नई दिल्ली। विदेशी पोर्टफोलियो निवेशक (FPI) साल 2021 में लगातार दूसरे महीने शुद्ध निवेशक बने हुए हैं। विदेशी निवेशक फरवरी महीने में भारतीय बाजारों में 23,663 करोड़ रुपये का शुद्ध निवेश कर चुके हैं। आम बजट को लेकर सकारात्मक धारणा और कंपनियों के दिसंबर तिमाही के नतीजे अच्छे रहने के बीच एफपीआई द्वारा यह निवेश किया गया है। एफपीआई ने साल 2020 में भारतीय बाजारों में भारी निवेश किया था और यह क्रम साल 2021 में भी जारी है।
डिपॉजिटरी आंकड़ों के अनुसार, 1 से 26 फरवरी के दौरान एफपीआई ने शेयरों में शुद्ध रूप से 25,787 करोड़ रुपये निवेश किये हैं। वहीं, एफपीआई ने ऋण या बॉन्ड बाजार से 2,124 करोड़ रुपये की निकासी भी की है। इस तरह एफपीआई ने फरवरी में भारतीय बाजारों में शुद्ध रूप से 23,663 करोड़ रुपये का निवेश किया है।
इससे पहले पिछले महीने यानी जनवरी, 2021 में एफपीआई ने भारतीय बाजारों में शुद्ध रूप से 14,649 करोड़ रुपये का निवेश किया था। कोटक सिक्योरिटीज के उपाध्यक्ष एवं प्रमुख (बुनियादी शोध) रुस्मिक ओझा ने बताया कि इस महीने एफपीआई के इनफ्लो का प्रमुख कारण आम बजट और कंपनियों के अच्छे तिमाही नतीजे रहे। ओझा ने कहा कि जो यील्ड साल की शुरुआत में 0.91 फीसद से शुरू हुई थी, वह अब बढ़कर 1.47 फीसद हो गई है। इससे विश्व भर में बॉन्ड यील्ड में तेजी आएगी
जियोजीत फाइनेंशियल सर्विसेज के मुख्य निवेश रणनीतिकार वी के विजयकुमार ने कहा कि अमेरिका में 10 साल के बॉन्ड पर प्राप्ति बढ़ने से एफपीआई का प्रवाह सुस्त हुआ है। उन्होंने बताया कि पूंजी प्रवाह में अमेरिका के 10 साल के बॉन्ड पर प्राप्ति का महत्वपूर्ण योगदान है। उन्होंने कहा कि मुद्रास्फीति को लेकर बॉन्ड पर प्राप्ति बढ़ रही है और इससे पूंजी का प्रवाह कमजोर पड़ेगा।
यहां बता दें कि बीते हफ्ते बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 3.80 फीसद या 1939.32 अंक की गिरावट के साथ 49,099.99 पर बंद हुआ। वहीं, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का सूचकांक निफ्टी 3.76 फीसद या 568.20 अंक की गिरावट के साथ 14,529.15 पर बंद हुआ।
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