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पंजाब और हरियाणा विधानसभा को बम से उड़ाने की धमकी: ई-मेल मिलते ही मचा हड़कंप

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चंडीगढ़: पंजाब और हरियाणा विधानसभा भवन को बम से उड़ाने की धमकी भरी एक अज्ञात ई-मेल प्राप्त होने के बाद पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों में हड़कंप मच गया।

धमकी भरे संदेश की सूचना मिलते ही पुलिस का ऑपरेशन सेल, बम निरोधक दस्ता (Bomb Disposal Squad) और श्वान दस्ता (Dog Squad) की विशेष टीमें तुरंत विधानसभा परिसर पहुंचीं। एहतियात के तौर पर पूरे इलाके को सुरक्षा घेरे में ले लिया गया और वरिष्ठ अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया।

🔍 बम निरोधक दस्ते और डॉग स्क्वॉड ने खंगाला परिसर: नहीं मिली कोई संदिग्ध वस्तु

सर्च ऑपरेशन और सुरक्षा जांच:

  • सघन तलाशी अभियान: सुरक्षा बलों और विशेष दस्तों ने विधानसभा के मुख्य भवन, विभिन्न कार्यालयों, दीर्घाओं और आसपास के खुले क्षेत्रों की मेटल डिटेक्टर व आधुनिक उपकरणों से गहन छानबीन की।

  • कोई आपत्तिजनक सामग्री नहीं मिली: पूरे परिसर की बारीकी से ली गई तलाशी के उपरांत सुरक्षा एजेंसियों को कोई भी संदिग्ध अथवा विस्फोटक वस्तु बरामद नहीं हुई, जिसके बाद सुरक्षा अधिकारियों ने राहत की सांस ली।

  • सुरक्षा व्यवस्था कड़ी: परिसर में प्रवेश करने वाले प्रत्येक व्यक्ति और वाहनों की सघन जांच के निर्देश दिए गए हैं।

💻 साइबर सेल ने शुरू की तकनीकी जांच: ई-मेल के आईपी एड्रेस को किया जा रहा ट्रैक

जांच का तकनीकी पहलू:

  • स्रोत का पता लगाने में जुटी टीम: चंडीगढ़ पुलिस की साइबर अपराध शाखा (Cyber Crime Cell) ने मामले की तकनीकी जांच आरंभ कर दी है।

  • डिजिटल साक्ष्य जुटाए गए: ई-मेल किस सर्वर और इंटरनेट प्रोटोकॉल (IP) पते से भेजी गई है, इसके स्रोत और प्रेषक की वास्तविक लोकेशन का पता लगाने के लिए तकनीकी विशेषज्ञों की मदद ली जा रही है।

  • आरोपी की तलाश: पुलिस का कहना है कि फर्जी पहचान बनाकर भ्रामक मेल भेजने वाले व्यक्ति को जल्द ट्रेस कर विधिक कार्रवाई की जाएगी।

⚠️ पहले भी मिल चुकी हैं झूठी धमकियां: पुलिस बरत रही पूरी सतर्कता

पूर्व घटनाएं और प्रशासनिक रुख:

  • सरकारी कार्यालयों को निशाना: गौरतलब है कि इससे पूर्व भी चंडीगढ़ स्थित कई प्रमुख प्रशासनिक कार्यालयों, अदालतों और शिक्षण संस्थानों को इसी प्रकार बम से उड़ाने की धमकी भरी ई-मेल प्राप्त हो चुकी हैं।

  • अफवाह साबित हुईं पिछली सूचनाएं: पूर्व के सभी मामलों में भी गहन जांच के बाद कोई विस्फोटक सामग्री नहीं मिली थी और वे केवल दहशत फैलाने के लिए भेजी गई फर्जी सूचनाएं (Hoax Emails) साबित हुई थीं।

  • जीरो टॉलरेंस पर जांच: पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि भले ही यह शरारत प्रतीत हो रही हो, किंतु सुरक्षा के मद्देनजर इस धमकी को पूरी गंभीरता से लेते हुए सभी संभावित कोणों से जांच जारी है।

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