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Jashpur News: जशपुर के ऐतिहासिक रानीसती (डोंगा) तालाब का बदलेगा स्वरूप; ₹4.17 करोड़ से होगा जीर्णोद्धार

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जशपुर। जशपुर शहर के हृदय स्थल में स्थित ऐतिहासिक रानीसती उद्यान तालाब और पार्क का करोड़ों रुपये की लागत से भव्य जीर्णोद्धार किया जाएगा। इस प्राचीन तालाब और पार्क को नया आधुनिक स्वरूप देने के लिए राज्य सरकार ने ₹4.17 करोड़ की तकनीकी स्वीकृति प्रदान कर दी है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्देश और उप मुख्यमंत्री अरुण साव की स्वीकृति के बाद नगर पालिका परिषद जशपुर ने निर्माण कार्य के लिए औपचारिक निविदा (टेंडर) प्रक्रिया शुरू कर दी है। महापर्व छठ पूजा संपन्न होने के ठीक बाद तालाब के जीर्णोद्धार का काम धरातल पर शुरू करने की पूरी तैयारी है।

🛶 ‘डोंगा तालाब’ के नाम से भी प्रसिद्ध है परिसर: लंबे समय से सफाई न होने के कारण बिगड़ा था स्वरूप

उल्लेखनीय है कि सती उद्यान तालाब को जशपुर शहर में स्थानीय निवासियों द्वारा ‘डोंगा तालाब’ के नाम से भी जाना जाता है।

धार्मिक और सामाजिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण इस तालाब की लंबे समय से समुचित सफाई न होने के कारण इसमें जलीय खरपतवार का अत्यधिक फैलाव हो गया था। इससे न केवल तालाब की जलधारण क्षमता प्रभावित हुई, बल्कि इसका प्राकृतिक स्वरूप भी बिगड़ गया था। शहरवासियों की लगातार उठ रही मांग को देखते हुए नगर पालिका परिषद ने विस्तृत जीर्णोद्धार प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेजा था।

📜 राज परिवार से मिली अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC): प्रियांवदा सिंह जूदेव के सहयोग से प्रस्ताव हुआ पास

नगर पालिका अध्यक्ष अरविंद भगत के अनुसार, तालाब के जीर्णोद्धार का प्रस्ताव तैयार करने से पूर्व सभी कानूनी और आवश्यक प्रक्रियाएं पूरी की गईं।

जशपुर राज परिवार की निजी संपत्ति के अधीन आने वाले इस तालाब में जनहितैषी विकास कार्यों के लिए राज्य महिला आयोग की सदस्य प्रियांवदा सिंह जूदेव ने नगर पालिका परिषद को अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) जारी किया। इसके बाद ही पालिका द्वारा शासन को आधिकारिक प्रस्ताव भेजा गया था। अध्यक्ष ने बताया कि स्वीकृति मिलते ही टेंडर जारी कर दिए गए हैं और छठ पूजा के बाद कार्य प्रगति पर होगा।

🚜 पानी खाली कर होगी गाद की सफाई और गहरीकरण: जल संचयन क्षमता बढ़ाने पर जोर

जीर्णोद्धार की कार्ययोजना के तहत तालाब का पूरा पानी खाली किया जाएगा और वर्षों से जमा गाद व जलीय खरपतवार को बाहर निकाला जाएगा।

इसके बाद तालाब का वैज्ञानिक तरीके से गहरीकरण किया जाएगा, ताकि बारिश के पानी का अधिकतम संचयन हो सके और इसकी जलधारण क्षमता कई गुना बढ़ जाए। भविष्य में दोबारा जलकुंभी या खरपतवार का अत्यधिक फैलाव न हो, इसके लिए विशेष रासायनिक और जैविक उपचार की व्यवस्था भी प्रोजेक्ट में शामिल की गई है।

💡 पार्क को मिलेगा नया आधुनिक रूप: सोलर लाइट, रेन वाटर हार्वेस्टिंग और पाथवे का निर्माण

सती उद्यान तालाब के साथ-साथ उससे लगे पार्क का भी पूर्ण जीर्णोद्धार और सौंदर्यीकरण किया जाएगा।

सुरक्षा और रोशनी के लिए पूरे परिसर में हाईमास्ट लाइटों के साथ-साथ पर्यावरण अनुकूल सोलर स्ट्रीट लाइटें लगाई जाएंगी। परिसर में रेन वाटर हार्वेस्टिंग (वर्षा जल संचयन) और आधुनिक वाटर फिल्टर प्लांट की स्थापना भी प्रस्तावित है। सुरक्षा की दृष्टि से चारों तरफ बाउंड्रीवाल, फेसिंग, टो वाल और पिचिंग का कार्य होगा। साथ ही तालाब के चारों ओर पेवर ब्लॉक पाथवे, घाटों की मरम्मत, बैठने के लिए आरामदायक बेंच और व्यापक पौधरोपण किया जाएगा।

🛕 आस्था और परंपरा का केंद्र है रानीसती परिसर: नवरात्र और अघोरपीठ से जुड़ा है गहरा संबंध

रानीसती उद्यान और तालाब केवल एक सार्वजनिक स्थल नहीं है, बल्कि जशपुर की सांस्कृतिक और धार्मिक धरोहरों का केंद्र भी है।

तालाब परिसर में ‘शत्रुंजय प्रताप सिंह जूदेव स्मृति छठ घाट’ के साथ-साथ पारंपरिक शक्ति पूजा स्थल स्थित है। शारदेय नवरात्र के दौरान यहाँ राजपुरोहितों द्वारा विशेष पूजा-अर्चना की जाती है। तालाब के किनारे पवित्र ‘वृक्ष गंगा’ स्थित है, वहीं पार्क में समाधि स्थल भी है जहाँ गम्हरिया स्थित अघोरपीठ के स्थापना दिवस पर श्रद्धालु जुटते हैं। यही कारण है कि स्थानीय निवासी वर्षों से इसके संरक्षण की आस लगाए बैठे थे।

🗿 पार्क में स्थापित होगी शत्रुंजय प्रताप सिंह जूदेव की आदमकद प्रतिमा: ‘सुच्चा बाबा’ को दी जाएगी श्रद्धांजलि

जीर्णोद्धार और सौंदर्यीकरण कार्य पूर्ण होने के पश्चात सती उद्यान पार्क में जशपुर राज परिवार के सदस्य और नगर पालिका जशपुर के पूर्व उपाध्यक्ष दिवंगत शत्रुंजय प्रताप सिंह जूदेव की भव्य आदमकद प्रतिमा स्थापित करने की योजना है।

नगर पालिका अध्यक्ष अरविंद भगत ने बताया कि ‘सुच्चा बाबा’ के नाम से लोकप्रिय रहे शत्रुंजय प्रताप सिंह जूदेव का जशपुर शहर, जन-जन और विशेषकर युवाओं से बेहद गहरा और आत्मीय जुड़ाव रहा है। उनकी स्मृति को अक्षुण्ण रखने के लिए यह प्रतिमा स्थापित की जाएगी।

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