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Sonam Wangchuk Message: भूख हड़ताल खत्म होने के बाद सोनम वांगचुक का बड़ा बयान, कहा- ‘यह जवाबदेही की शुरुआत है’

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प्रसिद्ध एक्टिविस्ट और सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने देश की शिक्षा व्यवस्था में सुधार और रिफॉर्म की मांग को लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर पर भूख हड़ताल के जरिए एक लंबी लड़ाई की शुरुआत की थी. आखिरकार उन्होंने अपने 26 दिनों का यह लंबा अनशन बीती 23 जुलाई को समाप्त कर दिया था. इसके बाद अब आज सुबह सोनम वांगचुक ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी कर देश के नाम अपना एक और महत्वपूर्ण संदेश शेयर किया है. उन्होंने कहा कि हमारी भूख हड़ताल भले ही अब खत्म हो गई है, लेकिन यह तो व्यवस्था में जवाबदेही तय करने की असली शुरुआत है…! वांगचुक ने विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि उन्हें देश की केंद्र सरकार और विभिन्न राजनीतिक दलों के सम्मानित सांसदों की तरफ से यह ठोस भरोसा मिला है कि भारतीय संसद के भीतर खराब होती परीक्षा प्रणाली और जवाबदेही के इस गंभीर मुद्दे पर पूरी गंभीरता के साथ चर्चा की जाएगी.

🤝 “छात्रों पर दर्ज नहीं होंगे मुकदमे और पीड़ित परिवारों को मिलेगा उचित मुआवजा”

अपने वीडियो संदेश में सोनम वांगचुक ने आगे बताया कि सरकार की ओर से उन्हें यह भी पूरा भरोसा दिलाया गया है कि हाल ही में नीट (NEET) परीक्षा का पेपर लीक होने के कारण मानसिक तनाव के चलते आत्महत्या करने वाले छात्र-छात्राओं के पीड़ित परिवारों को सरकार की तरफ से उचित मुआवजा प्रदान किया जाएगा. इसके अलावा, यह भी आश्वस्त किया गया है कि शांतिपूर्ण ढंग से अपनी मांगों को लेकर विरोध प्रदर्शन कर रहे देश के छात्रों और युवाओं के खिलाफ भविष्य में कोई भी नया पुलिस केस दर्ज नहीं किया जाएगा.

🏛️ पक्ष और विपक्ष के करीब 65 सांसदों ने दिया समर्थन, सदन में उठाने का वादा

इस पूरे अनशन के अनुभव को साझा करते हुए वांगचुक ने बताया कि देश के विभिन्न राजनीतिक दलों के लगभग 65 से अधिक सांसदों ने व्यक्तिगत रूप से आकर और अपने हस्ताक्षर करके उनसे यह आग्रह किया था कि वे अपना अनशन अब तोड़ दें. उन्होंने बताया कि मिलने आए सभी सांसदों ने उन्हें इस बात का पक्का आश्वासन दिया है कि वे संसद के आगामी सत्र में इस ज्वलंत मुद्दे को प्रमुखता से उठाएंगे और इस पर व्यापक चर्चा करेंगे. इसके साथ ही, सरकार की तरफ से आए केंद्रीय मंत्रियों ने भी उन्हें इस विषय पर खुलकर बात करने का पूरा भरोसा दिया था. वांगचुक ने यह भी साफ किया कि वह सरकार की तरफ से इस आश्वासन के लिखित रूप में मिलने का इंतजार कर रहे थे, जिसके कारण उन्हें अपने इस अनशन की समयसीमा को थोड़ा और आगे बढ़ाना पड़ा था.

🙏 प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोनम वांगचुक के उत्तम स्वास्थ्य की कामना की

सोनम वांगचुक द्वारा 26 दिनों का लंबा आमरण अनशन समाप्त किए जाने के कुछ ही घंटों बाद, देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया के माध्यम से उनसे विनम्र आग्रह किया कि वे डॉक्टरों की सभी सलाह का पूरी तरह पालन करें और अपनी सेहत में सुधार लाते हुए जल्द से जल्द अपनी पुरानी फिटनेस वापस पाएं. पीएम मोदी ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा था, “मैं सोनम जी से आग्रह करता हूं कि वे अपनी दिनचर्या में डॉक्टरों के निर्देशों का पालन करें और जल्द से जल्द अपना पुराना वजन वापस हासिल करें. मैं सर्वशक्तिमान ईश्वर से उनके उत्तम स्वास्थ्य और लंबी उम्र की प्रार्थना करता हूं.”

⚖️ “दोषियों को पकड़कर जेल भेजा गया, छात्रों का साल बचाना थी हमारी प्राथमिकता” – पीएम मोदी

अपने संदेश में प्रधानमंत्री ने यह भी दोहराया था कि इस मामले में नामजद सभी मुख्य दोषियों को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है और वे इस वक्त सलाखों के पीछे जेल में हैं. हमारी सबसे बड़ी और अहम जिम्मेदारी यह सुनिश्चित करना था कि देश के किसी भी छात्र का एक भी बहुमूल्य शैक्षणिक वर्ष (एकेडमिक ईयर) बर्बाद न होने पाए, इसलिए जल्द से जल्द दोबारा परीक्षाएं करवाना बेहद जरूरी था. इसी को ध्यान में रखते हुए मैंने संबंधित सभी विभागों को फास्ट-ट्रैक कोर्ट के गठन के संबंध में जरूरी और कड़े निर्देश दे दिए हैं.

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