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Kanker Malaria Outbreak News: कांकेर में मलेरिया का खौफनाक आउटब्रेक! दो 9 वर्षीय छात्रों की दर्दनाक मौत, हॉस्टलों में 11 पॉजिटिव

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कांकेर: छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले में अचानक मलेरिया के मरीज तेजी से बढ़े हैं। पिछले दो दिनों के भीतर मलेरिया की चपेट में आने से दो 9 वर्षीय मासूम छात्रों की मौत हो चुकी है। इस गंभीर स्थिति के बाद स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन पूरी तरह से अलर्ट मोड पर आ गया है। वहीं, इरादाह और मर्दापोटी छात्रावासों (हॉस्टलों) में कुल 11 छात्र मलेरिया पॉजिटिव पाए गए हैं, जिनका नजदीकी स्वास्थ्य केंद्रों में उपचार जारी है।

🏥 3 सगी बहनों को तेज बुखार के बाद अस्पताल में कराया गया भर्ती, 2 की हालत गंभीर

स्वास्थ्य विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, डोमाहर्रा निवासी तीन सगी बहनों को तेज बुखार आने के बाद जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उपचार के दौरान 9 वर्षीय करीना विश्वकर्मा की मौत हो गई, जबकि उसकी दो अन्य बहनों का इलाज चल रहा है।

इधर, मर्दापोटी छात्रावास में बुखार और सिरदर्द की शिकायत मिलने के बाद जब छात्रों की जांच की गई, तो शुरुआती जांच में ही 4 छात्र मलेरिया पॉजिटिव मिले। इनमें से 9 वर्षीय सुभाष कुमेटी की तबीयत बिगड़ने पर परिजन उसे अपने साथ घर ले गए थे। रविवार को हालत अधिक गंभीर होने पर उसे जिला अस्पताल लाया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी भी मौत हो गई।

🩺 प्रभावित छात्रावासों और गांवों में लगे स्वास्थ्य शिविर, दी जा रही हैं दवाएं

स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक, मर्दापोटी और इरादाह छात्रावासों को मिलाकर कुल 11 छात्र मलेरिया से संक्रमित पाए गए हैं। संक्रमण प्रभावित छात्रावासों और आसपास के गांवों में स्वास्थ्य विभाग की विशेष टीमें तैनात की गई हैं, जो मेडिकल कैंप लगाकर छात्रों व ग्रामीणों की खून जांच, दवा वितरण और त्वरित उपचार कर रही हैं। साथ ही जिले के सभी शासकीय हॉस्टलों में विशेष निगरानी रखने के सख्त निर्देश जारी किए गए हैं।

⚠️ 22 जुलाई की जांच में नहीं था एक भी केस, अचानक फैला संक्रमण

आदिम जाति कल्याण विभाग की सहायक आयुक्त जया मनु ने बताया कि 22 जुलाई को जिले के सभी छात्रावासों में बच्चों का विशेष स्वास्थ्य परीक्षण कराया गया था, जिसमें कोई भी छात्र मलेरिया संक्रमित नहीं मिला था। 24 जुलाई के बाद से अचानक संक्रमण के नए मामले सामने आए हैं।

वहीं, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) डॉ. आर.सी. ठाकुर ने भी पुष्टि की है कि जिले में अचानक मलेरिया का आउटब्रेक देखने को मिल रहा है। फिलहाल जिला प्रशासन और स्वास्थ्य अमले के सामने सबसे बड़ी चुनौती इस संक्रमण के फैलाव को रोकना और प्रभावित क्षेत्रों में समय पर त्वरित उपचार उपलब्ध कराना है।

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