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उत्तराखंड में मूसलाधार बारिश से जनजीवन बेहाल: मसूरी मार्ग पर भूस्खलन, नैनीताल मॉल रोड पर भरा मलबा

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देहरादून/नैनीताल (उत्तराखंड): उत्तराखंड के पर्वतीय इलाकों में लगातार हो रही तेज बारिश के कारण आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो गया है।

एक तरफ जहां प्रमुख मसूरी-देहरादून मार्ग पर लगातार हो रहे भूस्खलन (लैंडस्लाइड) से वाहनों की आवाजाही बाधित हो रही है, वहीं दूसरी तरफ पर्यटन नगरी नैनीताल में उफनते बरसाती नालों का पानी और भारी मलबा प्रसिद्ध मॉल रोड तक पहुंच गया है। दोनों ही प्रमुख क्षेत्रों में लोक निर्माण विभाग (PWD) और स्थानीय प्रशासन की टीमें यातायात सुचारू करने तथा राहत कार्य में मुस्तैदी से जुटी हुई हैं।

🚧 मसूरी-देहरादून मार्ग पर बोल्डर गिरने से आफत: गलोगी के पास JCB से हटाया गया मलबा

मार्ग बहाली और पीडब्ल्यूडी की कार्रवाई:

  • गलोगी के पास बोल्डर: लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के चीफ इंजीनियर ने बताया कि गलोगी के समीप पहाड़ी से गिरे विशाल बोल्डरों और मलबे को 2 जेसीबी मशीनों की मदद से हटाकर रास्ता साफ कराया गया है।

  • निरंतर निगरानी: भूस्खलन से प्रभावित संवेदनशील हिस्सों पर सुरक्षा के लिहाज से 24 घंटे निगरानी रखी जा रही है ताकि जाम की स्थिति से निपटा जा सके।

⛰️ पानी वाले बैंड पर बची थी केवल 2.5 मीटर सड़क: पहाड़ कटिंग कर चौड़ा किया गया मार्ग

तकनीकी सुधार और स्थायी समाधान की योजना:

  • पहाड़ की कटिंग: चीफ इंजीनियर के अनुसार, पानी वाले बैंड के पास भूस्खलन के कारण सड़क का मात्र 2.5 मीटर हिस्सा ही शेष रह गया था। वाहनों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए पहाड़ की कटिंग कर सड़क को चौड़ा किया गया है।

  • लैंडस्लाइड मिटिगेशन सेंटर की मदद: भूस्खलन के स्थायी समाधान के लिए उत्तराखंड लैंडस्लाइड मिटिगेशन सेंटर से तकनीकी सहयोग लिया जा रहा है।

  • 15 से 20 दिनों में रिपोर्ट: प्रभावित क्षेत्रों का टोपोग्राफिकल सर्वे और मिट्टी की जांच (सॉयल टेस्टिंग) पूरी हो चुकी है। अगले 15 से 20 दिनों में विस्तृत रिपोर्ट आने के बाद वन विभाग के समन्वय से स्थायी रोकथाम का कार्य शुरू किया जाएगा।

🌊 नैनीताल के नाले उफान पर: मॉल रोड और दुकानों तक पहुंचा पानी, झील में समाया मलबा

नैनीताल शहर का हाल और स्थानीय निवासियों का आक्रोश:

  • मॉल रोड पर मलबा: नैनीताल की जीवनरेखा कहे जाने वाले बरसाती नाले उफान पर हैं। भारी बारिश के साथ नालों का गंदा पानी, पत्थर और मलबा बहकर सीधे मॉल रोड और दुकानों के आगे जमा हो गया है।

  • सफाई न होने का आरोप: स्थानीय व्यापारियों और नागरिकों का आरोप है कि मानसून पूर्व नालों की समुचित सफाई न होने के कारण यह स्थिति बनी।

  • नैनी झील पर संकट: भारी मात्रा में बहकर आया मलबा सीधे नैनी झील में समा रहा है, जिससे झील की गहराई और पर्यावरण दोनों के लिए गंभीर खतरा पैदा हो गया है।

🚨 प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर: अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील

सुरक्षा परामर्श और प्रशासनिक दिशा-निर्देश:

  • मानसून अलर्ट: राज्य में आगामी दिनों में भी बारिश का सिलसिला जारी रहने के पूर्वानुमान को देखते हुए शासन-प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है।

  • यात्रियों को सलाह: मसूरी-देहरादून मार्ग और नैनीताल आने-जाने वाले पर्यटकों तथा स्थानीय लोगों से अपील की गई है कि वे भारी बारिश के दौरान अनावश्यक यात्रा करने से बचें और मौसम विभाग की चेतावनियों का पालन करें।

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