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CM Yogi in Amroha: ‘पहले हर जिले में होते थे दंगे’, अमरोहा में गरजे सीएम योगी, सैफई सिंडिकेट पर साधा निशाना

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अमरोहा: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) ने शनिवार को अमरोहा में पूर्ववर्ती सरकारों पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने दावा किया कि पहले राज्य के हर जिले में दंगे होते थे और आम जनता असुरक्षित महसूस करती थी, लेकिन भारतीय जनता पार्टी (BJP) सरकार ने कानून-व्यवस्था को मजबूत कर माफियाओं के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई की है। सीएम योगी ने गजरौला स्थित वेंकटेश्वर विश्वविद्यालय में अमरोहा और धनौरा विधानसभा क्षेत्रों के लिए 207 करोड़ रुपये से अधिक लागत की 43 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। इसके बाद उन्होंने एक विशाल जनसभा को संबोधित किया।

‘सुरक्षा में सेंध लगाने वालों के लिए जेल या जहन्नुम ही जगह’

जनसभा को संबोधित करते हुए सीएम योगी ने कहा कि हमारी सरकार जनप्रतिनिधियों के प्रत्येक प्रस्ताव को धरातल पर उतार रही है। विकास कार्यों के लिए धन की कोई कमी नहीं है, बल्कि इसके लिए समय, सही सोच, संवेदना, नीति और नीयत की आवश्यकता होती है। मुख्यमंत्री ने कड़े शब्दों में कहा, “पिछली सरकारों में हर जिले में दंगे होते थे और लोग असुरक्षित थे। हमने स्पष्ट कर दिया है कि जो भी सुरक्षा में सेंध लगाएगा, उसके लिए केवल जेल या जहन्नुम ही जगह है। हमारी सरकार ने माफिया को मिट्टी में मिलाने का काम किया है।”

‘सैफई का सिंडिकेट युवाओं की नौकरियों पर डालता था डकैती’

मुख्यमंत्री ने दावा किया कि उत्तर प्रदेश अब देशभर में सुरक्षा और सुशासन का मॉडल प्रस्तुत कर रहा है। योगी ने कहा, “सुरक्षा से सुशासन आता है, सुशासन निवेश लाता है और निवेश से समृद्धि का मार्ग प्रशस्त होता है।” उन्होंने पिछली समाजवादी पार्टी (SP) सरकार पर बड़ा आरोप लगाते हुए कहा कि पहले नौकरियों में भारी पक्षपात होता था। मुख्यमंत्री ने कहा, “अब हर भर्ती में अमरोहा और धनौरा का नौजवान भी नियुक्ति पत्र पा रहा है, जबकि पहले रामपुर और सैफई का सिंडिकेट युवाओं की नौकरियों पर डकैती डालता था।” उन्होंने जनता को आश्वस्त किया कि अब किसी के अधिकारों पर डकैती नहीं डाली जा सकती, क्योंकि अब उनकी अपनी सरकार है।

गन्ना किसानों को बड़ी राहत, 400 रुपये प्रति क्विंटल हुआ समर्थन मूल्य

मुख्यमंत्री ने पिछली सरकारों की नाकामियां गिनाते हुए दावा किया कि वर्ष 2017 से पहले विकास, औद्योगिक निवेश और किसानों को गन्ना मूल्य का भुगतान सुचारु रूप से नहीं हो पाता था। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्ष 2007 से 2017 के बीच 29 चीनी मिलें बंद कर दी गईं और 21 चीनी मिलों को औने-पौने दाम पर बेच दिया गया। योगी ने कहा, “अगर वही सरकारें आज भी होतीं, तो उत्तर प्रदेश का चीनी उद्योग पूरी तरह बंद हो चुका होता।” उन्होंने बताया कि वर्तमान में राज्य में 122 चीनी मिलों का सुचारू रूप से संचालन हो रहा है और किसानों को अब तक 3.23 लाख करोड़ रुपये का गन्ना मूल्य भुगतान किया जा चुका है। मुख्यमंत्री ने कहा कि गन्ने का समर्थन मूल्य बढ़कर 400 रुपये प्रति क्विंटल हो गया है और उत्तर प्रदेश आज चीनी, गन्ना तथा इथेनॉल उत्पादन में देश का अग्रणी राज्य बन चुका है।

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