रायपुर एम्स के मंच से दिखा बदलते छत्तीसगढ़ का स्वरूप: उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने किया छात्रों को सम्मानित
रायपुर (छत्तीसगढ़): छत्तीसगढ़ की तेजी से बदलती तस्वीर और स्वास्थ्य सेवाओं के व्यापक विस्तार की झलक रायपुर एम्स (AIIMS) के मंच पर देखने को मिली।
संस्थान के तीसरे दीक्षांत समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने मेधावी विद्यार्थियों को उपाधियां और पदक प्रदान किए। उन्होंने कहा कि एम्स रायपुर केवल एक उच्चस्तरीय चिकित्सा संस्थान नहीं, बल्कि नए भारत और विकसित होते नए छत्तीसगढ़ के सशक्त बदलाव का जीवंत प्रतीक बन चुका है।
🎖️ 689 विद्यार्थियों को मिलीं डिग्रियां: 16 मेधावी छात्र स्वर्ण पदक से सम्मानित
समारोह की मुख्य उपलब्धियां और दीक्षांत ब्योरा:
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डिग्री वितरण: विभिन्न चिकित्सा, पैरामेडिकल और स्वास्थ्य विज्ञान संकायों के 689 छात्र-छात्राओं ने अपनी शिक्षा पूरी कर औपचारिक उपाधियां प्राप्त कीं।
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उत्कृष्ट प्रदर्शन पर सम्मान: शैक्षणिक सत्र में सर्वोच्च अंक और उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले 16 मेधावी विद्यार्थियों को विशिष्ट पुरस्कार, प्रमाण-पत्र और स्वर्ण पदकों (Gold Medals) से नवाजा गया।
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नई जिम्मेदारियों का बोध: उपराष्ट्रपति ने उपाधि प्राप्त करने वाले युवा चिकित्सकों से कहा कि यह डिग्री केवल पेशेवर उपलब्धि नहीं, बल्कि समाज के प्रति समर्पण और सेवा की बड़ी जिम्मेदारी है।
🕊️ ‘जहां कभी हिंसा थी, वहां आज हो रहा विकास’: नक्सलवाद के खात्मे पर जोर
राज्य की कानून व्यवस्था और आधारभूत ढांचा:
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भयमुक्त वातावरण: उपराष्ट्रपति ने राज्य के परिदृश्य पर चर्चा करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ अब डर, दहशत और अभाव के दौर को पीछे छोड़कर शांति और नए अवसरों की दिशा में बढ़ रहा है।
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बुनियादी विकास: जिन दुर्गम क्षेत्रों में कभी हिंसा का बोलबाला था, वहां आज पक्की सड़कें, स्कूल, अस्पताल, मोबाइल कनेक्टिविटी और औद्योगिक निवेश पहुंच रहे हैं।
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राजनीतिक इच्छाशक्ति: उन्होंने इस सकारात्मक परिवर्तन का श्रेय मजबूत राजनीतिक इच्छाशक्ति और सुरक्षाबलों के प्रभावी अभियानों को दिया।
🏥 ‘पहले लोग एम्स पहुंचते थे, अब एम्स लोगों तक पहुंच रहा है’
स्वास्थ्य सेवाओं का विकेंद्रीकरण और युवाओं से अपील:
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सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं: उपराष्ट्रपति ने रेखांकित किया कि पूर्व में गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए लोगों को दिल्ली एम्स तक का लंबा सफर तय करना पड़ता था, लेकिन आज स्वास्थ्य ढांचे का इतना विस्तार हो चुका है कि एम्स स्वयं आम जनता की दहलीज तक पहुंच रहा है।
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नशामुक्ति का आह्वान: उन्होंने उच्च शिक्षण संस्थानों के बढ़ते नेटवर्क की सराहना करते हुए युवाओं से नशीले पदार्थों से पूरी तरह दूर रहकर राष्ट्र निर्माण में ऊर्जा लगाने का आग्रह किया।
🩺 ‘मरीजों के साथ रखें सहानुभूति और सीखें AI तकनीक’: केंद्रीय राज्य मंत्री अनुप्रिया पटेल
चिकित्सा क्षेत्र में तकनीकी बदलाव और मानवीय दृष्टिकोण:
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सिकल सेल उन्मूलन: केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री अनुप्रिया पटेल ने संस्थान की सराहना करते हुए कहा कि एम्स रायपुर अंग प्रत्यारोपण और विशेषकर जनजातीय क्षेत्रों में सिकल सेल एनीमिया के खात्मे में अग्रणी भूमिका निभा रहा है।
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सहानुभूति की महत्ता: उन्होंने नवनियुक्त डॉक्टरों से कहा कि बीमारी के उपचार में आधुनिक दवाइयों के साथ-साथ मरीज के प्रति आत्मीयता और सहानुभूति होना भी उतना ही आवश्यक है।
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AI साक्षरता: भविष्य की चिकित्सा प्रणाली को ध्यान में रखते हुए उन्होंने हेल्थकेयर में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) साक्षरता अपनाने पर विशेष बल दिया।
⏱️ राज्यपाल रमेन डेका ने बताया ‘गोल्डन आवर’ का महत्व: पड़ोसी राज्यों को भी मिल रहा लाभ
आपातकालीन चिकित्सा और निर्णय क्षमता:
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गंभीर पलों का महत्व: छत्तीसगढ़ के राज्यपाल रमेन डेका ने कहा कि किसी दुर्घटना या गंभीर बीमारी के समय शुरुआती एक घंटा (Golden Hour) जान बचाने के लिए सबसे संवेदनशील होता है, जहां डॉक्टरों का त्वरित फैसला मरीज की जिंदगी तय करता है।
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क्षेत्रीय केंद्र: उन्होंने रेखांकित किया कि रायपुर एम्स का लाभ न केवल छत्तीसगढ़ बल्कि ओडिशा, मध्य प्रदेश और झारखंड जैसे पड़ोसी राज्यों के जरूरतमंद मरीजों को भी मिल रहा है।
🌐 स्वास्थ्य क्षेत्र में राष्ट्रीय पहचान बना रहा AIIMS रायपुर
समारोह में प्रमुख हस्तियों की मौजूदगी:
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गरिमामयी उपस्थिति: इस अवसर पर छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल, रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल, एम्स प्रेसिडेंट प्रोफेसर डॉ. संजीव हांडा और एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर रिटायर्ड लेफ्टिनेंट जनरल अशोक जिंदल सहित अनेक विशेषज्ञ उपस्थित रहे।
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बदलाव का संदेश: यह दीक्षांत समारोह न केवल विद्यार्थियों की शैक्षणिक यात्रा का पड़ाव बना, बल्कि नक्सल मोर्चे से लेकर आधुनिक सुपर स्पेशलिटी स्वास्थ्य क्रांति तक छत्तीसगढ़ के सशक्त सफर का प्रतीक बनकर उभरा।
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