Local & National News in Hindi

तनाव के बीच पाक सेना प्रमुख असीम मुनीर का तेहरान दौरा: क्या ‘मक्का डिफेंस पैक्ट’ में शामिल होगा ईरान?

38

इस्लामाबाद/तेहरान: पाकिस्तान के सेना प्रमुख जनरल असीम मुनीर सोमवार (24 अगस्त) को ईरान की राजधानी तेहरान के आधिकारिक दौरे पर पहुंच रहे हैं। ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने इस महत्वपूर्ण यात्रा की पुष्टि करते हुए बताया कि मुनीर का यह दौरा पश्चिम एशिया (मिडिल-ईस्ट) में शांति और क्षेत्रीय सुरक्षा स्थापित करने के प्रयासों का एक अहम हिस्सा है। यह यात्रा ऐसे नाजुक समय में हो रही है जब अमेरिका और ईरान के बीच राजनयिक और सैन्य तनाव अपने चरम पर है। पाकिस्तान दोनों देशों के बीच जारी गतिरोध को समाप्त कराने के लिए मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है।

⚔️ अमेरिकी प्रतिबंधों की धमकी और युद्धविराम की कोशिशों के बीच उच्चस्तरीय वार्ता

द्विपक्षीय चर्चा और प्रमुख एजेंडा:

  • मध्यस्थता की भूमिका: पाकिस्तान फरवरी में ईरान पर हुए हमलों के बाद भड़की जंग को रोकने और एक स्थायी कूटनीतिक समाधान निकालने के लिए लगातार प्रयासरत है।

  • ट्रंप की सख्त चेतावनी: मुनीर का यह दौरा उस समय हो रहा है जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर अब तक के सबसे कड़े आर्थिक प्रतिबंध लगाने की घोषणा की है तथा तेहरान की मदद करने वाले देशों को भी गंभीर परिणाम भुगतने की चेतावनी दी है।

  • बातचीत के मुख्य मुद्दे: जनरल मुनीर ईरानी शीर्ष नेतृत्व के साथ इस्लामाबाद समझौता (MoU), अमेरिकी प्रतिबंधों से उपजी स्थिति, हूती विद्रोहियों से जुड़े संकट और पाकिस्तान-तुर्की-सऊदी अरब रक्षा समीकरणों पर गहन चर्चा करेंगे।

🚢 होर्मुज जलडमरूमध्य में तेल की ढुलाई ठप, ईरान की सख्त जवाबी चेतावनी

ऊर्जा सुरक्षा और समुद्री व्यापार पर संकट:

  • वैश्विक तेल मार्ग पर असर: ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ (हॉर्मुज जलडमरूमध्य) से दुनिया की कुल ऊर्जा आपूर्ति का लगभग 20% हिस्सा गुजरता है, जहां तनाव के चलते तेल टैंकरों की आवाजाही पूरी तरह बाधित हो गई है।

  • ईरान की सैन्य चेतावनी: तेहरान ने कड़ा रुख अपनाते हुए स्पष्ट किया है कि अमेरिकी प्रतिबंधों और नाकाबंदी के जवाब में वह इस मार्ग से गुजरने वाले किसी भी अनधिकृत जहाज पर कार्रवाई करने से पीछे नहीं हटेगा।

🛡️ ‘मक्का डिफेंस पैक्ट’ में ईरान के शामिल होने की चर्चाएं तेज

क्षेत्रीय सुरक्षा छत्र और नया रक्षा गठबंधन:

  • ईरान को न्योते का दावा: ईरानी संसदीय समाचार एजेंसी के अनुसार, सऊदी अरब, तुर्की और पाकिस्तान के मध्य बने नए ‘मक्का डिफेंस पैक्ट’ में शामिल होने के लिए ईरान को प्रस्ताव मिला है, जिसकी समीक्षा की जा रही है।

  • त्रिपक्षीय रक्षा समझौता: 7 अगस्त को सऊदी क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान, तुर्की के राष्ट्रपति रेसेप तैयप एर्दोगन और पाक पीएम शहबाज शरीफ ने इस ऐतिहासिक समझौते पर हस्ताक्षर किए थे।

  • नाटो के अनुच्छेद-5 जैसी व्यवस्था: इस पैक्ट के तहत तीनों में से किसी भी एक सदस्य देश पर हुआ सशस्त्र हमला पूरे गठबंधन पर हमला माना जाएगा। तुर्की ने संकेत दिया है कि भविष्य में इस सुरक्षा छत्र का विस्तार करते हुए मिस्र और ईरान जैसे अन्य क्षेत्रीय देशों को भी इसमें शामिल किया जा सकता है।

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.