लखनऊ बैंक अफसर मर्डर केस: पत्रकार प्रज्ञा मिश्रा ने CCTV शेयर कर उठाए तीखे सवाल, 3 अवैध हथियारों की जांच में जुटी पुलिस
लखनऊ (उत्तर प्रदेश): गोमतीनगर थाना क्षेत्र में आईसीआईसीआई (ICICI) बैंक की अधिकारी दिव्या मिश्रा, उनकी ननद तूलिका बाजपेयी और पति मानस बाजपेयी की मौत के मामले में शुक्रवार को कई बड़े खुलासे सामने आए हैं।
दिव्या की बहन और वरिष्ठ पत्रकार प्रज्ञा मिश्रा ने सोशल मीडिया पर घटना से जुड़े सीसीटीवी (CCTV) फुटेज साझा करते हुए पुलिस की शुरुआती जांच थ्योरी पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। दूसरी ओर, पुलिस अब आरोपी के पास से बरामद 3-3 अवैध हथियारों के नेटवर्क और स्रोत (सप्लाई चेन) की गहराई से पड़ताल करने में जुट गई है।
❓ ‘कार नहीं चला पाता था मानस, ऑटो से आया था’: प्रज्ञा मिश्रा के तीखे सवाल
पीड़ित परिवार की ओर से उठाए गए प्रमुख बिंदु:
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सीसीटीवी फुटेज का दावा: प्रज्ञा मिश्रा द्वारा साझा किए गए फुटेज में वारदात के समय बैंक कर्मियों में मची अफरा-तफरी साफ देखी जा सकती है।
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वाहन की थ्योरी पर सवाल: प्रज्ञा ने दावा किया कि मानस को कार चलाना आता ही नहीं था, तो कार से आने-जाने की कहानी कहां से गढ़ी गई? उन्होंने आरोप लगाया कि मानस ऑटो से हत्या करने आया था और उसी से भागा था।
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साजिश की आशंका: उन्होंने सवाल उठाया कि वह ऑटो चालक कौन था और क्या इस हत्याकांड में कोई बाहरी मददगार भी शामिल था?
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मां से छिपाई गई मौत की खबर: प्रज्ञा ने भावुक होते हुए बताया कि दिव्या की मां को अब तक सच्चाई नहीं बताई गई है; उन्हें बेटी की हालत गंभीर बताकर सांत्वना दी गई है, जबकि शव पोस्टमार्टम हाउस में रखा है।
🔫 पुलिस के सामने बड़ी पहेली: बैंक कर्मी के पास कहां से आए 3-3 अवैध हथियार?
हथियारों की बरामदगी को लेकर जांच एजेंसियों का रुख:
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बरामद असलहे: पुलिस ने मौके और घर से दो देशी पिस्टल (कंट्री मेड) और एक 315 बोर का तमंचा (कट्टा) बरामद किया है।
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पूरी तैयारी से हमला: जांच अधिकारियों के अनुसार, मानस ने सुनियोजित तरीके से वारदात को अंजाम दिया ताकि किसी भी स्थिति में रुकावट न आए। वह दो पिस्टल अपने साथ बैंक ले गया था और एक तमंचा घर पर रखा था।
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तस्करों का सुराग: पुलिस अब अवैध असलहा तस्करों के नेटवर्क को खंगाल रही है कि एक निजी बैंक व ऑडिट क्षेत्र में काम करने वाले शख्स तक ये घातक हथियार किसने और कैसे पहुंचाए।
🗣️ ‘सुबह 5 मिनट सामान्य बात हुई थी’: परिजनों और रिश्तेदारों का बयान
आरोपी के रिश्तेदारों ने घटना पर हैरानी जताई:
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मामा का बयान: मानस के मामा और ममेरे भाई ने बताया कि घटना के दिन सुबह ही उनकी मानस से लगभग 5 मिनट सामान्य बातचीत हुई थी। उसने काम में व्यस्त होने की बात कही थी और किसी भी प्रकार के तनाव का संकेत नहीं दिया था।
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बेडरूम में कैमरों की वजह: घर के भीतर और बहन के बेडरूम में सीसीटीवी कैमरे लगे होने पर परिजनों ने स्पष्ट किया कि बहन तूलिका मानसिक रूप से अस्वस्थ थी। मानस जब नौकरी पर बाहर रहता था, तो उसकी सुरक्षा और निगरानी सुनिश्चित करने के लिए कैमरे लगवाए गए थे।
🔬 तीनों शवों का पोस्टमार्टम और 3 CCTV फुटेज की वैज्ञानिक जांच शुरू
जांच प्रक्रिया की वर्तमान स्थिति:
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पोस्टमार्टम प्रक्रिया: तीनों शवों का वीडियोग्राफी के साथ पैनल द्वारा पोस्टमार्टम कराया जा रहा है।
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टाइमलाइन मैपिंग: पुलिस ने दिव्या के घर से निकलने, बैंक के बाहर हुई तकरार और गोलीबारी के तीनों मुख्य सीसीटीवी फुटेज कब्जे में ले लिए हैं।
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फॉरेंसिक साक्ष्य: फॉरेंसिक टीम और सर्विलांस सेल द्वारा कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) और फुटेज की कड़ियों को जोड़कर पूरे घटनाक्रम का क्राइम सीन रीकंस्ट्रक्शन किया जा रहा है।
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