Sonam Wangchuk Protest: वांगचुक को जंतर-मंतर से हटाने पर भड़के राहुल गांधी, कहा- सरकार का आधार ‘असत्य और हिंसा’
नई दिल्ली: कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने शनिवार को सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक (Sonam Wangchuk) को जंतर-मंतर से हटाए जाने का कड़ा विरोध किया है। उन्होंने ‘एक्स’ (X) पर पोस्ट करते हुए केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला और आरोप लगाया कि नरेंद्र मोदी सरकार के मूल सिद्धांत ‘असत्य और हिंसा’ हैं। राहुल ने स्पष्ट कहा कि जब वांगचुक शांतिपूर्ण तरीके से अपना अनशन कर रहे थे, तब उन्हें वहां से हटाया जाना पूरी तरह से गलत है।
‘लोकतंत्र और संविधान पर एक और काला धब्बा’
कांग्रेस पार्टी ने भी सोनम वांगचुक को जंतर-मंतर से अस्पताल स्थानांतरित करने संबंधी दिल्ली पुलिस की इस कार्रवाई की कड़ी आलोचना की है। पार्टी ने इसे देश के लोकतंत्र और संविधान के ऊपर ‘एक और काला धब्बा’ करार दिया है। वहीं, राहुल गांधी ने प्रश्न पत्र लीक, शिक्षा की बढ़ती लागत और विद्यार्थियों की आत्महत्या जैसे गंभीर मुद्दों का जिक्र करते हुए कहा कि कोई भी ताकत भारत के विद्यार्थियों और उनसे प्रेम करने वालों को इन अहम मुद्दों को उठाने से रोक नहीं सकती।
The core tenets of the Modi government are Asatya and Hinsa.
The removal of Sonam Wangchuk ji from Jantar Mantar while he was on a non-violent hunger strike is wrong.
Paper leaks, the rising cost of education, and student suicides are critical issues for India’s future.
No…
— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) July 18, 2026
पुलिस का दावा: ‘हाईकोर्ट के निर्देश और बिगड़ते स्वास्थ्य के कारण उठाया कदम’
गौरतलब है कि जंतर-मंतर पर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल के 21वें दिन स्वास्थ्य बिगड़ने के बाद शनिवार तड़के वांगचुक को दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में शिफ्ट कर दिया गया। नई दिल्ली के पुलिस उपायुक्त (DCP) सचिन शर्मा ने बताया कि यह कदम चिकित्सा सलाह और दिल्ली उच्च न्यायालय (Delhi High Court) के निर्देशों के अनुरूप उठाया गया है। पुलिस के मुताबिक, इस दौरान कुछ प्रदर्शनकारियों ने कार्रवाई में बाधा डालने का प्रयास किया, जिससे थोड़ी देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया। हालांकि, पुलिस का दावा है कि पुलिसकर्मियों ने अधिकतम संयम बरतते हुए पूरी कार्रवाई को सफलतापूर्वक अंजाम दिया।
कार्यकर्ताओं का आरोप, दिल्ली पुलिस ने किया बल प्रयोग
पुलिस की इस कार्रवाई के तुरंत बाद कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने दिल्ली पुलिस पर प्रदर्शनकारियों पर बल प्रयोग करने का गंभीर आरोप लगाया है। दीपके ने ‘एक्स’ पर लिखा, “दिल्ली पुलिस ने मेरे साथ मारपीट की है और मुझे हिरासत में ले लिया है।” इसके साथ ही, कॉजपा ने एक वीडियो भी साझा किया है, जिसमें वांगचुक को सफेद चादर में लपेटकर प्रदर्शन स्थल से ले जाते हुए दिखाया गया है। पार्टी ने कहा, “20 दिनों से भूख हड़ताल पर बैठे एक कमजोर बुजुर्ग को पुलिस ने सफेद चादर में लपेटकर वहां से उठा लिया, यह देश के लिए शर्म की बात है।” बता दें कि कांग्रेस पहले ही वांगचुक के गिरते स्वास्थ्य पर चिंता जताते हुए उनसे अपनी भूख हड़ताल समाप्त करने का आग्रह कर चुकी थी।
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