कालका-शिमला ट्रैक पर भारी बारिश से लैंडस्लाइड: गुम्मन-कोटी के बीच फंसीं 4 ट्रेनें, 390 यात्रियों का सुरक्षित रेस्क्यू
अंबाला (हरियाणा): 29 अगस्त की रात हिमाचल प्रदेश में हुई भीषण मूसलाधार बारिश के चलते उत्तर रेलवे के अंबाला रेल मंडल अंतर्गत गुम्मन और कोटी रेलवे स्टेशनों के बीच रेलवे ट्रैक गंभीर रूप से प्रभावित हो गया।
ट्रैक के किनारे की मिट्टी बहने (लैंडस्लाइड) की सूचना मिलते ही रेलवे प्रशासन ने तत्परता दिखाते हुए राहत और बचाव अभियान शुरू किया। यात्रियों की जान-माल की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए ट्रैक पर दौड़ रही 4 ट्रेनों को तत्काल अलग-अलग सुरक्षित स्टेशनों पर रोक दिया गया। इन ट्रेनों में विदेशी पर्यटकों सहित लगभग 390 यात्री सवार थे, जो बीच रास्ते में फंस गए थे।
🚌 बसों और गाड़ियों से कालका पहुंचाए गए यात्री: विदेशी सैलानियों ने भी की सराहना
रेस्क्यू ऑपरेशन और यात्रियों की देखभाल:
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सड़क मार्ग से सुरक्षित निकासी: अंबाला रेल मंडल के वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक (Sr. DCM) यशनजीत सिंह के अनुसार, ट्रेनों को ऐसे स्टेशनों पर रोका गया था जहां से सड़क संपर्क सुगम हो। रेलवे ने त्वरित समन्वय कर धर्मपुर, कोटी और सोलन स्टेशनों से विशेष बसों एवं अन्य वाहनों की व्यवस्था की और सभी 390 यात्रियों को सुरक्षित कालका पहुंचाया।
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भोजन और जलपान की व्यवस्था: कालका स्टेशन पहुंचने पर सभी यात्रियों के लिए पीने के पानी, स्नैक्स और ताजे भोजन का प्रबंध किया गया।
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कनेक्टिंग ट्रेनों का री-शेड्यूल: यात्रियों की आगे की यात्रा निर्बाध रहे, इसके लिए कालका-हावड़ा कनेक्टिंग ट्रेन के समय में फेरबदल (पुनर्निर्धारण) किया गया ताकि किसी की ट्रेन न छूटे। विदेशी सैलानियों ने रेलवे की इस त्वरित और मानवीय व्यवस्था के लिए आभार व्यक्त किया।
🛠️ 1 सितंबर तक ट्रेनें रद्द: युद्धस्तर पर जारी है ट्रैक मरम्मत का कार्य
ट्रैक की बहाली और आगामी निर्णय:
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अधिकारियों की निगरानी: रेलवे के उच्चाधिकारी कंट्रोल रूम से पूरे रेस्क्यू ऑपरेशन और ट्रैक बहाली कार्य की पल-पल की निगरानी करते रहे।
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मरम्मत कार्य में तेजी: प्रभावित ट्रैक के किनारे बही मिट्टी और मलबे को हटाने तथा पटरियों को सुरक्षित बनाने का काम युद्धस्तर पर जारी है। यदि मौसम अनुकूल रहा, तो अगले 2 से 3 दिनों में ट्रैक को पूरी तरह दुरुस्त कर लिया जाएगा।
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1 सितंबर तक संचालन बंद: सुरक्षा मानकों के मद्देनजर इस पूरे सेक्शन पर ट्रेनों का आवागमन 1 सितंबर तक पूर्णतः रद्द कर दिया गया है। इसके उपरांत तकनीकी परीक्षण और मौसम की स्थिति की समीक्षा कर ट्रेन संचालन पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा।
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