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झारखंड में 2119 संभावित वेटलैंड्स का होगा वैज्ञानिक संरक्षण: सीएम हेमंत सोरेन ने दिए सीमांकन और नोटिफिकेशन के निर्देश

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रांची (झारखंड): राज्य में प्राकृतिक जल क्षेत्रों (वेटलैंड्स) के संरक्षण और संवर्धन को लेकर झारखंड सरकार ने बड़ा कदम उठाया है।

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में आयोजित झारखंड राज्य वेटलैंड प्राधिकरण की पहली आधिकारिक बैठक में राज्य के वेटलैंड्स की पहचान, भौतिक सत्यापन, सीमांकन (डिमार्केशन), गजट नोटिफिकेशन और प्रभावी प्रबंधन को लेकर कई अहम नीतिगत फैसले लिए गए। सरकार अब सभी संभावित वेटलैंड्स का वैज्ञानिक व विस्तृत अध्ययन कराकर उनका पुख्ता रिकॉर्ड तैयार करेगी।

🛰️ इसरो (ISRO) एटलस से मिले 2119 संभावित वेटलैंड्स: होगा ग्राउंड वेरिफिकेशन

पहचान और सत्यापन की कार्ययोजना:

  • इसरो डेटाबेस का उपयोग: बैठक में अधिकारियों ने जानकारी दी कि इसरो के अंतरिक्ष अनुप्रयोग केंद्र द्वारा जारी एटलस के आधार पर राज्य में 2119 संभावित वेटलैंड्स की पहचान की गई है।

  • जिला स्तरीय सत्यापन: इन सभी चिन्हित स्थलों का जिला स्तरीय समितियों द्वारा स्थलीय और तथ्यात्मक सत्यापन (Physical Verification) कराया जाएगा।

  • डिजिटल डेटाबेस: सभी जल निकायों का एक व्यापक और सुरक्षित डिजिटल डेटाबेस तैयार किया जाएगा, जिसे समय-समय पर अपडेट किया जाएगा ताकि संरक्षण कार्यों की सटीक निगरानी हो सके।

💧 क्या होता है वेटलैंड और क्यों है इसका संरक्षण जरूरी?

पर्यावरणीय महत्व और भूमिका:

  • परिभाषा: वेटलैंड्स (आद्रभूमि) ऐसे प्राकृतिक अथवा मानव निर्मित क्षेत्र होते हैं, जहाँ भूमि पर स्थायी या मौसमी रूप से जल भराव रहता है। इसमें तालाब, झील, दलदली भूमि और नदी तटवर्ती क्षेत्र शामिल हैं।

  • पर्यावरणीय लाभ: ये क्षेत्र भूजल स्तर (Groundwater Recharge) को सुधारने, बाढ़ के प्रभाव को कम करने, जल शुद्धिकरण, प्रवासी पक्षियों व वन्यजीवों को सुरक्षित आवास प्रदान करने और जैव विविधता को संतुलित बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

🚧 सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों के तहत होगा डिमार्केशन और नोटिफिकेशन

अतिक्रमण रोकथाम और कानूनी प्रक्रिया:

  • सीमांकन और अधिसूचना: मुख्यमंत्री ने सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों के अनुरूप सभी प्रमाणित वेटलैंड्स का डिमार्केशन कराकर अविलंब आधिकारिक गजट नोटिफिकेशन जारी करने के निर्देश दिए हैं।

  • अतिक्रमण पर सख्त नजर: सत्यापन प्रक्रिया के दौरान जलस्रोतों के आसपास हो रहे अवैध निर्माण, अतिक्रमण और प्रदूषण फैलाने वाली मानवीय गतिविधियों पर कड़ी निगरानी रखी जाएगी।

  • विशिष्ट मैनेजमेंट प्लान: प्रत्येक महत्वपूर्ण वेटलैंड की जल क्षमता और पर्यावरणीय स्थिति का आकलन कर उसके संरक्षण के लिए विशेष प्रबंधन योजना (Management Plan) तैयार की जाएगी।

🏛️ झारखंड राज्य वेटलैंड प्राधिकरण को मिलेगा पर्याप्त बजट और संसाधन

प्राधिकरण का सुदृढ़ीकरण और प्रशासनिक उपाय:

  • समितियों का गठन: प्राधिकरण के दैनिक कार्यों को पारदर्शी बनाने के लिए टेंडर स्क्रीनिंग समिति और तकनीकी विशेषज्ञ समिति का गठन किया जाएगा।

  • जन-शिकायत निवारण तंत्र: जल निकायों से संबंधित जन शिकायतों की समयबद्ध सुनवाई के लिए एक अलग शिकायत निवारण प्रकोष्ठ बनाने पर सहमति बनी।

  • बजट व मानव संसाधन: सरकार प्राधिकरण के कार्यालय संचालन, आधुनिक उपकरणों और आवश्यक मानव संसाधन के लिए पर्याप्त बजट आवंटित करेगी, ताकि वेटलैंड संरक्षण की योजनाएं धरातल पर प्रभावी रूप से लागू हो सकें।

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