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Gwalior Achaleshwar Mandir: अचलेश्वर महादेव मंदिर की दानपेटी से निकली अनोखी चिट्ठियां, भक्त बोला- ‘काम बना तो आखिरी बार पियूंगा शराब’

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ग्वालियर (मध्य प्रदेश): मंगलवार को ग्वालियर के सुप्रसिद्ध अचलेश्वर महादेव मंदिर की दानपेटियों को खोला गया, जहां पूरे महीने के चढ़ावे के साथ श्रद्धालुओं द्वारा भगवान शिव के चरणों में समर्पित की गईं अनोखी और भावुक चिट्ठियां भी सामने आईं।

दानपात्रों में किसी भक्त ने अपनी अच्छी सेहत की प्रार्थना की थी, तो किसी ने अपने परिवारजनों की खुशहाली के लिए मन्नत मांगी थी। इसी गणना के दौरान कर्मचारियों के हाथ एक ऐसी चिट्ठी लगी जिसे पढ़कर वे आश्चर्यचकित रह गए। इस पर्ची में एक भक्त ने भगवान भोलेनाथ से एक अनूठा वादा करते हुए लिखा था कि यदि उसका रुका हुआ कार्य पूरा हो जाता है, तो वह केवल आज आखिरी बार शराब पिएगा और इसके बाद मदिरापान को सदा के लिए त्याग देगा।

💰 20 रिटायर्ड बैंककर्मियों की निगरानी में हुई गिनती: ₹8.30 लाख का मिला रिकॉर्ड चढ़ावा

दान राशि और गणना का ब्योरा:

  • सख्त निगरानी में खुली पेटियां: मंदिर प्रबंधन समिति की देखरेख में 20 सेवानिवृत्त बैंक अधिकारियों और कर्मचारियों की उपस्थिति में सभी दानपात्रों को खोला गया।

  • दान में ₹1.50 लाख की बढ़ोतरी: इस माह की गणना में कुल 8 लाख 30 हजार 690 रुपये की नकद दान राशि प्राप्त हुई। यह पिछले महीने मिले 6 लाख 79 हजार 740 रुपये के चढ़ावे से 1 लाख 50 हजार 950 रुपये अधिक है।

  • चांदी के आभूषण और सिक्के: नकदी के अतिरिक्त दानपेटियों से चांदी के नाग-नागिन के पवित्र जोड़े, प्राचीन सिक्के और मन्नतों की अनेक हस्तलिखित पर्चियां भी बरामद हुईं।

🍶 ‘काम बना तो वादा है, आखिरी बार पियूंगा’: भक्त की अनोखी मन्नत ने खींचा सबका ध्यान

दानपात्र से निकली दिलचस्प चिट्ठी:

  • व्यवसाय शुरू करने की प्रार्थना: दानपात्र से मिली एक पर्ची में भक्त ने अपने नए उद्यम को सफल बनाने की अर्जी लगाई थी।

  • भक्त का वचन: उसने लिखा—”महादेव, मैं आपके समक्ष अर्जी लगा रहा हूं। मैं जो काम बहुत दिनों से शुरू करने की योजना बना रहा हूं, वह शीघ्र प्रारंभ हो जाए और निर्विघ्न चले। महादेव, यदि ऐसा हो जाता है तो मैं बस अभी अंतिम बार पियूंगा, उसके बाद जीवन भर के लिए शराब छोड़ दूंगा। यह मेरा आपसे पक्का वादा है।”

📚 कक्षा 3 की नन्हीं छात्रा की मासूम अर्जी: ‘प्लीज गॉड, मुझे टेस्ट में पास कर देना’

मासूमियत और गहरी आस्था की बानगी:

  • तनवी की मन्नत: दानपेटियों में स्कूल की कॉपी के पन्ने पर लिखी एक छोटी बच्ची की पर्ची भी मिली, जिसने अपना नाम तनवी दर्ज किया था।

  • विषयों की सूची भी लिखी: तीसरी कक्षा में पढ़ने वाली इस नन्हीं छात्रा ने लिखा—”प्लीज गॉड, मुझे टेस्ट में पास कर देना प्लीज। सब्जेक्ट- हिंदी, जीके (GK) और ईवीएस (EVS)।” अपनी स्कूली परीक्षा में सफलता के लिए आराध्य से लगाई गई यह गुहार वहां मौजूद सभी लोगों के चेहरे पर मुस्कान ले आई।

🕊️ किसी ने मांगा पति के लिए रोजगार, तो किसी ने पूछा दिवंगत भाई का हाल

भक्तों की विविध और भावुक प्रार्थनाएं:

  • आरोग्य और आजीविका की गुहार: प्राप्त पत्रों में से कुछ में श्रद्धालुओं ने अपनी गंभीर बीमारियों से मुक्ति और स्वास्थ्य लाभ की प्रार्थना की थी, जबकि कई महिलाओं ने अपने पतियों के लिए स्थिर रोजगार व तरक्की की कामना की थी।

  • पुनर्जन्म को लेकर सवाल: एक अत्यंत मार्मिक पर्ची में एक भक्त ने अपने दिवंगत भाई की आत्मा की शांति और स्थिति को लेकर महादेव से पूछा था कि उनका भाई अब किस योनि में है या फिर क्या वह उनके घर में पुत्र के रूप में पुनर्जन्म ले चुका है।

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