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Jalandhar Janmashtami Security: जन्माष्टमी पर जालंधर में सुरक्षा चाक-चौबंद, CP सतिंद्र सिंह ने दिए मंदिरों की निगरानी के कड़े निर्देश

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जालंधर (पंजाब): भगवान श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के पावन पर्व के उपलक्ष्य में कमिश्नरेट पुलिस जालंधर ने समूचे शहर में कानून एवं शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए सुरक्षा चक्र अभेद्य कर दिया है।

पुलिस कमिश्नर (CP) सतिंद्र सिंह ने शहर के सभी प्रमुख और ऐतिहासिक मंदिरों को कड़े सुरक्षा घेरे में लेने के आधिकारिक निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को स्पष्ट रूप से निर्देशित किया है कि उत्सव के दौरान किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तुरंत रोक लगाने के लिए शहरभर में विशेष निगरानी तंत्र सक्रिय रखा जाए।

👮‍♂️ मंदिरों में उमड़ेगी श्रद्धालुओं की भारी भीड़: रात के समय वरिष्ठ अधिकारी खुद करेंगे गश्त व निरीक्षण

सुरक्षा व्यवस्था और वरिष्ठ अधिकारियों की तैनाती:

  • संवेदनशील स्थलों पर सुरक्षा: पर्व के पावन अवसर पर मंदिरों में दूर-दराज से लाखों की संख्या में पहुंचने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा को सर्वोपरि रखते हुए कमिश्नरेट पुलिस ने व्यापक ब्लूप्रिंट तैयार किया है।

  • अधिकारियों की रात्रि गश्त: पुलिस कमिश्नर सतिंद्र सिंह ने वरिष्ठ अधिकारियों की विशेष टीमें गठित कर उनकी रात्रि ड्यूटी तय की है, जो देर रात तक शहर के विभिन्न मंदिरों, पंडालों और मुख्य चौराहों का औचक दौरा कर सुरक्षा प्रबंधों का भौतिक जायजा लेंगी।

  • जवानों की सक्रियता पर नजर: निरीक्षण के दौरान अधिकारी इस बात की पुष्टि करेंगे कि मंदिरों के मुख्य द्वारों और संवेदनशील स्थानों पर तैनात पुलिस बल पूरी मुस्तैदी से अपनी ड्यूटी पर उपस्थित रहे।

🚦 क्राउड मैनेजमेंट और ट्रैफिक रूट्स पर पैनी नजर: अप्रिय घटनाओं को रोकने के पुख्ता इंतजाम

भीड़ नियंत्रण और आकस्मिक योजना:

  • भीड़ नियंत्रण (Crowd Control): अत्यधिक भीड़भाड़ वाले मंदिरों के बाहर बैरिकेडिंग और कतारबद्ध दर्शन की विशेष व्यवस्था सुनिश्चित की जा रही है, ताकि किसी भी प्रकार की भगदड़ या अव्यवस्था की स्थिति न बने।

  • रास्तों की सतत निगरानी: मंदिरों की ओर आने-जाने वाले सभी प्रमुख संपर्क मार्गों पर ट्रैफिक पुलिस कर्मियों को तैनात किया गया है, जिससे यातायात बाधित न हो और श्रद्धालुओं का आवागमन सुगम बना रहे।

  • समय रहते त्वरित कार्रवाई: पुलिस कंट्रोल रूम और पीसीआर (PCR) वैनों को चौबीसों घंटे अलर्ट मोड पर रखा गया है, ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति या असामाजिक हरकत की सूचना मिलते ही समय रहते आवश्यक कानूनी व एहतियाती कदम उठाए जा सकें।

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