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सिंगरौली में फायर ब्रिगेड के पानी से धोई गई BJP विधायक की गाड़ी: कमिश्नर आवास का वीडियो वायरल, सवालों के घेरे में प्रशासन

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सिंगरौली (मध्य प्रदेश): जिले में सरकारी संसाधनों के खुलेआम निजी इस्तेमाल का चौंकाने वाला मामला सामने आया है। नगर निगम की आपातकालीन फायर ब्रिगेड गाड़ी से भारतीय जनता पार्टी (BJP) के स्थानीय विधायक रामनिवास शाह के निजी वाहन को धोने का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। दावा किया जा रहा है कि यह वीडियो नगर निगम कमिश्नर सविता प्रधान के सरकारी आवास के बाहर का है, जिसके सामने आने के बाद प्रशासनिक हलकों और जनता के बीच तीखी बहस छिड़ गई है।

📹 कमिश्नर आवास के बाहर पानी की बौछार से चमकाई गई गाड़ी

वायरल वीडियो और घटना का ब्योरा:

  • पाइप से पानी की बौछार: सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में स्पष्ट देखा जा सकता है कि फायर ब्रिगेड वाहन से मोटा पाइप निकालकर विधायक के चार पहिया वाहन पर तेज गति से पानी डाला जा रहा है।

  • सफाई में जुटे कर्मचारी: वीडियो में दो कर्मचारी नजर आ रहे हैं, जिनमें से एक पाइप थामे हुए है और दूसरा व्यक्ति गाड़ी को हाथ से रगड़कर साफ करता दिखाई दे रहा है।

  • मंगलवार की घटना: स्थानीय सूत्रों के अनुसार यह घटना मंगलवार की बताई जा रही है, हालांकि इस वीडियो की आधिकारिक स्वतंत्र पुष्टि होना अभी शेष है।

⚠️ आपातकालीन सेवा के निजी इस्तेमाल पर उठे गंभीर सवाल

सरकारी संसाधनों की जवाबदेही पर सवाल:

  • आपातकालीन सेवा का दायित्व: फायर ब्रिगेड का प्राथमिक और वैधानिक कार्य आगजनी, आपदा और आपातकालीन स्थितियों में जनता के जान-माल की रक्षा करना है।

  • आदेश किसका था: मामले को लेकर यह गंभीर सवाल उठ रहा है कि आपातकालीन वाहन को एक जनप्रतिनिधि की निजी कार धोने के लिए किस अधिकारी के मौखिक या लिखित आदेश पर भेजा गया।

  • कमिश्नर आवास पर उपस्थिति: इसके साथ ही यह भी सवाल उठ रहा है कि विधायक की गाड़ी नगर निगम कमिश्नर के आवास पर क्यों खड़ी थी और वहां सफाई की व्यवस्था क्यों कराई गई।

🤐 कमिश्नर ने साधी चुप्पी, विधायक से नहीं हो सका संपर्क

प्रशासनिक रुख और संबंधित पक्षों की प्रतिक्रिया:

  • निगमायुक्त का रुख: इस पूरे घटनाक्रम और फायर ब्रिगेड के इस्तेमाल पर जब नगर निगम कमिश्नर सविता प्रधान से उनका पक्ष मांगा गया, तो उन्होंने कहा, “मैं इस मामले में कुछ नहीं कहूंगी।” कमिश्नर की इस चुप्पी ने मामले को लेकर संदेह और गहरा कर दिया है।

  • विधायक का पक्ष: मामले में सिंगरौली विधायक रामनिवास शाह से भी उनका पक्ष जानने का प्रयास किया गया, किंतु उनसे संपर्क नहीं हो सका।

  • जांच की मांग: नगर निगम में सरकारी मशीनरी और पानी के इस तरह के दुरुपयोग को लेकर स्थानीय स्तर पर उच्चस्तरीय निष्पक्ष जांच की मांग उठने लगी है।

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