भर्ती सुधार यात्रा और CM आवास घेराव का ऐलान: JPSC-JSSC न्याय मंच का सरकार पर बड़ा हमला, CID रिपोर्ट न देने का आरोप
रांची (झारखंड): JPSC-JSSC न्याय मंच की ओर से शुक्रवार को रांची प्रेस क्लब में एक महत्वपूर्ण संवाददाता सम्मेलन आयोजित किया गया। प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए प्रमुख छात्र नेता देवेंद्रनाथ महतो ने कहा कि राज्य सरकार ने भर्ती परीक्षाओं को लेकर फैसला तो लिया, लेकिन अधिसूचना जारी होने के महज दो दिन बाद ही छात्रों के आंदोलन को समाप्त कराने के प्रयास शुरू कर दिए गए। उन्होंने दो-टूक कहा कि छात्र अपने संवैधानिक अधिकारों और भविष्य के लिए लंबे समय से संघर्ष कर रहे हैं और इस आंदोलन को किसी भी परिस्थिति में कमजोर नहीं होने दिया जाएगा।
⚖️ ‘हाईकोर्ट में CID की जांच रिपोर्ट तक नहीं रखी गई’: सरकार की भूमिका पर सवाल
न्यायिक प्रक्रिया और सरकार के रुख पर न्याय मंच के आरोप:
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भर्तियों पर अदालती रोक: 11वीं से 13वीं JPSC, SO, CDPO, JSSC CGL सहित अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में न्यायालय की शरण में जाने के बाद ही अभ्यर्थियों को स्टे (रोक) मिला है।
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CID रिपोर्ट छिपाने का आरोप: छात्र नेता ने आरोप लगाया कि एक तरफ सरकार और उसके मंत्री जांच में व्यापक गड़बड़ियों की पुष्टि का दावा करते हैं, वहीं दूसरी तरफ हाईकोर्ट के समक्ष सरकार ने अब तक CID की जांच रिपोर्ट तक प्रस्तुत नहीं की।
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कमजोर पैरवी से नाराजगी: अदालत में छात्रों का पक्ष मजबूती से न रखे जाने के कारण न्याय मंच में सरकार की कार्यप्रणाली के प्रति गहरा असंतोष है।
🛡️ निर्दोष अभ्यर्थियों को मिले न्याय और दोषियों पर हो सख्त कानूनी कार्रवाई
पारदर्शिता और जवाबदेही से जुड़ी मुख्य मांगें:
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जिम्मेदारी तय हो: मंच ने मांग की कि JSSC की ओर से लिए गए निर्णयों और भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के लिए जिम्मेदार अधिकारियों पर जवाबदेही तय की जाए।
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निर्दोषों की सुरक्षा: जिन अभ्यर्थियों की नियुक्तियां बिना किसी गलती के प्रभावित हुई हैं, उन्हें अविलंब न्याय दिया जाए और जहां गड़बड़ी प्रमाणित हो, वहां कड़ी कार्रवाई हो।
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पारदर्शी व्यवस्था का लक्ष्य: महतो ने स्पष्ट किया कि छात्रों का उद्देश्य किसी निर्दोष को नुकसान पहुंचाना नहीं, बल्कि व्यवस्था में पूर्ण पारदर्शिता और दोषियों की धरपकड़ सुनिश्चित करना है।
🗺️ 24 अगस्त से 24 जिलों में यात्रा, 15 सितंबर के बाद CM आवास घेराव की चेतावनी
आंदोलन के आगामी चरण और रणनीति:
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भर्ती सुधार यात्रा: 24 अगस्त से झारखंड के सभी 24 जिला मुख्यालयों में व्यापक ‘भर्ती सुधार यात्रा’ की शुरुआत की जाएगी, जिसके जरिए आम जनमानस और छात्रों को परीक्षा प्रणाली की खामियों से अवगत कराया जाएगा।
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मुख्यमंत्री आवास का घेराव: यदि सरकार ने मांगों पर कोई ठोस निर्णय नहीं लिया, तो 15 सितंबर के बाद मुख्यमंत्री आवास का घेराव किया जाएगा।
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चक्का जाम व नाकाबंदी: आंदोलन के अगले चरण में राज्यभर में चक्का जाम और आर्थिक नाकाबंदी जैसे कड़े कदम उठाए जाएंगे।
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