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पांच माह पहले ही खरीफ फसलों की तैयारी में जुटी सरकार

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भोपाल । प्रदेश में किसानों को आत्मनिर्भर बनाने और खाद-बीज की होने वाली किल्लत को दूर करने के लिए शिवराज सरकार जुट गई है। सरकार का पूरा फोकस इस बात पर है कि किसानों को खाद की समस्या का सामना न करना पड़े। इसलिए सरकार ने जुलाई में होने वाली खरीफ की बुवाई के लिए अभी से तैयारी में जुट गई है। सरकार का पूरा प्रयास है कि प्रदेश को सात बार कृषि कर्मण अवार्ड दिलाने वाले किसानों को समय पर खाद मिल सके, ताकि न किसान परेशान हो और खेती को लाभ का धंधा बनाया जा सके।
गौरतलब है कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान मप्र को आत्मनिर्भर बनाने के अभियान में जुटे हुए हैं। इसके लिए किसानों को आत्मनिर्भर बनाया जा रहा है। किसान तभी आत्मनिर्भर बनेंगे जब उनको समय पर खाद-बीज और पानी मिल पाएगा। मुख्यमंत्री के दिशा-निर्देश पर खाद-बीज और पानी की अग्रिम व्यवस्था के प्रयास शुरू हो गए हैं। किसानों को समय पर और पर्याप्त मात्रा में खाद मिल जाए, इसके लिए केंद्र सरकार ने राज्य के प्रस्ताव पर सहमति दे दी है। इस बार 13 लाख टन यूरिया, 10 लाख टन डीएपी और ढाई लाख टन एनपीके की आपूर्ति पूरे सीजन में केंद्र सरकार करेगी। यह पिछले साल की तुलना में अधिक है। इसके साथ ही सरकार ने अपने स्तर से अतिरिक्त खाद की व्यवस्था भी बनाई है।
8 लाख टन खाद का अग्रिम भंडारण
प्रदेश में प्रतिवर्ष सीजन के समय खाद की समस्या सामने आती है। प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों के ऊपर काफी दबाव भी बनता है क्योंकि किसानों को 70 प्रतिशत खाद इसी माध्यम से उपलब्ध होती है। इसे देखते हुए सरकार ने इस बार आठ लाख मीट्रिक टन खाद का अग्रिम भंडारण करने का निर्णय लिया हैै। इसमें सरकार अपने संसाधनों से चार लाख टन यूरिया, तीन लाख टन डीएपी और एक लाख टन कांप्लेक्स खाद का भंडारण करेगी। यह खाद किसानों को बिना ब्याज लिए सीजन प्रारंभ होने से पहले दी जाएगी। इसके साथ ही केंद्र सरकार को खरीफ सीजन के लिए खाद आपूर्ति का जो प्रस्ताव भेजा था, उस पर सहमति बन गई है। अपर मुख्य सचिव कृषि अजीत केसरी ने गतदिनों केंद्र सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक की। इसमें तय हुआ कि केंद्र सरकार 13 लाख मीट्रिक टन यूरिया, 10 लाख मीट्रिक टन डीएपी और ढाई लाख टन एनपीके की आपूर्ति पूरे सीजन में करेगी। पिछले साल 12.16 लाख टन यूरिया, छह लाख तीन हजार टन डीएपी और एक लाख 63 हजार टन एनपीके की आपूर्ति की गई थी।
दो महीने पहले उपलब्ध कराई जाएगी खाद
सहकारी समितियों को खरीफ फसलों की बोवनी प्रारंभ होने के पहले मई में खाद उपलब्ध कराई जाएगी। आपूर्ति पिछले साल की खपत के आधार पर की जाएगी। इसके लिए कृषि विभाग ने समितियों से पिछले साल की बिक्री की जानकारी बुलाकर कार्ययोजना बनाई है। कृषि विभाग के अधिकारियों ने बताया कि प्रदेश में अभी पांच लाख मीट्रिक टन से अधिक खाद का भंडारण है। इसमें दो लाख 25 हजार मीट्रिक टन यूरिया, 70 हजार टन डीएपी, दो लाख टन सिंगल सुपर फास्फेट और 40 हजार टन एनपीके है। बीते रबी सीजन में किसानों को 16.50 लाख मीट्रिक टन यूरिया, पांच लाख 80 हजार मीट्रिक टन डीएपी, छह लाख 50 हजार मीट्रिक टन सिंगल सुपर फास्फेट और साढ़े तीन लाख मीट्रिक टन एनपीके की आपूर्ति की गई है।

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