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गुरमीत राम रहीम फिर आया जेल से बाहर: 21 दिन की फरलो मंजूर, रोहतक जेल से सीधे सिरसा डेरा आश्रम रवाना

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रोहतक/सिरसा (हरियाणा): डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम एक बार फिर जेल की सलाखों से बाहर आ गया है। प्रशासन की ओर से उसकी 21 दिन की फरलो मंजूर कर ली गई है।

साध्वियों के यौन शोषण और हत्या के मामलों में हरियाणा के रोहतक स्थित सुनारिया जेल में 20 साल की सजा काट रहा राम रहीम मंगलवार (25 अगस्त) सुबह कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच जेल से रिहा हुआ। रिहाई के बाद वह सीधे सिरसा स्थित डेरा सच्चा सौदा के मुख्य आश्रम के लिए रवाना हो गया, जहां वह अपनी फरलो की पूरी अवधि बिताएगा।

📅 2017 में सजा के बाद अब तक 17वीं बार आया बाहर, लगातार उठ रहे सवाल

पैरोल और फरलो का पूरा ब्योरा:

  • 17वीं बार रिहाई: वर्ष 2017 में सजा सुनाए जाने के बाद से अब तक राम रहीम पैरोल और फरलो मिलाकर कुल 17 बार जेल से बाहर आ चुका है।

  • पिछली पैरोल: इससे पूर्व मई महीने में भी उसे 30 दिनों की नियमित पैरोल प्रदान की गई थी।

  • विवादों में रिहाई: बार-बार पैरोल और फरलो दिए जाने को लेकर कानूनी और सामाजिक हलकों में लगातार सवाल उठते रहे हैं और इसे लेकर कई बार याचिकाएं भी दायर की जा चुकी हैं।

🏛️ बागपत बरनावा के बजाय लगातार तीसरी बार सिरसा आश्रम जाने की मिली अनुमति

ठहरने के स्थान में बदलाव:

  • सिरसा आश्रम में प्रवास: पहले की अधिकांश पैरोल या फरलो के दौरान राम रहीम को उत्तर प्रदेश के बागपत स्थित बरनावा आश्रम में रहने की शर्त रखी जाती थी।

  • लगातार तीसरी अनुमति: हालांकि, इस बार लगातार तीसरी बार उसे सिरसा स्थित डेरा सच्चा सौदा के मुख्य मुख्यालय में ही रहने की आधिकारिक अनुमति प्रदान की गई है।

⚖️ सीबीआई कोर्ट से 20 साल की सजा: रेप और हत्या मामलों में है दोषी

सजा और कानूनी पृष्ठभूमि:

  • दो साध्वियों से दुष्कर्म: विशेष सीबीआई अदालत ने साल 2017 में राम रहीम को सिरसा आश्रम में दो महिला साध्वियों के साथ यौन शोषण के मामले में दोषी करार देते हुए 10-10 साल (कुल 20 वर्ष) के कठोर कारावास की सजा सुनाई थी। दोनों सजाएं अलग-अलग (Consecutive) चलनी हैं।

  • पत्रकार छत्रपति व मैनेजर हत्याकांड: इसके अलावा उसे डेरा के पूर्व मैनेजर रणजीत सिंह हत्याकांड और पत्रकार रामचंद्र छत्रपति की हत्या के मामले में भी दोषी ठहराया गया है।

  • पंचकूला हिंसा: अगस्त 2017 में जब पंचकूला की सीबीआई अदालत ने उसे दोषी ठहराया था, तब हरियाणा और पंजाब के कई हिस्सों में भीषण हिंसा और उपद्रव हुआ था, जिसके बाद से वह सुनारिया जेल में बंद है।

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