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मसूरी-देहरादून मार्ग पर भारी भूस्खलन! मैगी पॉइंट के पास रेस्टोरेंट हुआ क्षतिग्रस्त, घंटों ठप रहा ट्रैफिक

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मसूरी/देहरादून (उत्तराखंड): उत्तराखंड में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश का कहर अब पहाड़ी इलाकों में साफ दिखाई देने लगा है। सोमवार देर रात मसूरी-देहरादून मुख्य मार्ग पर कई संवेदनशील स्थानों पर भारी भूस्खलन (Landslide) हुआ, जिससे सड़क पूरी तरह अवरुद्ध हो गई।

सबसे ज्यादा नुकसान मैगी पॉइंट के पास हुआ, जहां पहाड़ी से भारी मात्रा में मलबा और विशालकाय बोल्डर गिरने से एक रेस्टोरेंट का बड़ा हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। सड़क बंद होने से मार्ग के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं, जिससे यात्रियों और पर्यटकों को घंटों तक भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस, प्रशासन और लोक निर्माण विभाग (PWD) की टीमें मौके पर पहुंचकर राहत व बचाव कार्य में जुट गईं। जेसीबी मशीनों की मदद से मलबा हटाने का काम जारी है, हालांकि लगातार हो रही बारिश के कारण काम में दिक्कतें आ रही हैं।

💥 देर रात धमाके के साथ पहाड़ी से गिरा मलबा, लोगों ने भागकर बचाई जान

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, देर रात मूसलाधार बारिश के दौरान अचानक पहाड़ी का एक बड़ा हिस्सा टूटकर नीचे आ गिरा। भारी मात्रा में मलबा और बड़े-बड़े पत्थर सीधे मैगी पॉइंट स्थित रेस्टोरेंट पर गिरे, जिससे दुकान को भारी नुकसान पहुंचा।

गनीमत यह रही कि हादसे के समय वहां कोई बड़ा जनहानि का मामला सामने नहीं आया। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि भूस्खलन इतना तीव्र था कि कुछ ही मिनटों में पूरा इलाका मलबे और पत्थरों से भर गया। आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत सुरक्षित स्थानों की ओर भागकर अपनी जान बचाई।

🏗️ “सुरक्षा दीवार बनाई जाती तो न होता हादसा”: रेस्टोरेंट संचालक ने PWD पर लगाए ढिलाई के आरोप

मैगी पॉइंट के रेस्टोरेंट संचालक ऋषभ पंवार ने बताया कि सोमवार देर रात तेज बारिश के बीच अचानक जोरदार धमाके जैसी आवाज सुनाई दी। जब वे बाहर निकले तो देखा कि पहाड़ी का बड़ा हिस्सा उनकी दुकान के ऊपर गिर चुका था और लगातार मलबा नीचे आ रहा था।

उन्होंने आरोप लगाया कि इस संवेदनशील स्थान पर पहले भी कई बार भूस्खलन हो चुका है, लेकिन लोक निर्माण विभाग ने सुरक्षा के लिए कोई स्थायी इंतजाम नहीं किए। उनका स्पष्ट कहना है कि यदि समय रहते सुरक्षा दीवार (पुश्ता) बनाई जाती और पहाड़ी को मजबूत किया जाता, तो इस बड़े हादसे से आसानी से बचा जा सकता था।

🌧️ बादल फटने जैसी आशंका, जांच के बाद ही स्पष्ट होंगे भूस्खलन के वास्तविक कारण

पास ही स्थित ‘पहाड़ी टैरेस’ के मालिक दीपक रावत ने भी बताया कि रात में तेज धमाके जैसी आवाज सुनाई दी थी। उनका मानना है कि अत्यधिक वर्षा के कारण इलाके में बादल फटने (Cloudburst) जैसी स्थिति बनी हो सकती है।

हालांकि, जिला प्रशासन ने अभी तक बादल फटने की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि विशेषज्ञों द्वारा जांच के बाद ही भूस्खलन के वास्तविक और सटीक कारणों का पता चल सकेगा।

🚗 मसूरी-देहरादून हाईवे पूरी तरह ठप, पर्यटकों और स्थानीय लोगों की बढ़ीं मुश्किलें

भूस्खलन के कारण मसूरी-देहरादून मुख्य मार्ग पर यातायात पूरी तरह से रुक गया। सड़क पर भारी मलबा और बड़े-बड़े पत्थर गिरने से वाहनों की आवाजाही थम गई, जिससे दोनों तरफ लंबा जाम लग गया। कई पर्यटक तथा स्थानीय नागरिक घंटों तक रास्ते में फंसे रहे।

गौरतलब है कि इससे पहले वैकल्पिक किमाड़ी मार्ग भी मूसलाधार बारिश के कारण बंद हो चुका है। ऐसे में मुख्य मार्ग के बंद हो जाने से मसूरी आने और जाने वाले यात्रियों की मुश्किलें और अधिक बढ़ गई हैं।

🚜 राहत कार्य युद्धस्तर पर जारी, प्रशासन ने लोगों से की गैर-जरूरी यात्रा टालने की अपील

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस, जिला प्रशासन और पीडब्ल्यूडी की टीमें मशीनों के साथ मौके पर तैनात हो गईं। जेसीबी मशीनों से मलबा हटाने का काम युद्धस्तर पर किया जा रहा है, लेकिन लगातार हो रही बारिश और ऊपर से गिरते मलबे के कारण राहत कार्य प्रभावित हो रहा है।

प्रशासन ने आम जनता और पर्यटकों से पुरजोर अपील की है कि मौसम सामान्य होने तक अनावश्यक यात्रा से बचें। यदि यात्रा अत्यंत जरूरी हो, तो घर से निकलने से पहले मार्ग की स्थिति और मौसम की ताजा जानकारी जरूर प्राप्त कर लें।

⚠️ बारिश ने बढ़ाई चिंता, संवेदनशील पहाड़ी क्षेत्रों में प्रशासन रख रहा नजर

उत्तराखंड के कई पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के कारण भूस्खलन की घटनाएं तेजी से बढ़ रही हैं। ऐसे में प्रशासन संवेदनशील इलाकों पर लगातार पैनी नजर बनाए हुए है।

मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि लगातार वर्षा के दौरान पहाड़ी मार्गों पर यात्रा करते समय अतिरिक्त सावधानी बरतना बेहद जरूरी है। फिलहाल मसूरी-देहरादून मार्ग को जल्द से जल्द बहाल करने के प्रयास जारी हैं। प्रशासन का कहना है कि मौसम अनुकूल होते ही सड़क को पूरी तरह साफ कर यातायात सामान्य कर दिया जाएगा। वहीं, स्थानीय लोगों ने संवेदनशील स्थानों पर स्थायी पुश्ता निर्माण और सुरक्षा इंतजाम करने की मांग की है।

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