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रीलबाजी की सनक पड़ी भारी: ग्वालियर में 3400 किस वाली कार का कटा चालान, मालिक से मौके पर साफ करवाए लिपस्टिक के निशान

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ग्वालियर (मध्य प्रदेश): शहर की सड़कों पर दौड़ने वाली सफेद रंग की चर्चित ‘किसिंग कार’ का मामला एक बार फिर सुर्खियों में आ गया है। सोशल मीडिया पर 55 लाख से अधिक व्यूज हासिल करने वाली इस कार को लेकर बड़ा और दिलचस्प खुलासा हुआ है। पहले यह माना जा रहा था कि कार पर बने करीब 3,400 लिपस्टिक किस के निशान कार मालिक की किसी एक महिला मित्र ने बनाए थे, किंतु अब कार मालिक आदित्य सिकरवार ने खुद सामने आकर इस रहस्य से पर्दा उठाया है। आदित्य ने बताया कि कार को अनोखा लुक देने का विचार उनकी तीन महिला मित्रों का था।

📹 रीलबाजी और व्यूज की सनक: लिपस्टिक से पूरी बॉडी पर छाप दिए निशान

वायरल स्टंट की वजह और पृष्ठभूमि:

  • व्यूज की चाहत: सोशल मीडिया पर रातों-रात वायरल होने और अधिक फॉलोअर्स व व्यूज बटोरने की होड़ में यह कदम उठाया गया।

  • तीन दोस्तों का काम: तीनों महिला मित्रों ने मिलकर लिपस्टिक की मदद से गाड़ी के बोनट, दरवाजों और बैक साइड पर करीब 3,400 किस के निशान बना डाले।

  • पब्लिसिटी स्टंट: कार मालिक के अनुसार, यह पूरी कवायद केवल डिजिटल दुनिया में ध्यान आकर्षित करने और रील बनाने के उद्देश्य से की गई थी।

👮 ग्वालियर ट्रैफिक पुलिस का एक्शन: मौके पर साफ करवाए निशान, ₹5,500 का चालान

पुलिस कार्रवाई और कानूनी सख्ती:

  • सड़क पर रोकी गई कार: वीडियो वायरल होने के बाद जब यह गाड़ी सड़क पर निकली, तो ग्वालियर ट्रैफिक पुलिस ने तुरंत इसे रोक लिया।

  • निशान उतरवाए: पुलिस ने मौके पर ही कार मालिक आदित्य सिकरवार से वाहन पर लगे लिपस्टिक के सभी निशानों को साफ करवाया।

  • काटा गया चालान: मोटर व्हीकल एक्ट के नियमों के उल्लंघन पर पुलिस ने ₹5,500 का भारी-भरकम चालान काटा।

📜 क्या कहता है मोटर व्हीकल एक्ट? स्वरूप बदलने पर सजा और जुर्माने का प्रावधान

वाहन मॉडिफिकेशन से जुड़े कानूनी नियम:

  • धारा 52 (मूल स्वरूप में बदलाव पर रोक): इस धारा के तहत कोई भी वाहन स्वामी अपनी गाड़ी के रंग या बॉडी में ऐसा अनधिकृत बदलाव नहीं कर सकता, जिससे उसका मूल स्वरूप बदल जाए या जो वाहन के रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट (RC) में दर्ज विवरण के विपरीत हो। बिना आरटीओ (RTO) को सूचित किए ऐसा बदलाव अवैध माना जाता है।

  • धारा 182A(4) और धारा 177 (जुर्माना व दंड): वाहन के मूल स्वरूप से छेड़छाड़ करने पर 6 महीने तक की जेल या ₹5,000 के जुर्माने का प्रावधान है। साथ ही पहली बार यातायात नियम तोड़ने पर धारा 177 के तहत ₹500 का अतिरिक्त जुर्माना लगाया जाता है।

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