अयोध्या में आठ राज्यों के सीएम ने किया रामलला का दर्शन, जेपी नड्डा बोले- पूरी हो रही करोड़ों देशवासियों की आकांक्षा
अयोध्या। सोमवार काशी के लिए तो बुधवार का दिन अयोध्या के इतिहास के स्वर्णिम पृष्ठों में अंकित हो गया। पहली बार एक साथ बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा, भाजपा शासित आठ राज्यों के मुख्यमंत्री व तीन उपमुख्यमंत्रियों ने रामलला का दर्शन पूजन किया। सात मुख्यमंत्रियों ने सपत्नीक दर्शन-पूजन किया। सभी नेताओं ने रामलला, बजरंगबली के दर्शन-पूजन के साथ सरयू जी की आरती भी उतारी। भाजपाध्यक्ष ने कहा कि काशी के उत्सव से पूरी दुनिया को सांस्कृतिक राष्ट्रवाद की झलक मिली है, जबकि अयोध्या में राममंदिर निर्माण के साथ करोड़ों देशवासियों की आकांक्षा पूरी हो रही है। काशी के बाद अब अयोध्या के भी भव्य-दिव्य बनने की बारी है।
भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा के साथ मुख्यमंत्रियों एवं उपमुख्यमंत्रियों ने रामजन्मभूमि परिसर में मंदिर निर्माण की प्रक्रिया को भी जाना। परिसर में ही उन्हें मंदिर निर्माण से संबंधित लघु फिल्म दिखाई गई। श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपतराय ने सभी नेताओं को मंदिर निर्माण के बारे में विस्तार से जानकारी दी। एलएंडटी के निदेशक विनोद मेहता ने निर्माण के तकनीकी पक्ष पर प्रकाश डाला।
भाजपा अध्यक्ष व मुख्यमंत्रियों के आगमन का क्रम करीब पौने 12 बजे आरंभ हुआ। दर्शन पूजन करने वालों में जेपी नड्डा के साथ उनकी पत्नी मल्लिका नड्डा, मध्यप्रदेश के सीएम शिवराज सिंह चौहान व उनकी पत्नी साधना सिंह, त्रिपुरा के मुख्यमंत्री बिप्लव कुमार देब व उनकी पत्नी नीति देब, अरुणाचल के मुख्यमंत्री पेमा खांडू व उनकी पत्नी त्सेरिंग डोल्मा, मणिपुर के मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह व उनकी पत्नी हियानु देवी, हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहरलाल खट्टर, गुजरात के सीएम भूपेंद्र भाई पटेल व उनकी पत्नी हेतल पटेल, असम के मुख्यमंत्री डा. हिमंत बिस्वा सरमा व उनकी पत्नी रिंकी भुयान सरमा, गोवा के सीएम प्रमोद सावंत व उनकी पत्नी सुलक्षणा सावंत, बिहार की उपमुख्यमंत्री रेणु देवी व तारकेश्वर प्रसाद एवं उनकी पत्नी रेणु प्रसाद, अरुणाचल के उपमुख्यमंत्री चोना मीन व राज्यसभा सदस्य विनय सहस्त्रबुद्धे थे। जिले के प्रभारी मंत्री नीलकंठ तिवारी ने राज्य सरकार की ओर से सभी का स्वागत किया। रामजन्मभूमि परिसर में ट्रस्ट के सदस्य व अयोध्या राजपरिवार के मुखिया बिमलेंद्र मोहन मिश्र व डा. अनिल मिश्र भी मौजूद रहे।