रायपुर: छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष दीपक बैज ने केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को लेकर केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार पर जोरदार हमला बोला है। बैज ने इसे सरकार की कोई नैतिक जिम्मेदारी नहीं, बल्कि देश भर में पनप रहे तीव्र जनआक्रोश और छात्रों के आंदोलन के दबाव में लिया गया फैसला करार दिया। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, भारतीय जनता पार्टी (BJP) सरकार और राज्य महिला आयोग की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े करते हुए कहा कि प्रदर्शनकारी युवाओं और छात्राओं पर हुई कथित पुलिस बर्बरता की पूरी जवाबदेही तय होनी चाहिए।
दीपक बैज ने कहा कि धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा किसी नैतिक सोच का नतीजा नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि निर्दोष छात्रों पर हुए लाठीचार्ज के बाद से देश भर में सरकार की चौतरफा किरकिरी हो रही थी। बैज के अनुसार, सिर्फ एक मंत्री का इस्तीफा दे देना ही काफी नहीं है, बल्कि इस पूरे घटनाक्रम और छात्रों के दमन के लिए खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को देश की जनता से सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए।
📉 ‘छात्रों पर हुई कार्रवाई से मोदी सरकार ने खो दिया युवाओं का विश्वास’, दीपक बैज का बड़ा दावा
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर हुई कथित दमनकारी कार्रवाई ने यह पूरी तरह साफ कर दिया है कि मोदी सरकार देश के युवाओं का भरोसा खो चुकी है। उन्होंने दावा किया कि केंद्र सरकार ने अपनी गिरती साख और कुर्सी बचाने के लिए मजबूरी में यह कदम उठाया है। इसके साथ ही उन्होंने स्पष्ट किया कि कांग्रेस पार्टी किसानों, मजदूरों, गरीबों और युवाओं के हक के लिए राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे के सक्षम नेतृत्व में सड़क से संसद तक अपना संघर्ष जारी रखेगी।
⚖️ ‘लोकतांत्रिक आवाज दबा रही भाजपा सरकार’, एफआईआर और कार्रवाई पर दीपक बैज ने जताई नाराजगी
दीपक बैज ने केंद्र व राज्य की भाजपा सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार के खिलाफ उठने वाले हर जायज आंदोलन के बाद कांग्रेस और एनएसयूआई (NSUI) के कार्यकर्ताओं पर जानबूझकर झूठी एफआईआर दर्ज की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि पुतला दहन करने, लोकतांत्रिक प्रदर्शन करने और सोशल मीडिया पर पोस्ट शेयर करने मात्र पर पुलिसिया कार्रवाई की जा रही है। बैज के अनुसार, यह देश में लोकतांत्रिक आवाजों को पूरी तरह कुचलने की कोशिश है, जिसका कांग्रेस पार्टी डटकर विरोध करेगी।
🏛️ महिला आयोग की भूमिका पर उठाए गंभीर सवाल, बोले—’संवैधानिक संस्था की तरह करे काम’
राज्य महिला आयोग को सीधे निशाने पर लेते हुए दीपक बैज ने कहा कि आयोग को किसी राजनीतिक दल या भाजपा कार्यकर्ता की तरह काम करने के बजाय अपनी संवैधानिक मर्यादाओं का पालन करना चाहिए। उन्होंने तीखा सवाल उठाया कि यदि प्रदर्शन के दौरान छात्राओं और महिलाओं के साथ कथित दुर्व्यवहार हुआ, तो आयोग ने दिल्ली पुलिस के जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग क्यों नहीं की? बैज ने कहा कि सोशल मीडिया पर सच शेयर करने वालों को प्रताड़ित करना गलत है और यदि निष्पक्ष कार्रवाई करनी ही है, तो लाठीचार्ज के जिम्मेदार लोगों पर होनी चाहिए।
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