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हल्द्वानी में खरगे के मंच के शुद्धिकरण पर भड़कीं प्रियंका गांधी: ‘पीएम मोदी सच में संविधान मानते हैं तो कराएं FIR दर्ज’

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नई दिल्ली: उत्तराखंड के हल्द्वानी में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की रैली वाली जगह पर कथित ‘शुद्धिकरण’ किए जाने के मामले को लेकर कांग्रेस पार्टी ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) और केंद्र सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।

शनिवार को लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी द्वारा दलितों के खिलाफ छुआछूत के मुद्दे पर की गई प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद, रविवार को कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने भी कड़े शब्दों में भाजपा पर निशाना साधा। प्रियंका गांधी ने कहा, “अगर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सच में संविधान का सम्मान करते हैं, तो उन्हें हल्द्वानी में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की रैली वाली जगह पर शुद्धिकरण करने वालों के खिलाफ तुरंत एफआईआर (FIR) दर्ज करानी चाहिए।”

📜 ‘यह SC/ST एक्ट और संविधान का खुला उल्लंघन’: प्रियंका गांधी का तीखा बयान

सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया और प्रमुख मांगें:

  • सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग: प्रियंका गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (X) पर पोस्ट करते हुए स्पष्ट किया कि इस घृणित कृत्य को अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (SC/ST) अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत गैर-जमानती अपराध मानकर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।

  • संविधान का अपमान: उन्होंने लिखा कि खरगे जी की रैली के बाद भाजपा-आरएसएस से जुड़े लोगों द्वारा मंच का शुद्धिकरण किया जाना न केवल निंदनीय और शर्मनाक है, बल्कि देश के संविधान और दलित समाज के आत्मसम्मान पर सीधा प्रहार है।

  • 20 दिन बाद भी कार्रवाई नहीं: उन्होंने केंद्र और राज्य सरकार पर उदासीनता का आरोप लगाते हुए कहा कि इस घटना को बीते 20 दिन हो चुके हैं, लेकिन अब तक प्रधानमंत्री और उनकी सरकार ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया है।

🎙️ राहुल गांधी की दो-टूक: ‘यह भाजपा-आरएसएस की छुआछूत वाली संकीर्ण मानसिकता’

प्रेस कॉन्फ्रेंस के मुख्य बिंदु:

  • छुआछूत के बराबर हरकत: कांग्रेस मुख्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने इस घटना को छुआछूत की सामंती सोच करार दिया और इसके लिए सीधे तौर पर भाजपा-आरएसएस की विचारधारा को जिम्मेदार ठहराया।

  • दलितों की प्रगति का विरोध: राहुल गांधी ने कहा, “यह घटना दर्शाती है कि भाजपा और आरएसएस के लोग दलितों को बराबरी का दर्जा, सम्मान और समाज में आगे बढ़ता हुआ नहीं देखना चाहते।”

  • न्याय की जिम्मेदारी सरकार की: उन्होंने कहा कि देश के प्रमुख विपक्षी दल के अध्यक्ष के सम्मान की रक्षा करना और उन्हें न्याय दिलाना केंद्र और उत्तराखंड राज्य सरकार की संवैधानिक जिम्मेदारी है।

⚖️ ‘पीएम मोदी हर जाति के होने का दावा करते हैं, तो क्यों हैं चुप?’

राजनीतिक सवाल और जवाबदेही:

  • प्रधानमंत्री की जवाबदेही: राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पूर्व बयानों का हवाला देते हुए सवाल किया कि जब पीएम खुद को हर वर्ग और पूरे देश का प्रधानमंत्री बताते हैं, तो उत्तराखंड में उनकी ही पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष इस ‘शुद्धिकरण’ का बचाव कैसे कर सकते हैं?

  • एफआईआर दर्ज करने पर अड़े: कांग्रेस नेतृत्व ने दो-टूक कहा है कि जब तक इस अमानवीय घटना के जिम्मेदार लोगों के खिलाफ SC/ST एक्ट के तहत एफआईआर दर्ज नहीं की जाती, तब तक कांग्रेस पार्टी इस मुद्दे को पूरे देश में प्रमुखता से उठाती रहेगी।

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