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तीन साल से सिर्फ नर्मदा जल का सेवन करने वाले दादा गुरु की साधना पर स्वास्थ्य विभाग करेगा शोध, मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने किया यह ट्ट

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कथित तौर पर पिछले तीन साल सात माह से अधिक समय तक सिर्फ नर्मदा जल ही ग्रहण रहे दादा गुरु की साधना पर स्वास्थ्य विभाग शोध करेगा। शोध के दौरान ये पता लगाने का प्रयास किया जाएगा कि आखिर नर्मदा जल में ऐसे कौन से तत्व हैं जिसके सेवन से कोई व्यक्ति इतने लंबे समय तक बिना अन्न ग्रहण किए जीवित रह सकता है।

इसी सिलसिले में मंगलवार को कलेक्टर दीपक सक्सेना ने मदन महल स्थित शिमला हिल्स में दादा गुरु से सौजन्य भेंट की। इस दौरान संचालनालय लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा द्वारा जारी निर्देशों पर चर्चा की। ये भी अवगत कराया कि ये शोध मुख्य रूप से महायोगी दादा गुरु के साधना पर शोध एवं उसकी प्रमाणिकता को विश्व मानस पटल पर प्रमाणिक तौर पर स्थापित करने के संबंध में है।

संचालनालय के निर्देशानुसार अधिष्ठाता नेताजी सुभाष चंद्र बोस मेडिकल कालेज द्वारा इस कार्य के लिए विशेषज्ञों की एक समिति गठित की गई है। जिसमें अध्यक्ष पूर्व प्राध्यापक, कार्डियोलाजी एवं पूर्व कुलपति एमपीएमएसयू जबलपुर डा. आरएस शर्मा एवं सदस्य सहायक प्राध्यापक मेडिसिन डा. प्रशांत पुणेकर, सहायक प्राध्यापक पैथोलाजी विभाग डा. राजेश महोबिया, नर्मदा मिशन के अध्यक्ष नीलेश रावल होंगे।

 

नियमित होगी स्वास्थ्य की जांच

 

चिकित्सकों की समिति नियमित रूप से दादा गुरु का पल्स, ब्लड प्रेशर, इसीजी इत्यादि की जांच करेगी, आवश्यकतानुसार ब्लड, शुगर, कोलेस्ट्राल, यूरिया, यूरिक एसिड इत्यादि की जांच करेगी। जरूरत अनुसार अन्य जांचे जो समिति द्वारा उचित समझी जावे वो भी की जाएगी।

समिति जांच रिपोर्ट तीन सप्ताह उपरांत रजिस्ट्रार मेडिकल कौंसिल को प्रस्तुत करेगी। साथ ही यह निर्देश दिया गया कि उपरोक्त कार्य अत्यधिक सावधानीपूर्वक किया जाना है तथा दादा गुरू को 24 घंटे एवं सात दिनों तक सतत् निगरानी में रखा जाए। उल्लेखनीय है कि दादा गुरु 3 साल 7 माह से अधिक समय तक सिर्फ नर्मदा जल ही ग्रहण कर रहें हैं। कलेक्टर ने भी शोध संबंधी विभिन्न सावधानियों के संबंध में संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए।

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