Chhattisgarh CM Visit: रायगढ़ के बनोरा आश्रम में सीएम साय ने खाया पंगत में प्रसाद; 8 एकड़ में बने आधुनिक विद्या मंदिर का उद्घाटन
रायगढ़। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय शुक्रवार को रायगढ़ जिले के ग्राम बनोरा स्थित सुप्रसिद्ध ‘अघोर गुरु पीठ’ पहुंचे। मुख्यमंत्री ने यहां अघोरेश्वर अवधूत भगवान राम जी की प्रतिमा के दर्शन कर विधिवत पूजा-अर्चना की और प्रदेश में शांति, समृद्धि एवं खुशहाली की कामना की।
सीएम साय ने इस अवसर पर पूज्य बाबा प्रियदर्शी राम जी से मुलाकात कर उनका आशीर्वाद व मार्गदर्शन प्राप्त किया और आश्रम में पंगत में बैठकर सादगी से प्रसाद ग्रहण किया।
🏫 8 एकड़ में निर्मित आधुनिक विद्यालय का लोकार्पण: 1 लाख वर्गफीट में फैली हैं 41 कक्षाएं व 9 लैब
प्रसाद ग्रहण करने के पश्चात मुख्यमंत्री अघोरेश्वर भगवान राम विद्या मंदिर के नवीन भवन के भव्य लोकार्पण समारोह में शामिल हुए। उन्होंने रिबन काटकर नवीन भवन का लोकार्पण किया और विद्यालय परिवार, छात्र-छात्राओं, शिक्षकों व क्षेत्रवासियों को हार्दिक बधाई दी।
आश्रम प्रबंधन की ओर से बताया गया कि यह आधुनिक विद्या मंदिर लगभग 8 एकड़ परिसर में फैला हुआ है। 1 लाख वर्गफीट में निर्मित (G+2) इस भव्य भवन में 41 सुसज्जित कक्षाएं, 9 आधुनिक प्रयोगशालाएं (Labs), समृद्ध पुस्तकालय (Library) और स्मार्ट क्लास की आधुनिक सुविधाएं विद्यार्थियों को मिल रही हैं। विद्यालय संचालन के लिए 32 समर्पित शिक्षकों और 14 कार्यालयीन कर्मचारियों की व्यवस्था की गई है।
🔬 विद्यार्थियों की विज्ञान प्रदर्शनी की सराहना: “तकनीक और संस्कारों का संगम है यह विद्या मंदिर”
मुख्यमंत्री ने परिसर का निरीक्षण किया और विद्यार्थियों द्वारा लगाई गई विज्ञान प्रदर्शनी का अवलोकन किया। बच्चों द्वारा बनाए गए विभिन्न वैज्ञानिक मॉडलों और नवाचारों में सीएम ने विशेष रुचि दिखाई तथा उनकी जिज्ञासा, वैज्ञानिक सोच और रचनात्मकता की सराहना की।
सीएम ने कहा, “आज का समय तेजी से बदलती तकनीक का समय है। हमारे बच्चों में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है, बस उन्हें आधुनिक संसाधन और अवसर देने की आवश्यकता है। यह विद्यालय किताबी ज्ञान के साथ बच्चों के व्यक्तित्व का सर्वांगीण विकास करेगा।”
🤝 “मानव सेवा ही अघोर परंपरा का मुख्य आधार”: बनोरा आश्रम की सामाजिक गतिविधियों की प्रशंसा
मुख्यमंत्री ने कहा कि अघोरेश्वर भगवान राम जी का संपूर्ण जीवन मानवता की सेवा, करुणा और सामाजिक समरसता को समर्पित रहा। उन्होंने कुष्ठ रोगियों, उपेक्षितों और जरूरतमंदों की सेवा को ईश्वर की साधना का माध्यम बनाया।
बनोरा आश्रम पिछले तीन दशकों से इसी सेवा परंपरा को निरंतर आगे बढ़ा रहा है। स्वास्थ्य एवं नेत्र शिविरों के आयोजन से लेकर दिव्यांगजनों को कृत्रिम अंग उपलब्ध कराने तक, आश्रम की बहुआयामी गतिविधियां समाज के अंतिम व्यक्ति तक राहत पहुंचा रही हैं।
❤️ “अघोरेश्वर भगवान राम जी से हमारे परिवार का दशकों पुराना नाता”: सीएम साय ने साझा की यादें
समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने अपने परिवार के गहरे आध्यात्मिक जुड़ाव को साझा किया। उन्होंने बताया कि उनके बड़े पिताजी स्वर्गीय केदारनाथ साय जी, अघोरेश्वर भगवान राम जी के अनन्य शिष्य थे।
इस कारण बचपन से ही उनके घर में अघोरेश्वर भगवान राम जी के प्रति गहरी श्रद्धा और सेवा-दर्शन का वातावरण रहा है। उन्होंने बताया कि अपने गांव बगिया से रायगढ़ आने-जाने के दौरान उन्हें हमेशा बाबा के दर्शन और आशीर्वाद प्राप्त करने का सौभाग्य मिलता रहा है।
🏥 तीन दशकों से शिक्षा, स्वास्थ्य और साधना का प्रमुख केंद्र है बनोरा पीठ
रायगढ़ का ग्राम बनोरा आज केवल आध्यात्मिक साधना स्थल नहीं, बल्कि शिक्षा, चिकित्सा और समाज सेवा का प्रमुख केंद्र बन चुका है। लगभग तीन दशक पूर्व पूज्य बाबा प्रियदर्शी राम जी द्वारा इस पीठ की नींव रखी गई थी।
कार्यक्रम में उपस्थित राज्य के वित्त मंत्री ने भी ट्रस्ट द्वारा चलाए जा रहे 19 सूत्रीय जनकल्याणकारी कार्यों की सराहना की और नवीन विद्यालय भवन को शिक्षा के क्षेत्र में एक नया और स्वर्णिम अध्याय बताया।
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