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Badrinath News: दान में हेराफेरी के आरोप में मंदिर समिति के कर्मचारी पर गिरी गाज, पुलिस हिरासत में प्रमोद नौटियाल

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बद्रीनाथ मंदिर में चढ़ावा चोरी को लेकर मचे बवाल के बीच पहली बड़ी गिरफ्तारी हुई है। पुलिस ने गहन जांच के बाद आरोपी प्रमोद नौटियाल को गिरफ्तार कर लिया है। उत्तराखंड पुलिस ने बद्रीनाथ मंदिर में चढ़ावे और दान के प्रबंधन में कथित अनियमितताओं के मामले में नौटियाल को उनके आवास से हिरासत में लिया। चमोली के एसएसपी सुरजीत सिंह पंवार ने पुष्टि की कि रविवार रात गिरफ्तारी के बाद उन्हें पूछताछ के लिए बद्रीनाथ लाया गया है।

🔍 पीए के पद पर तैनाती और आरोपों की शुरुआत

आरोपी प्रमोद नौटियाल वर्तमान में समिति के अध्यक्ष के पीए के पद पर तैनात थे, बावजूद इसके उनकी ड्यूटी बदरीनाथ में प्रोटोकॉल एवं दान गणना में लगाई गई थी। 2 जुलाई को भैरव सेना ने आरोप लगाया था कि नौटियाल ने मंदिर में दान की गिनती के दौरान चोरी की है और यह घटना सीसीटीवी में कैद हुई है। मंदिर समिति के सीईओ ने 4 सदस्यीय टीम का गठन किया, जिसने सीसीटीवी फुटेज की जांच के बाद 7 जुलाई को नौटियाल को निलंबित कर दिया।

🏃 निलंबन के बाद से फरार थे आरोपी

निलंबन के बाद मंदिर अधिकारी युद्धवीर पासवान ने आरोपी प्रमोद नौटियाल के खिलाफ बदरीनाथ थाने में एफआईआर दर्ज करवाई। इसके बाद 8 जुलाई से नौटियाल अपना फोन बंद कर लापता हो गए थे। उन्होंने गिरफ्तारी से बचने के लिए हाईकोर्ट का भी रुख किया था, लेकिन पुलिस ने अंततः उन्हें गिरफ्तार कर लिया।

📄 18 पन्नों की जांच रिपोर्ट में बड़ा खुलासा

4 सदस्यीय विभागीय टीम ने 11 जुलाई को सीईओ कार्यालय को 18 पन्नों की रिपोर्ट सौंपी। इस रिपोर्ट में प्रमोद नौटियाल को 2 जुलाई को एक से अधिक बार पैसों में हेराफेरी करते हुए दोषी पाया गया। साथ ही, 29 जून को भी उन्हें पैसों जैसी कोई वस्तु ले जाते हुए संदिग्ध स्थिति में देखा गया था। फिलहाल, कमिश्नर की अध्यक्षता में एक अलग टीम भी मामले की जांच कर रही है।

⚖️ मंदिर समिति की कृपा और आरोपी का बयान

वर्ष 2014 में इंटरनेट कोऑर्डिनेटर के रूप में नियुक्त नौटियाल को मंदिर समिति ने नियमों से हटकर पदोन्नति दी और अध्यक्ष का पीए बनाया। वर्तमान में उन्हें प्रोटोकॉल जैसी संवेदनशील जिम्मेदारी सौंपी गई थी। पुलिस पूछताछ के दौरान जब पत्रकारों ने आरोपों पर सवाल किया, तो नौटियाल ने खुद को बेगुनाह बताया।

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