गुरदासपुर (पंजाब): डेरा बाबा नानक क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली उदोवाली कलां रजवाहा नहर में जंगली जानवरों और मवेशियों (गाय-बछड़ों) के गिरने से लगातार हो रहे हादसों को लेकर स्थानीय नागरिकों और पशु प्रेमियों में भारी रोष है।
सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम और फेंसिंग न होने के चलते बेजुबान जानवर अक्सर पानी पीने के प्रयास में ढलान वाली नहर में फिसल जाते हैं, जिससे आए दिन गंभीर दुर्घटनाएं घट रही हैं।
🦌 पड्डा गांव की नहर में फंसी नीलगाय, 4 घंटे चले रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद बचाई गई जान
बुधवार को क्षेत्र में एक और बड़ा हादसा होने से बाल-बाल बचा:
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हादसे का कारण: पड्डा गांव के समीप स्थित नहर में पानी पीने उतरी एक विशालकाय नीलगाय तेज ढलान के कारण ऊपर नहीं चढ़ सकी और गहरे पानी में फंस गई।
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स्थानीय लोगों की तत्परता: ग्रामीणों ने स्थिति को भांपते हुए तुरंत मीडिया कर्मियों को सूचित किया, जिन्होंने अविलंब वन्यजीव विभाग (Wildlife Department) के उच्चाधिकारियों को स्थिति से अवगत कराया।
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सफल रेस्क्यू: वन्यजीव विभाग की बचाव टीम ने ग्रामीणों के सहयोग से करीब तीन से चार घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद सुरक्षित रस्सियों की मदद से नीलगाय को बाहर निकाला और प्राथमिक जांच के बाद सकुशल घने जंगल में छोड़ दिया।
🌊 अब तक 100 से अधिक जानवरों का हो चुका है रेस्क्यू, सुरक्षा घेरे की सख्त जरूरत
रेस्क्यू टीम के सदस्यों ने नहर के खतरों और आवश्यक सुधारों पर महत्वपूर्ण जानकारी साझा की:
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100 से अधिक का बचाव: टीम के अधिकारियों ने बताया कि इस रजवाहा नहर में अब तक करीब 100 विभिन्न जानवरों और मवेशियों को सुरक्षित निकाला जा चुका है।
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गौशाला व सुरक्षा प्रबंध की मांग: पशु प्रेमियों और बचाव दल ने पंजाब सरकार और सिंचाई/नहर विभाग से मांग की है कि नहर के संवेदनशील हिस्सों पर मजबूत सुरक्षा रेलिंग लगाई जाए और आसपास गौशालाओं का प्रबंध किया जाए ताकि भविष्य में मूक पशुओं की जान जोखिम में न पड़े।
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