Local & National News in Hindi

Maihar Wild Elephant Alert: बांधवगढ़ का रेडियो कॉलर हाथी पहुंचा मैहर, गोरसरी पहाड़ी पर ट्रेस हुई लोकेशन; 26 सदस्यीय टीम तैनात

45

मैहर (मध्य प्रदेश): बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व का रेडियो कॉलर लगा जंगली हाथी अब मैहर वन मंडल के घने जंगलों में प्रवेश कर गया है। हाथी की उपस्थिति मैहर क्षेत्र स्थित गोरसरी पहाड़ी के समीप ट्रैक होने के उपरांत बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व प्रबंधन ने उसकी सुरक्षा और ट्रैकिंग बढ़ा दी है। हाथी की गतिविधियों पर चौबीसों घंटे पैनी नजर रखने और मानव-वन्यजीव संघर्ष की किसी भी अप्रिय आशंका को टालने के लिए बांधवगढ़ से वन अधिकारियों और विशेषज्ञों की विशेष टीम को तत्काल मैहर वन क्षेत्र में तैनात किया गया है।

📡 कॉलर नंबर 4 वाला हाथी पूरी तरह स्वस्थ: अनूपपुर से रेस्क्यू कर बांधवगढ़ लाया गया था

हाथी की पृष्ठभूमि और मूवमेंट का विवरण:

  • पूरी तरह सुरक्षित और स्वस्थ: बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के क्षेत्र संचालक अनुपम सहाय ने पुष्टि की है कि ‘कॉलर नंबर 4’ वाला हाथी शारीरिक रूप से पूर्णतः स्वस्थ है और वर्तमान में मैहर वन मंडल के जंगल क्षेत्र में स्वच्छंद विचरण कर रहा है।

  • रेडियो कॉलर से रियल-टाइम ट्रैकिंग: गले में लगे उन्नत रेडियो कॉलर के माध्यम से हाथी की हर गतिविधि और सटीक भौगोलिक लोकेशन की लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है।

  • अनूपपुर से मैहर तक का सफर: इस हाथी को पूर्व में अनूपपुर जिले के वन क्षेत्र से रेस्क्यू करके बांधवगढ़ लाया गया था। वैज्ञानिक निगरानी के उद्देश्य से कॉलर लगाकर इसे खतौली क्षेत्र के जंगलों में छोड़ा गया था। वहां से प्राकृतिक कॉरिडोर के जरिए आगे बढ़ते हुए यह मैहर की गोरसरी पहाड़ी तक आ पहुंचा है।

👥 26 सदस्यीय विशेषज्ञ दल कर रहा है कैंप: प्रशिक्षित हाथी राम और सूर्य भी मोर्चे पर

निगरानी अभियान और तैनात संसाधन:

  • उच्चाधिकारियों का दल मौजूद: हाथी की ट्रैकिंग और प्रबंधन के लिए बांधवगढ़ के क्षेत्र संचालक, उप संचालक, सहायक संचालक और तीन वन परिक्षेत्र अधिकारियों (रेंजर) सहित कुल 26 अनुभवी अधिकारियों-कर्मचारियों का दल मैहर में डेरा डाले हुए है।

  • अनुभवी हाथियों और महावतों की मदद: निगरानी अभियान को मजबूती देने के लिए बांधवगढ़ के दो प्रशिक्षित कुमकी हाथी ‘राम’ और ‘सूर्य’ के साथ चार महावतों को भी फील्ड में उतारा गया है।

  • प्राकृतिक व्यवहार में हस्तक्षेप नहीं: वन अमले का प्राथमिक प्रयास यह है कि हाथी की प्राकृतिक गतिविधियों में किसी प्रकार का अनावश्यक मानवीय दखल दिए बिना उसकी दूर से निगरानी की जाए।

📢 आसपास के ग्रामीण इलाकों में अलर्ट: ग्रामीणों को सतर्क रहने की हिदायत

सुरक्षा उपाय और जागरूकता:

  • ग्रामीणों को पूर्व सूचना: वन विभाग की टीमें हाथी की संभावित दिशा को देखते हुए निकटवर्ती गांवों और बस्तियों में लगातार मुनादी कराकर ग्रामीणों को सतर्क कर रही हैं।

  • जंगल की ओर न जाने की सलाह: ग्रामीणों से अपील की गई है कि वे अनावश्यक रूप से जंगल के भीतरी रास्तों पर न जाएं और हाथी दिखाई देने पर उसे छेड़ने अथवा उसके पास जाने का प्रयास न करें।

  • फील्ड टीम मुस्तैद: क्षेत्र संचालक अनुपम सहाय के अनुसार, मैहर और बांधवगढ़ का संयुक्त वन अमला स्थिति पर पूरी तरह नियंत्रण बनाए हुए है ताकि हाथी सुरक्षित रहे और किसी भी प्रकार की जनहानि या फसल क्षति को रोका जा सके।

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.