Local & National News in Hindi

Simhastha 2028 Projects: सिंहस्थ 2028 से पहले इंदौर-उज्जैन सिक्सलेन समेत पूरे होंगे ये 5 बड़े एक्सप्रेसवे प्रोजेक्ट, देखें पूरी लिस्ट

51

सागर। मध्य प्रदेश में तेजी से चल रहे रोड इंफ्रास्ट्रक्चर (Road Infrastructure) के कामों के चलते वर्ष 2028 तक प्रदेश का नक्शा और कनेक्टिविटी पूरी तरह बदली हुई नजर आएगी। मालवा क्षेत्र में ‘सिंहस्थ 2028’ के महाकुंभ और बुंदेलखंड इलाके में कई बड़े सड़क प्रोजेक्ट्स आकार ले रहे हैं।

सबसे ज्यादा विकास कार्य सिंहस्थ 2028 को ध्यान में रखते हुए मालवा अंचल और खासकर उज्जैन में किए जा रहे हैं। सिंहस्थ के मद्देनजर इंदौर-उज्जैन फोरलेन, इंदौर-उज्जैन सिक्सलेन और इंदौर-जावरा ग्रीनफील्ड प्रोजेक्ट्स को जल्द से जल्द पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है, जो महाकुंभ में ट्रैफिक मैनेजमेंट के लिए लाइफलाइन साबित होंगे।

इसके साथ ही दक्षिण भारत से कनेक्टिविटी सुधारने के लिए इंदौर-हैदराबाद प्रोजेक्ट 2028 तक पूरा हो जाएगा। वहीं, बुंदेलखंड और महाकौशल को राजधानी भोपाल व मालवा से जोड़ने वाला सागर-जबलपुर फोरलेन भी जल्द ही पूरी तरह तैयार हो जाएगा।

🚗 उज्जैन की 3 सबसे अहम सड़क परियोजनाएं: सिंहस्थ 2028 के लिए खर्च हो रहे हजारों करोड़ रुपये

सिंहस्थ 2028 को ध्यान में रखते हुए उज्जैन और आसपास के क्षेत्रों में इंफ्रास्ट्रक्चर निर्माण की हजारों करोड़ रुपये की परियोजनाओं पर काम चल रहा है। इसमें मुख्य रूप से उज्जैन से जुड़ी 3 बड़ी परियोजनाएं शामिल हैं:

  • उज्जैन-इंदौर सिक्सलेन प्रोजेक्ट

  • इंदौर-उज्जैन ग्रीनफील्ड फोरलेन

  • उज्जैन-जावरा ग्रीनफील्ड फोरलेन

इसके अलावा इंदौर-हैदराबाद नेशनल हाईवे भी 2028 तक बनकर तैयार हो जाएगा, जिससे मालवा अंचल के व्यापार और पर्यटन की तस्वीर बदल जाएगी।

⚡ उज्जैन-इंदौर 6 लेन प्रोजेक्ट: 1,692 करोड़ की लागत से बनेगा हाईवे, सफर का समय घटकर रहेगा 45 मिनट

इंदौर और उज्जैन के बीच वर्तमान में दूरी लगभग 55 से 60 किलोमीटर है, लेकिन भारी ट्रैफिक के कारण सफर तय करने में डेढ़ से दो घंटे का समय लग जाता है। सिंहस्थ 2028 के मद्देनजर इस प्रोजेक्ट को समय पर पूरा करने के लिए निर्माण कार्य काफी तेजी से चल रहा है।

यह सिक्सलेन प्रोजेक्ट लगभग 1,692 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से हाइब्रिड एन्युटी मॉडल (Hybrid Annuity Model – HAM) के तहत बनाया जा रहा है। निर्माण के बाद अगले 15 वर्षों तक इसके रखरखाव की जिम्मेदारी निर्माण एजेंसी की होगी। प्रोजेक्ट पूरा होते ही दोनों शहरों का सफर महज 45 मिनट का रह जाएगा। इसमें नए पुल, फ्लाईओवर, अंडरपास और सर्विस लेन भी बनाए जा रहे हैं।

🛣️ इंदौर-उज्जैन ग्रीनफील्ड फोरलेन: 2,935 करोड़ रुपये की लागत से बनेगा एक्सेस-कंट्रोल्ड मार्ग

इंदौर-उज्जैन सिक्सलेन के अतिरिक्त लगभग 48 किलोमीटर लंबा एक अलग ग्रीनफील्ड फोरलेन एक्सप्रेसवे भी बनाया जा रहा है, जिसकी लागत करीब 2,935 करोड़ रुपये है।

यह एक्सप्रेसवे एक प्रवेश-नियंत्रित (Access-Controlled) मार्ग होगा, जिसे हाइब्रिड एन्युटी मोड (HAM) पर तैयार किया जा रहा है। इसका निर्माण कार्य प्रगति पर है और यह इंदौर व उज्जैन के बीच वाहनों की आवाजाही को बेहद सुगम और सुरक्षित बनाएगा।

🚚 उज्जैन-जावरा ग्रीनफील्ड फोरलेन: 5,017 करोड़ की लागत से सीधे दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे से जुड़ेगा उज्जैन

सिंहस्थ 2028 में देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं और भारी वाहनों के सुचारू प्रबंधन के लिए 5,017 करोड़ रुपये की लागत से उज्जैन-जावरा ग्रीनफील्ड फोरलेन हाईवे का निर्माण कराया जा रहा है।

लगभग 99 किलोमीटर लंबा यह मार्ग उज्जैन के मंगरोला गांव से शुरू होकर नागदा, खाचरोद और आलोट होते हुए जावरा में समाप्त होगा, जहां यह सीधे दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे से जुड़ जाएगा। यह मार्ग लॉजिस्टिक्स, व्यापार और पर्यटन के लिहाज से मील का पत्थर साबित होगा।

🌐 इंदौर-हैदराबाद एक्सप्रेसवे: 713 किमी लंबा रूट, 18 घंटे की जगह अब 9 घंटे में पूरा होगा सफर

इंदौर-हैदराबाद नेशनल हाईवे का काम लगभग अंतिम चरण में है। 713 किलोमीटर लंबा यह मेगा प्रोजेक्ट जल्द पूरा होने की उम्मीद है, जिससे मालवा अंचल को दक्षिण भारत से सीधा और सीधा संपर्क मिलेगा।

10 से 15 हजार करोड़ रुपये की अनुमानित लागत वाले इस प्रोजेक्ट के चालू होने से इंदौर और हैदराबाद के बीच का सफर 18 घंटे से घटकर महज 9 से 10 घंटे रह जाएगा। इस एक्सप्रेसवे में भेरूघाट, चोराल घाट और बैग्राम जैसे जोखिम भरे पहाड़ी रास्तों और तीखे मोड़ों की जगह अत्याधुनिक सुरंगे बनाई जा रही हैं, जिससे सड़क हादसों में भारी कमी आएगी।

🏗️ सागर-दमोह फोरलेन: 2,059 करोड़ रुपये का प्रोजेक्ट, बुंदेलखंड और महाकौशल की कनेक्टिविटी होगी मजबूत

यह फोरलेन सड़क सागर-जबलपुर फोरलेन प्रोजेक्ट का एक बेहद महत्वपूर्ण हिस्सा है। दमोह-जबलपुर खंड का निर्माण पहले से ही चल रहा है। पूर्व में भूमि अधिग्रहण की दिक्कतों के कारण सागर और दमोह के बीच फोरलेन निर्माण में कुछ विलंब हुआ था, लेकिन अब सभी अड़चनों को दूर कर काम तेजी से शुरू कर दिया गया है।

सागर से दमोह के बीच 76.68 किलोमीटर लंबी फोरलेन सड़क 2,059 करोड़ रुपये की लागत से हाइब्रिड एन्युटी मॉडल (HAM) के तहत बनाई जा रही है। इस रूट पर ट्रैफिक को बाधा रहित बनाने के लिए 13 अंडरपास, 3 बड़े पुल, 9 मध्यम पुल, 1 रेलवे ओवरब्रिज (ROB), 13 बड़े जंक्शन और 42 छोटे-मध्यम जंक्शनों का निर्माण किया जा रहा है।

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.