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21 अगस्त वेदर अपडेट: दिल्ली में झमाझम बारिश के आसार, एमपी-राजस्थान और यूपी के कई जिलों में येलो अलर्ट जारी

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नई दिल्ली: देश के एक बड़े हिस्से में मानसूनी हवाओं ने एक बार फिर विकराल रूप धारण कर लिया है।भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 21 अगस्त को राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली, उत्तर प्रदेश, बिहार, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और मध्य प्रदेश सहित देश के लगभग 23 राज्यों में मूसलाधार बारिश, आकाशीय बिजली चमकने और तेज आंधी की गंभीर चेतावनी जारी की है। उत्तर-पूर्वी मध्य प्रदेश और उससे सटे दक्षिण-पूर्वी उत्तर प्रदेश के ऊपर बने चक्रवातीय परिसंचरण (Cyclonic Circulation) और कम दबाव के क्षेत्र के असर से उत्तर और मध्य भारत में मानसून पूरी तरह आक्रामक है।

🏙️ दिल्ली-एनसीआर में बदलेगा मौसम का मिजाज, बारिश के साथ जलभराव की चेतावनी

राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में मौसम की स्थिति:

  • बादल और बारिश: दिल्ली और सटे एनसीआर (नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम, फरीदाबाद) में दिनभर घने बादल छाए रहेंगे और रुक-रुक कर भारी वर्षा होने का अनुमान है।

  • हवा की गति व तापमान: बारिश के दौरान 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। अधिकतम तापमान 35°C और न्यूनतम 28°C रहने का अनुमान है।

  • ट्रैफिक एडवाइजरी: मूसलाधार बारिश के चलते निचले इलाकों में जलभराव और मुख्य चौराहों पर जाम की आशंका को देखते हुए चालकों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

🌊 उत्तर प्रदेश: उफान पर नदियां, दर्जनों जिलों में येलो अलर्ट जारी

राज्य में मानसूनी बारिश और चक्रवातीय असर:

  • बाढ़ के हालात: प्रयागराज, वाराणसी, चित्रकूट, बहराइच और अयोध्या जैसे जिलों में प्रमुख नदियां उफान पर हैं और कई निचले इलाके जलमग्न हो चुके हैं।

  • येलो अलर्ट वाले जिले: सहारनपुर, मेरठ, मुजफ्फरनगर, बिजनौर, अलीगढ़, एटा, फिरोजाबाद, आगरा, मथुरा, बरेली, पीलीभीत और शाहजहांपुर में आकाशीय बिजली और भारी बारिश को लेकर येलो अलर्ट जारी किया गया है।

  • तूफानी हवाएं: पश्चिमी व पूर्वी यूपी के जिलों में 60 से 70 किमी/घंटा की गति से तेज हवाएं चल सकती हैं। राजधानी लखनऊ में तापमान 28°C से 34°C के बीच रहेगा।

⛈️ बिहार और झारखंड: 50 किमी/घंटा की रफ्तार से आंधी और झमाझम बारिश

पूर्वोत्तर मैदानी इलाकों का मौसम पूर्वानुमान:

  • बिहार: पटना, गया, जहानाबाद, भोजपुर, बक्सर, सिवान, वैशाली, मुजफ्फरपुर, दरभंगा, भागलपुर, पूर्णिया और कटिहार समेत दो दर्जन जिलों में भारी बारिश का अलर्ट है। पटना में 50 किमी/घंटे की आंधी चलने की संभावना है।

  • झारखंड: रांची, धनबाद, देवघर, बोकारो, जमशेदपुर और गिरिडीह में 40-50 किमी/घंटा की हवाओं के साथ जोरदार बारिश हो सकती है। रांची में तापमान 24°C से 31°C रहेगा।

⛰️ पहाड़ी राज्यों में भूस्खलन का खतरा, यात्रियों को सतर्क रहने के निर्देश

उत्तराखंड, हिमाचल और जम्मू-कश्मीर में प्राकृतिक आपदा की चेतावनी:

  • उत्तराखंड: रुद्रप्रयाग, बागेश्वर, पौड़ी गढ़वाल, नैनीताल, हरिद्वार और ऋषिकेश में 50-60 किमी/घंटे की तेज हवाओं के साथ भारी बारिश का अलर्ट है। संवेदनशील पहाड़ी मार्गों पर लैंडस्लाइड (भूस्खलन) की आशंका है।

  • हिमाचल प्रदेश: शिमला, कुल्लू, कांगड़ा, मंडी और सोलन में 60 से 70 किमी/घंटे की आंधी और भारी बारिश की चेतावनी है। मनाली में न्यूनतम तापमान 9°C तक गिर सकता है।

  • जम्मू-कश्मीर: अनंतनाग, कुलगाम, कठुआ, पुंछ, जम्मू और बारामूला में गरज-चमक के साथ मूसलाधार बारिश के आसार हैं।

🌦️ राजस्थान और मध्य प्रदेश: लो-प्रेशर सिस्टम से बदला मौसम

मध्य भारत में बारिश की सक्रियता:

  • राजस्थान: जयपुर, बीकानेर, जोधपुर, उदयपुर, कोटा, अजमेर, धौलपुर और करौली में हल्की से मध्यम और कहीं-कहीं भारी बारिश की संभावना है। जयपुर में 30-40 किमी/घंटा की हवाएं चलेंगी।

  • मध्य प्रदेश: लो-प्रेशर एरिया के प्रभाव से भोपाल, शिवपुरी, गुना, विदिशा, सागर, ग्वालियर और दमोह में 55-60 किमी/घंटा की तूफानी हवाओं के साथ भारी बारिश का अनुमान है।

🌴 दक्षिण भारत और पूर्वोत्तर राज्यों का हाल

तटीय और पूर्वोत्तर क्षेत्रों का मौसम:

  • दक्षिण भारत: केरल और तटीय कर्नाटक में मानसून पूरी तरह सक्रिय रहेगा और भारी बारिश का अलर्ट है। तेलंगाना और आंध्र प्रदेश में मध्यम बारिश होगी, जबकि तमिलनाडु में मौसम मुख्यतः शुष्क रहेगा।

  • पूर्वोत्तर भारत: असम, मेघालय और अरुणाचल प्रदेश में मध्यम से भारी बारिश जारी रहेगी; सिक्किम, त्रिपुरा, नगालैंड और मणिपुर में हल्की से मध्यम वर्षा दर्ज हो सकती है।

⚠️ किसानों और मछुआरों के लिए विशेष एडवाइजरी जारी

सुरक्षा के लिए जारी दिशा-निर्देश:

  • फसल सुरक्षा: 75 से 80 किमी/घंटे तक की संभावित तेज हवाओं और आकाशीय बिजली को देखते हुए किसानों को फसलों की सुरक्षा के उपाय करने की सलाह दी गई है।

  • तटीय सुरक्षा: मछुआरों और तटीय इलाकों के निवासियों को नदियों और समुद्र के किनारों से दूर रहने तथा सुरक्षित स्थानों पर शरण लेने के निर्देश दिए गए हैं।

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