसकी तथ्यात्मक रिपोर्ट दी है. इसमें उन्होंने साफ लिखा है कि शिलालेख पर लिखी भाषा कोटा के स्वतंत्रता सेनानियों के प्रति अपमानजनक और आम जनमानस की भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाली है. इसलिए इस शिलालेख को कब्रिस्तान से हटाना उचित होगा. उन्होंने 13 अप्रैल को रिपोर्ट आगे की कार्रवाई के लिए कलेक्टर को भेजी है.

हटेगा 168 साल पुराना शिलालेख

रिपोर्ट में लिखा कि इस शिलालेख पर कोटा रियासत के स्वतंत्रता सेनानियों के लिए उपयोग किए शब्दों का कोटा के इतिहासकार, राजनीतिज्ञ और आम व्यक्ति लगातार विरोध करते हुए इसे हटाने की मांग कर रहे हैं. इसलिए इसे हटाना उचित होगा. रिपोर्ट के अनुसार अभी कब्रिस्तान की देखरेख कोटा हेरिटेज सोसायटी कर रही है.

शिलालेख पर सैनिकों के बारे में रक्तपिपासु और बदमाश शब्द का जिक्र किया गया है. विवादित शिलालेख 168 साल पहले लगाया गया था. लगातार बढ़ रहा है विरोध, इतिहासकारों ने इसे कोटा का अपमान बताया गौरतलब है कि कब्रिस्तान में मेजर बर्टन की पत्नी ने उनकी कब्र पर एक शिला पट्टिका लगवाई गई थी, जो आज भी लगी है. इसका लगातार विरोध और हटाने की मांग जोर पकड़ रही है.

कई संगठनों ने शिलालेख हटाने की मांग की

भारतीय इतिहास संकलन समिति, कोटा दक्षिण से भाजपा विधायक संदीप शर्मा, भाजपा नेता पंकज मेहता, बजरंग दल, विश्व हिंदू परिषद, एबीवीपी, एनएसयूआई, इंटैक सहित विभिन्न संस्थाओं और इतिहासकारों ने विवादित शिलालेख को हटाने की मांग कर रहे हैं. उनका कहना है कि क्रांतिकारियों का अपमान कोटा के हर व्यक्ति का अपमान है.

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.