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फारूक अब्दुल्ला बोले- मेरी दिली ख्वाहिश है कि कश्मीरी पंडितों की सम्मान सहित घाटी वापसी हो

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जम्मू: नेशनल कांफ्रेंस के प्रधान डा. फारूक अब्दुल्ला ने कहा कि वह अपने जीते जी कश्मीरी पंडितों की सम्मान के साथ घाटी वापसी होते देखना चाहते हैं। इस बारे में वह केंद्र सरकार से भी बात करेंगे।

डॉ फारूक अब्दुल्ला शहर के केके रिजार्ट में आयोजित शिवरात्रि मिलन में बोल रहे थे। कश्मीरी पंडित समुदाय की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम के दौरान डॉ अब्दुल्ला ने पुराने दिनों को याद करते हुए कहा कि कश्मीर में पहले सबकुछ बेहतर था। हरेक समुदाय मिलकर रहता था। दुख-खुशी के अवसर पर सब इकट्ठा हाेते थे। ईद, शिवरात्रि समेत हर त्यौहार पर वह रौनक ही कुछ ओर होती थी।

इतना कहते-कहते डॉ अब्दुल्ला भावुक हो गए और बोले मैं अपने जीते-जी वही कश्मीर देखना चाहता हूं। यह मिली ख्वाहिश है कि कश्मीरी पंडित उसी सम्मान के साथ घाटी में रहें जैसा की वे पहले रहा करते थे। वहां के लोगों को आज भी अपने पंडित भाइयों के आने का इंतजार है। मौके पर नेकां के प्रांतीय प्रधान देवेंद्र राणा ने भी अपने विचार व्यक्त किए।

कश्मीरी पंडितों में शिव रात्रि का पर्व आज से आरंभ हो गया है जोकि अगले 24 दिनों तक चलेगा। इससे पूर्व प्रो. पीएन त्रिशूल ने अपने संबोधन में कश्मीरी पंडितों के शिव रात्रि महोत्सव की बारीकी से जानकारी दी और बताया कि कश्मीरी संस्कृति में इसका क्या महत्व है। वहीं कश्मीरी पंडितों की घाटी वापसी, कश्मीर में मंदिरों के संरक्षण का उन्होंने मुद्दा उठाया। मौके पर विरेंद्र टिक्कू भी उपस्थित थे। उन्होंने कहा कि कश्मीरी पंडितों की संस्कृति में आज से शिवरात्रि का पर्व शुरू है। यह पर्व कश्मीरी पंडितों में खुश्हाली लेकर आए, ऐसी उनकी कामना है।

कांग्रेस देश में मजबूत बने: बाद में मीडिया से बातचीत करते हुए डा. फारूक अब्दुल्ला ने कहा कि वह चाहते हैं कि कांग्रेस देश में मजबूत बने। यह इसलिए ताकि देश को बांटने वाली ताकतों से एकजुट होकर लड़ा जा सके। इस समय देश के लोगों की नजरें भी कांग्रेस पर हैं ताकि लाेगों की बुनियादी दिक्कतों का हल निकले।

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